मुहर्रम 2025: उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर में ली तैयारियों की समीक्षा, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार, 15 जून 2026 को श्रीनगर में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें आगामी मुहर्रम के दौरान शांतिपूर्ण और सुचारू आयोजन सुनिश्चित करने पर केंद्रित चर्चा हुई। बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न शिया संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल रहे।
बैठक में कौन-कौन शामिल हुए
इस उच्चस्तरीय बैठक में उपमुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री, संबंधित विधायक, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और शिया संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। शिया प्रतिनिधियों ने मुहर्रम के दौरान विशेष ध्यान देने योग्य मुद्दे उठाए और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव साझा किए।
विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी अपनी-अपनी तैयारियों और जारी कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
मुख्यमंत्री के निर्देश
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मुहर्रम से पहले सभी तैयारियाँ पूरी कर ली जाएँ। उन्होंने कहा कि धार्मिक सभाओं और जुलूसों में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और वे परंपरागत तरीके से मुहर्रम मना सकें।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने निर्बाध बिजली और पानी की आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाएँ, सफाई व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और अन्य आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाए रखने और नागरिकों की शिकायतों तथा सेवाओं से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान की व्यवस्था करने को भी कहा।
जम्मू-कश्मीर में मुहर्रम का महत्व
जम्मू-कश्मीर में मुहर्रम के दौरान बड़े पैमाने पर धार्मिक सभाएँ और जुलूस निकाले जाते हैं, विशेषकर शिया बहुल क्षेत्रों में। प्रशासन हर वर्ष इन आयोजनों के शांतिपूर्ण और व्यवस्थित संचालन के लिए व्यापक इंतजाम करता है।
गौरतलब है कि मुहर्रम इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना है और इसी के साथ इस्लामी नववर्ष की शुरुआत होती है। इस वर्ष मुहर्रम 16 जून से प्रारंभ हो रहा है, जिसके साथ इस्लामी वर्ष 1448 हिजरी का आगाज होगा।
आशूरा और उसका ऐतिहासिक संदर्भ
मुहर्रम माह में दो प्रमुख धार्मिक अवसर आते हैं — आशूरा (मुहर्रम की 10वीं तारीख) और हिजरत की शुरुआत। इस वर्ष आशूरा 25 जून को मनाया जाएगा।
दुनियाभर में शिया मुस्लिम मुहर्रम के दौरान बड़े शोक जुलूस निकालते हैं। ये जुलूस पैगंबर हजरत मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन की शहादत की स्मृति में आयोजित होते हैं, जिन्हें इराक के कर्बला में दूसरे उमय्यद खलीफा यजीद की सेना ने शहीद किया था।
आगे की तैयारी
सरकार की ओर से श्रद्धालुओं को सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई गई है। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब मुहर्रम की शुरुआत में केवल एक दिन शेष था, जो प्रशासन की अग्रसक्रिय तैयारी को दर्शाता है।