बांदीपोरा में मोहर्रम की तैयारियों का जायजा, DC इंदु कंवल चिब ने इमामबाड़ा और जुलूस मार्ग का किया निरीक्षण
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा में उपायुक्त इंदु कंवल चिब ने 8 जून को मोहर्रम की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि जुलूस मार्ग तथा धार्मिक स्थलों पर कोई कमी न रहे। उन्होंने इमामबाड़ा सहित उन तमाम स्थानों का दौरा किया जहाँ से मोहर्रम का काफिला गुजरेगा, और खामियाँ पाए जाने पर तत्काल सुधार के आदेश दिए।
निरीक्षण का दायरा
उपायुक्त इंदु कंवल चिब ने कहा, 'मोहर्रम को लेकर प्रशासन की तरफ से हर साल तैयारी की जाती है। हमने तैयारियों की समीक्षा की और यह जानने की भी कोशिश की कि कहाँ पर खामी आ रही है।' उन्होंने बताया कि टीम ने इमामबाड़ा और जुलूस के पूरे मार्ग का भ्रमण किया, ताकि यह आकलन हो सके कि अब तक प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई हुई है और कहाँ कुछ बाकी रह गया है।
ड्रेनेज और अन्य खामियाँ
निरीक्षण के दौरान ड्रेन की समस्या सामने आई। उपायुक्त ने कहा कि ड्रेन को क्लियर करने की आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त, कुछ अन्य बिंदु भी चिह्नित किए गए हैं जिन्हें जल्द दूर करने के निर्देश संबंधित विभागों को दे दिए गए हैं।
मोहर्रम का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
मोहर्रम इस्लामिक कैलेंडर का पहला महीना है और मुख्य रूप से शिया मुसलमानों के लिए शोक का महीना माना जाता है। इस महीने की 10 तारीख को इमाम हुसैन (रजि.) और उनके 72 साथियों की करबला में शहादत हुई थी। शिया समुदाय इस घटना की स्मृति में मातम, जुलूस, ताजिया और मजलिस के आयोजन करता है। यह पर्व शांति, बलिदान और न्याय के संदेश का प्रतीक है।
प्रशासन की प्राथमिकता
गौरतलब है कि बांदीपोरा जैसे संवेदनशील जिले में मोहर्रम के आयोजन के लिए प्रशासन हर वर्ष अग्रिम तैयारी करता है। इस बार उपायुक्त ने स्वयं मैदान में उतरकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया, जो प्रशासन की सतर्कता और सामुदायिक सद्भाव के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आने वाले दिनों में सभी चिह्नित कमियों को दूर कर लिए जाने की उम्मीद है।