शामली में कांवड़ यात्रा 2025: डीएम आलोक यादव और एसपी ने मुजफ्फरनगर बॉर्डर से किया संयुक्त निरीक्षण
सारांश
मुख्य बातें
शामली जिला प्रशासन ने आगामी कांवड़ यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए तेज़ी से काम शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी आलोक यादव और पुलिस अधीक्षक ने मंगलवार, 22 जुलाई को मुजफ्फरनगर बॉर्डर से लेकर जिले के संपूर्ण कांवड़ मार्ग का संयुक्त निरीक्षण किया। विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुए इस दौरे में यात्रा मार्ग की स्थिति का जायज़ा लिया गया और लंबित कार्यों को यात्रा आरंभ होने से पूर्व पूरा करने के सख्त निर्देश दिए गए।
मार्ग पर क्या-क्या हुआ निरीक्षण
जिलाधिकारी आलोक यादव ने बताया कि निरीक्षण के दौरान बिजली, सड़क, सफाई, परिवहन और सुरक्षा — सभी पहलुओं की समीक्षा की गई। बिजली विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि कांवड़ मार्ग पर स्थित बिजली के खंभों पर छह से सात फीट तक इंसुलेशन कराया जाए, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। मार्ग पर जहाँ-जहाँ छोटे गड्ढे थे, उन्हें भरने का काम लगभग पूरा हो चुका है। बनत चौराहे पर चिह्नित कमियों को भी दूर किया जा रहा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर खराब ट्रैफिक लाइटों की मरम्मत का काम जारी है। जिन स्थानों पर जलभराव की शिकायत मिली थी, वहाँ मिट्टी डालकर रास्ते को समतल किया जा रहा है। परिवहन विभाग और रोडवेज अधिकारियों को अस्थायी बस अड्डे की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि नगर निकाय को सफाई और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा गया है।
डाक कांवड़ के लिए बाईपास मार्ग
इस वर्ष डाक कांवड़ को शहर के मध्य से नहीं, बल्कि बाईपास मार्ग से निकाला जाएगा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस निर्णय से शहर की यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहेगी और श्रद्धालुओं की आवाजाही भी सुरक्षित तरीके से हो सकेगी। यह व्यवस्था पिछले वर्षों की भीड़ से सबक लेते हुए की गई है।
कांवड़ शिविरों के लिए विशेष दिशा-निर्देश
प्रशासन ने कांवड़ शिविरों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शिविरों में सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा और विद्युत सुरक्षा के मानकों का पालन अनिवार्य किया गया है। साथ ही, शिविरों को मुख्य सड़क से निर्धारित दूरी पर स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वाहनों की चपेट में आने जैसी दुर्घटनाओं की आशंका न रहे।
यात्रा अवधि के दौरान मीट की दुकानें बंद रहेंगी। संबंधित दुकानदारों को नगर निकाय के माध्यम से पहले ही इसकी सूचना दे दी गई है।
यमुना घाटों पर सुरक्षा प्रबंध
यमुना नदी में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने घाटों पर गोताखोरों की तैनाती की है और गश्ती नावों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। जिलाधिकारी आलोक यादव ने बताया कि प्रशासन लगातार निगरानी रखेगा ताकि श्रद्धालु अधिक गहरे पानी में स्नान करने का जोखिम न उठाएँ। प्रशासन को उम्मीद है कि इस वर्ष कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न होगी।