4 जुलाई 2026
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कांवड़ यात्रा 2025: सूरजपुर में DCP शैलेन्द्र कुमार सिंह ने नागरिकों व DJ संचालकों संग की अहम बैठक

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कांवड़ यात्रा 2025: सूरजपुर में DCP शैलेन्द्र कुमार सिंह ने नागरिकों व DJ संचालकों संग की अहम बैठक

सारांश

कांवड़ यात्रा से पहले गौतमबुद्धनगर पुलिस ने सूरजपुर में नागरिकों, डीजे संचालकों और शिविर आयोजकों के साथ बैठक कर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए — ध्वनि नियम, चिन्हित स्थान, बिजली सुरक्षा और मेडिकल किट अनिवार्य।

मुख्य बातें

डीसीपी शैलेन्द्र कुमार सिंह ने 4 जुलाई को थाना सूरजपुर में कांवड़ यात्रा को लेकर महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित की।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में बैठक में नागरिक, डीजे संचालक और शिविर आयोजक शामिल हुए।
डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों का संचालन केवल प्रशासन की अनुमति और निर्धारित मानकों के अनुसार होगा।
सभी कांवड़ शिविर प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थानों पर ही लगाए जाएँ; यातायात बाधित न हो।
वर्षा ऋतु को देखते हुए विद्युत उपकरणों की नियमित जाँच और प्रत्येक शिविर में आपातकालीन मेडिकल किट रखना अनिवार्य।
नागरिकों से संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील।

गौतमबुद्धनगर पुलिस प्रशासन ने आगामी कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए अपनी तैयारियाँ पूरी तरह तेज कर दी हैं। 4 जुलाई को थाना सूरजपुर क्षेत्र में पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में डीसीपी सेंट्रल नोएडा शैलेन्द्र कुमार सिंह और एसीपी-3 राजीव कुमार गुप्ता के नेतृत्व में संभ्रांत नागरिकों, डीजे संचालकों तथा शिविर आयोजकों के साथ एक महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित की गई। यह बैठक इस बात का संकेत है कि प्रशासन इस वर्ष किसी भी अव्यवस्था की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहता।

बैठक में क्या हुआ

गोष्ठी के दौरान पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित सभी लोगों से कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासन का सक्रिय सहयोग करने की अपील की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि धार्मिक आयोजनों में आपसी भाईचारा, सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखना केवल पुलिस की नहीं, बल्कि हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। किसी भी ऐसे कार्य से बचने की हिदायत दी गई जो शांति भंग कर सके।

विशेष रूप से डीजे संचालकों को निर्देश दिए गए कि ध्वनि विस्तारक यंत्रों और डीजे का संचालन केवल शासन-प्रशासन द्वारा निर्धारित मानकों और अनुमति के अनुसार ही किया जाए। अधिकारियों ने कहा कि इससे आम नागरिकों को असुविधा नहीं होगी और यात्रा का धार्मिक माहौल बना रहेगा।

शिविर आयोजकों को दिशा-निर्देश

कांवड़ शिविरों के आयोजकों को निर्देश दिया गया कि सभी शिविर केवल प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थानों पर ही लगाए जाएँ, ताकि यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो और श्रद्धालुओं तथा आम नागरिकों की आवाजाही सुचारु बनी रहे। शिविरों में साफ-सफाई, पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा और सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।

वर्षा ऋतु को देखते हुए अधिकारियों ने शिविर आयोजकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि शिविरों में लगे विद्युत उपकरणों, तारों और बिजली संबंधी व्यवस्थाओं की नियमित जाँच की जाए, ताकि बारिश के दौरान करंट या शॉर्ट सर्किट जैसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके। साथ ही प्रत्येक शिविर में आपातकालीन मेडिकल किट उपलब्ध रखने के भी निर्देश दिए गए।

यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था

बैठक में संबंधित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि कांवड़ यात्रा के दौरान प्रमुख मार्गों पर प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। इससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और यातायात का प्रवाह बाधित न हो।

गौरतलब है कि कांवड़ यात्रा के दौरान गौतमबुद्धनगर जिले में लाखों की संख्या में श्रद्धालु गुजरते हैं, जिससे यह क्षेत्र प्रशासनिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील हो जाता है। ऐसे में पुलिस की अग्रिम तैयारी और सामुदायिक सहभागिता को विशेषज्ञ सकारात्मक कदम मानते हैं।

आम नागरिकों से अपील

पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या कानून-व्यवस्था से जुड़ी सूचना तत्काल पुलिस को दें और प्रशासन के साथ सहयोग बनाए रखें। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि कांवड़ यात्रा को सकुशल और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा एवं व्यवस्थागत इंतजाम किए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में और भी बैठकें आयोजित किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा जमीन पर अनुपालन की होगी। डीजे और ध्वनि नियमों का उल्लंघन हर वर्ष विवाद का कारण बनता है, और केवल बैठक आयोजित करने से यह नहीं रुकता। बिजली सुरक्षा और मेडिकल किट जैसे निर्देश सराहनीय हैं, पर इनकी निगरानी के लिए पर्याप्त पुलिस बल और जवाबदेही तंत्र की जरूरत होगी। यदि प्रशासन इस वर्ष उल्लंघनकर्ताओं पर कार्रवाई सुनिश्चित करता है, तभी यह बैठक अर्थपूर्ण साबित होगी।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांवड़ यात्रा 2025 को लेकर सूरजपुर में क्या बैठक हुई?
4 जुलाई को थाना सूरजपुर क्षेत्र में डीसीपी शैलेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में नागरिकों, डीजे संचालकों और शिविर आयोजकों के साथ गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें कांवड़ यात्रा के दौरान शांति व्यवस्था, ध्वनि नियम और शिविर प्रबंधन पर दिशा-निर्देश दिए गए।
डीजे संचालकों को पुलिस ने क्या निर्देश दिए?
पुलिस ने डीजे संचालकों को निर्देश दिया कि ध्वनि विस्तारक यंत्रों और डीजे का संचालन केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित मानकों और अनुमति के अनुसार ही किया जाए। नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
कांवड़ शिविर आयोजकों के लिए क्या नियम बनाए गए हैं?
शिविर केवल प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थानों पर लगाए जाएँ और वहाँ साफ-सफाई, पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा तथा आपातकालीन मेडिकल किट की व्यवस्था अनिवार्य है। वर्षा ऋतु को देखते हुए विद्युत उपकरणों की नियमित जाँच भी जरूरी बताई गई है।
कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था कैसे बनाए रखी जाएगी?
प्रमुख मार्गों पर प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। शिविर केवल चिन्हित स्थानों पर लगाने से यातायात बाधित नहीं होगा।
आम नागरिक कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस की कैसे मदद कर सकते हैं?
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या कानून-व्यवस्था से जुड़ी सूचना तत्काल पुलिस को दें। इसके अलावा शांति बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें और किसी भी ऐसे कार्य से बचें जो माहौल बिगाड़ सके।
राष्ट्र प्रेस
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