बशर अल-असद को सीरियाई अदालत ने सुनाई मौत की सजा, रूस में निर्वासित जीवन बिता रहे पूर्व राष्ट्रपति
सारांश
मुख्य बातें
सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद को दमिश्क की एक अदालत ने मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को मौत की सजा सुनाई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अदालत ने उन्हें विरोधियों को गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में रखने, पूर्व नियोजित हत्या, यातना देने और मानवता के विरुद्ध अपराधों का दोषी ठहराया है। असद इस सुनवाई के दौरान अदालत में मौजूद नहीं थे — वे फिलहाल रूस में निर्वासित जीवन बिता रहे हैं।
किन-किन को सुनाई गई सजा
सीरियन अरब न्यूज़ एजेंसी (SANA) की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने बशर अल-असद के साथ-साथ उनके ममेरे भाई और दारा शहर में पूर्व राजनीतिक सुरक्षा प्रमुख अतेफ नजीब को भी मौत की सजा सुनाई। इसके अलावा, अदालत ने कई अन्य पूर्व अधिकारियों — लौए अली अल-अली, माहेर हाफिज अल-असद, फहद जस्सम अल-फ्रीज, मोहम्मद अयमान अयूश, कुसे इब्राहिम महयूब, वाफिक सालेह नासिर और तलाल फारेस अल-अयसामी — को भी सजा-ए-मौत का फरमान सुनाया, जिन्हें 'भगोड़ा' घोषित किया गया है।
अदालत की टिप्पणी
अपने आदेश में अदालत ने कहा कि असद का पद सर्वोच्च था, किंतु उन्होंने उसकी गरिमा बनाए रखने के बजाय कानून का उल्लंघन किया। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब सीरिया में नई सत्ता स्थापित होने के बाद पुराने शासन के अपराधों की जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया तेज हो रही है।
असद सरकार का पतन और पलायन
गौरतलब है कि 8 दिसंबर 2024 को हयात तहरीर अल-शाम (HTS) और उससे संबद्ध सशस्त्र समूहों के हमले के बाद असद सरकार का पतन हो गया था। इसके बाद बशर अल-असद अपने परिवार सहित मॉस्को चले गए। दमिश्क छोड़ने के बाद असद ने सीरियन प्रेसीडेंसी के टेलीग्राम अकाउंट के माध्यम से एक बयान जारी किया था।
असद का अपना बयान
उस बयान में असद ने दावा किया था कि रूस जाने की कोई पूर्व योजना नहीं थी और वे 8 दिसंबर 2024 की सुबह तक दमिश्क में ही थे। उन्होंने कहा कि जब सशस्त्र समूह दमिश्क में घुसे, तो उन्होंने लताकिया में स्थानांतरित होने के लिए 'रूसी दोस्तों' से संपर्क किया, ताकि वहाँ से सैन्य अभियान जारी रखा जा सके। रिपोर्टों के अनुसार, रूस के हमीमिम एयर बेस पर पहुँचने पर उन्हें पता चला कि सीरिया की शेष सभी सेना की स्थितियाँ ध्वस्त हो चुकी थीं और ज़मीनी बल मोर्चे से पीछे हट चुके थे। जैसे-जैसे हालात बिगड़े और रूसी बेस पर ड्रोन हमले शुरू हुए, मॉस्को ने 8 दिसंबर 2024 की शाम को तत्काल उनके प्रस्थान का प्रबंध किया।
आगे क्या होगा
चूँकि असद और अन्य दोषी व्यक्ति अनुपस्थित हैं, इस फैसले को लागू करना कूटनीतिक दृष्टि से अत्यंत जटिल होगा। रूस ने अब तक असद के प्रत्यर्पण के किसी भी संकेत से इनकार किया है। सीरिया की नई सत्ता के लिए यह मुकदमा जवाबदेही की दिशा में एक प्रतीकात्मक लेकिन महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।