एशियन गेम्स 2026: सुरुचि-कमलजीत की जोड़ी ने 484.6 स्कोर से जीता गोल्ड, एशियन रिकॉर्ड भी तोड़ा
सारांश
मुख्य बातें
एशियन गेम्स 2026 में 25 सितंबर को 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में हरियाणा की सुरुचि इंदर सिंह और कमलजीत की जोड़ी ने 484.6 के स्कोर के साथ गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया। इस जोड़ी ने न केवल स्वर्ण पदक हासिल किया, बल्कि एशियन रिकॉर्ड भी अपने नाम किया और 587 के स्कोर के साथ एशियन गेम्स क्वालिफिकेशन रिकॉर्ड को भी ध्वस्त कर दिया।
झज्जर के गांव में जश्न का माहौल
हरियाणा के झज्जर जिले के सासरौली गांव में सुरुचि की इस उपलब्धि की खबर पहुँचते ही उत्सव का माहौल बन गया। परिवार और पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। सुरुचि की माँ सुदेश ने कहा, 'सुरुचि के गोल्ड मेडल जीतने की बेहद खुशी है। परिवार और पूरे गांव में खुशी का माहौल है। सुरुचि लगातार मेहनत कर रही है।'
सुदेश ने आगे बताया, 'सुरुचि का स्वागत ढोल-नगाड़ों के साथ और मिठाई खिलाकर करेंगे। उन्हें एयरपोर्ट से ही ढोल-नगाड़ों संग लेकर आया जाएगा। सुरुचि को चूरमा बहुत पसंद है, तो उन्हें वह भी खिलाकर स्वागत किया जाएगा।'
भाई निशांत की प्रतिक्रिया
खुद भी शूटिंग का खेल खेलने वाले सुरुचि के भाई निशांत ने बहन की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर गर्व जताया। निशांत ने कहा, 'हम सभी को बहुत खुशी है कि मेरी बहन ने इतना बड़ा मुकाम हासिल करते हुए एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता। मुझे उम्मीद है कि मेरी बहन आगे भी इसी तरह से और भी मेडल जीतकर लाएगी, क्योंकि उसकी प्रैक्टिस बहुत अच्छी है।'
निशांत ने यह भी कहा, 'सुरुचि को हम एयरपोर्ट से ही ढोल-नगाड़ों के साथ लेकर आएंगे और गांव में भी ऐसे ही कार्यक्रम चलेंगे।'
शूटिंग में भारत का पहला गोल्ड
गौरतलब है कि एशियन गेम्स 2026 में शूटिंग खेल के अंतर्गत यह देश का पहला गोल्ड मेडल है। सुरुचि इंदर सिंह और कमलजीत ने फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए 484.6 के स्कोर के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। इससे पहले क्वालिफिकेशन राउंड में भी इस जोड़ी ने 587 के स्कोर के साथ एशियन गेम्स का क्वालिफिकेशन रिकॉर्ड तोड़ा था।
माँ की अन्य खिलाड़ियों के अभिभावकों से अपील
सुरुचि की माँ सुदेश ने इस उपलब्धि के बाद अन्य माता-पिता से भी बच्चों को खेलों में प्रोत्साहित करने की अपील की। उन्होंने कहा, 'बच्चों को खेलों में डालना चाहिए। बच्चों पर ध्यान देना चाहिए और उन्हें खेलों में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करना चाहिए। मां-बाप को बच्चे के भविष्य के बारे में सोचना जरूरी है।'
उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने दोनों बच्चों — सुरुचि और निशांत — को शूटिंग में डाला हुआ है और दोनों ही बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। सुरुचि की यह जीत हरियाणा के उस समृद्ध खेल परंपरा की अगली कड़ी है, जो देश को निशानेबाजी में अंतरराष्ट्रीय मंच पर बार-बार गौरव दिलाती रही है। आने वाले समय में इस जोड़ी से और बड़े मुकाम हासिल करने की उम्मीद है।