ईद-उल-अजहा पर जम्मू-कश्मीर में अमन का संदेश, एलजी मनोज सिन्हा और सीएम उमर अब्दुल्ला ने दी मुबारकबाद
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर में ईद-उल-अजहा के पावन अवसर पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 27 मई को प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए शांति, सद्भाव और भाईचारे का आह्वान किया। दोनों नेताओं ने एकमत होकर कहा कि यह त्योहार त्याग, करुणा और आस्था के शाश्वत मूल्यों का प्रतीक है तथा सभी के जीवन में सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की।
उपराज्यपाल का संदेश
उपराज्यपाल कार्यालय ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर पोस्ट करते हुए कहा, 'ईद-उल-अजहा के पावन अवसर पर सभी लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं। यह पवित्र अवसर मानवता को प्रेम, करुणा और क्षमा जैसे शाश्वत मूल्यों को अपनाने की याद दिलाता है। कामना है कि यह ईद सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए। ईद मुबारक।' मनोज सिन्हा का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में सामाजिक सौहार्द को और प्रगाढ़ करने की दिशा में निरंतर प्रयास जारी हैं।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री कार्यालय ने उमर अब्दुल्ला के हवाले से कहा कि यह त्योहार त्याग, करुणा और आस्था का प्रतीक है और उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों के लिए शांति, समृद्धि, खुशी और कल्याण की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि ईद-उल-अजहा लोगों के बीच भाईचारे, सद्भाव और आपसी सम्मान के बंधन को और मज़बूत करेगा।
अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने एक्स पर लिखा, 'आप सभी को ईद-उल-अज़हा की बहुत-बहुत मुबारकबाद। अल्लाह तआला आपकी जिंदगी को अमन, खुशियों और ढेर सारी बरकत से नवाजे। आमीन।' गौरतलब है कि महबूबा मुफ्ती ने इस संदेश में अमन और बरकत पर विशेष जोर दिया।
जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKNC) ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला, उपाध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला तथा समस्त पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की ओर से जम्मू-कश्मीर की जनता और समस्त मुस्लिम उम्माह को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। पार्टी ने कहा कि बलिदान, करुणा, एकता और सर्वशक्तिमान के प्रति समर्पण का प्रतीक यह पवित्र त्योहार हर घर में शांति, समृद्धि, सद्भाव और खुशहाली लेकर आए।
आम जनता पर असर
जम्मू-कश्मीर में ईद-उल-अजहा पर सभी प्रमुख नेताओं का एकजुट होकर अमन और भाईचारे का संदेश देना राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब प्रदेश में सामान्य स्थिति बहाल करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुदृढ़ करने की कोशिशें जारी हैं। त्योहार के मौके पर राजनीतिक मतभेदों से परे एकता का यह प्रदर्शन प्रदेशवासियों के लिए सकारात्मक संकेत है।
क्या होगा आगे
ईद-उल-अजहा के अवसर पर जम्मू-कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में नमाज़ और सामूहिक आयोजनों का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है। प्रशासन ने त्योहार के मद्देनज़र सुरक्षा और शांति-व्यवस्था के पर्याप्त इंतज़ाम किए हैं। नेताओं के इन संदेशों से प्रदेश में सांप्रदायिक सौहार्द की भावना को और बल मिलने की संभावना है।