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बकरीद 2025: जम्मू-कश्मीर में ईद-उल-अजहा की नमाज, शांति और भाईचारे की दुआएं

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बकरीद 2025: जम्मू-कश्मीर में ईद-उल-अजहा की नमाज, शांति और भाईचारे की दुआएं

सारांश

जम्मू-कश्मीर में बकरीद पर मस्जिद बठिंडी से बनिहाल ईदगाह तक हजारों श्रद्धालुओं ने नमाज अदा की। शाही इमाम से लेकर विधायक तक — सभी ने शांति, भाईचारे और समृद्धि की दुआ माँगी। कड़ी सुरक्षा के बीच त्योहार शांतिपूर्ण रहा।

मुख्य बातें

ईद-उल-अजहा (बकरीद) 27 मई 2025 को जम्मू-कश्मीर में शांतिपूर्ण ढंग से मनाई गई।
मस्जिद बठिंडी (जम्मू), रेजिडेंसी रोड ईदगाह , बनिहाल ईदगाह और बडगाम मरकजी इमामबाड़ा में हजारों नमाजी एकत्रित हुए।
शाही इमाम मुफ्ती इनायतुल्लाह कासमी और अंजुमन शरी शियान अध्यक्ष आगा सैयद हसन अल मोसवी ने शांति व सद्भाव की अपील की।
विधायक सज्जाद शाहीन ने बनिहाल में नमाज में भाग लिया; धार्मिक नेताओं ने एकता का आह्वान किया।
पूरे क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच त्योहार शांतिपूर्ण रहा।

जम्मू-कश्मीर में ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व बुधवार, 27 मई 2025 को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मुस्लिम समुदाय के श्रद्धालु भोर होते ही मस्जिदों और ईदगाहों में एकत्रित हुए और सामूहिक नमाज अदा की। जम्मू के मस्जिद बठिंडी में शिया समुदाय के लोग बड़ी संख्या में जमा हुए, जबकि रेजिडेंसी रोड स्थित ईदगाह में भी नमाज अदा की गई।

मुख्य घटनाक्रम

बडगाम के मरकजी इमामबाड़ा में भी बड़ी तादाद में लोगों ने ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की। बनिहाल ईदगाह में हजारों नमाजियों ने इबादत की, जहाँ धार्मिक नेताओं ने जम्मू-कश्मीर में शांति, एकता और सद्भाव की अपील की। गुंडोह में भी ईद पूरे जोश और एकता के साथ मनाई गई।

धार्मिक नेताओं की प्रतिक्रिया

सुन्नी इस्लामी विद्वान और जामिया मस्जिद खदी के तालाब के शाही इमाम मुफ्ती इनायतुल्लाह कासमी ने सभी को ईद मुबारक की शुभकामनाएं देते हुए कहा, 'हम दुआ करते हैं कि अल्लाह हम सभी को सुख, राहत, शांति, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली से नवाजे।'

अंजुमन शरी शियान के अध्यक्ष आगा सैयद हसन अल मोसवी ने कहा, 'पूरी दुनिया की मानवता के साथ-साथ, मैं इस शुभ दिन पर इस्लामी जगत को हार्दिक बधाई देता हूं। आज का दिन हमें करुणा का पाठ सिखाता है।'

जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की आवाज़

बनिहाल के विधायक सज्जाद शाहीन ने बताया कि बनिहाल ईदगाह में हजारों श्रद्धालुओं ने नमाज अदा की और धार्मिक नेताओं ने भाईचारे व सद्भाव का आह्वान किया। गुंडोह में औकाफ सदस्य मोहम्मद असगर मगरे ने कहा कि त्योहार पूरे जोश के साथ मनाया गया और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह कड़ी रही।

एक स्थानीय निवासी ने कहा, 'ईद खुशियों का त्योहार है। मेरा संदेश है कि पूरे भारत में सभी लोग भाईचारे के साथ मिलकर रहें।' एक युवक ने भी कहा, 'मैं अल्लाह से दुआ करता हूं कि ईद हर साल खुशियों का संदेश लेकर आए और हम सभी एक-दूसरे के प्रति प्रेम और स्नेह के साथ जीएं।'

सुरक्षा और माहौल

यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है। त्योहार के दौरान पूरे क्षेत्र में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे और माहौल शांतिपूर्ण रहा। धार्मिक नेताओं ने आर्थिक विकास और क्षेत्रीय समृद्धि के लिए भी प्रार्थनाएं कीं।

आगे का परिदृश्य

बकरीद के अवसर पर जम्मू-कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में कुर्बानी और सामुदायिक भोज का सिलसिला जारी रहेगा। धार्मिक नेताओं और जनप्रतिनिधियों की एकता और शांति की अपील इस बात का संकेत है कि समुदाय सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने के प्रति सचेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

'कड़ी सुरक्षा व्यवस्था' का उल्लेख यह भी याद दिलाता है कि सामान्य स्थिति अभी भी सतर्कता की माँग करती है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस द्वंद्व को नजरअंदाज कर देती है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू-कश्मीर में बकरीद 2025 कब और कहाँ मनाई गई?
बकरीद (ईद-उल-अजहा) 27 मई 2025 को जम्मू-कश्मीर में मनाई गई। प्रमुख स्थलों में जम्मू की मस्जिद बठिंडी, रेजिडेंसी रोड ईदगाह, बनिहाल ईदगाह और बडगाम का मरकजी इमामबाड़ा शामिल रहे।
बकरीद पर जम्मू-कश्मीर में धार्मिक नेताओं ने क्या कहा?
शाही इमाम मुफ्ती इनायतुल्लाह कासमी ने सुख, शांति और खुशहाली की दुआ माँगी। अंजुमन शरी शियान के अध्यक्ष आगा सैयद हसन अल मोसवी ने करुणा और इस्लामी जगत को बधाई का संदेश दिया।
बनिहाल में बकरीद का आयोजन कैसा रहा?
बनिहाल ईदगाह में हजारों श्रद्धालुओं ने नमाज अदा की। विधायक सज्जाद शाहीन ने भाग लिया और धार्मिक नेताओं ने जम्मू-कश्मीर में शांति, एकता और सद्भाव का आह्वान किया।
बकरीद के दौरान जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी?
औकाफ सदस्य मोहम्मद असगर मगरे के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह कड़ी थी। त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ और कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
ईद-उल-अजहा (बकरीद) का क्या महत्व है?
ईद-उल-अजहा इस्लाम के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जो हज़रत इब्राहीम की कुर्बानी की याद में मनाया जाता है। इस दिन सामूहिक नमाज, कुर्बानी और दान-पुण्य का विशेष महत्व है।
राष्ट्र प्रेस
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