ईद-उल-अजहा 2026: राष्ट्रपति मुर्मु और PM मोदी ने देशवासियों को दी बकरीद की बधाई
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मई को ईद-उल-अजहा (बकरीद) के पावन अवसर पर समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं ने इस पर्व को समर्पण, त्याग और बलिदान का प्रतीक बताते हुए सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया।
राष्ट्रपति मुर्मु का संदेश
राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक एक्स हैंडल पर साझा की गई पोस्ट में राष्ट्रपति मुर्मु ने लिखा, "ईद-उज-जुहा के अवसर पर मैं सभी देशवासियों, विशेषकर मुस्लिम भाइयों और बहनों को हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं। यह त्योहार समर्पण, त्याग और बलिदान का प्रतीक है। यह पर्व हमें मानवता, विशेषकर वंचित वर्गों, की सेवा करने की प्रेरणा देता है। आइए, इस अवसर पर हम समाज में प्रेम और समरसता का संचार करने के लिए अधिक प्रतिबद्धता से आगे बढ़ें।"
PM मोदी की शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "ईद-उल-अजहा की शुभकामनाएं। कामना है कि यह अवसर हमारे समाज में भाईचारे और खुशियों की भावना को और गहरा करे। सभी की सफलता और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना।" उनका यह संदेश सामाजिक एकता और सद्भाव पर केंद्रित रहा।
अन्य नेताओं की बधाइयां
केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने लिखा, "बकरीद त्याग और निस्वार्थ भक्ति का शाश्वत संदेश लेकर आती है। इसके द्वारा पोषित मूल्य हमारे दैनिक जीवन में झलकने चाहिए और समाज को मानवता तथा करुणा की ओर अग्रसर करना चाहिए। आप सभी को ईद मुबारक।"
बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सुप्रीमो मायावती ने एक्स पर लिखा, "ईद अल अजहा, अर्थात् आम बोलचाल की जुबान में बकरीद पर्व की दुनिया भर में रहने वाले सभी भारतीय मुस्लिम भाई-बहनों व उनके परिवार वालों को दिली मुबारकबाद तथा उनके साथ-साथ समस्त देशवासियों के खुश व खुशहाल जिंदगी की शुभकामनाएं।" उन्होंने यह भी कहा कि सभी पर्व व त्योहार पूरी शांति, आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ गुज़रें तो यह देश व जनहित में हमेशा बेहतर होगा।
राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार सहित समस्त देशवासियों को बधाई देते हुए लिखा, "त्याग, बलिदान, इबादत, बरक्कत और आपसी सौहार्द का पर्व ईद-उल-अजहा (बकरीद) की दिली मुबारकबाद। इस अवसर पर खुदा से सभी के लिए अमन-चैन, सलामती एवं रहमतों की दुआ करते हैं।"
पर्व का महत्व
ईद-उल-अजहा इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार हज़रत इब्राहीम की कुर्बानी की याद में मनाई जाती है और यह विश्वभर के मुसलमानों के लिए आस्था और समर्पण का सबसे बड़ा पर्व है। भारत में यह त्योहार सांप्रदायिक सौहार्द और साझी संस्कृति का प्रतीक माना जाता है। गौरतलब है कि हर वर्ष इस अवसर पर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों से एकता और भाईचारे के संदेश दिए जाते हैं।
इस बार भी नई दिल्ली से लेकर देश के कोने-कोने तक नेताओं ने सामाजिक समरसता का आह्वान किया, जो भारत की बहुलतावादी परंपरा को रेखांकित करता है।