ईद-उल-अजहा 2026: खड़गे, राहुल और प्रियंका गांधी ने दी बधाई, एकता-भाईचारे का संदेश
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत पार्टी के शीर्ष नेताओं ने 28 मई 2026 को ईद-उल-अजहा (बकरीद) के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। सभी नेताओं ने अपने संदेशों में राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और भाईचारे की भावना को केंद्र में रखा।
खड़गे का संदेश: त्याग और शांति की अपील
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर लिखा, 'ईद-उल-अजहा का त्योहार त्याग, आस्था, करुणा और क्षमा जैसे शाश्वत गुणों को दर्शाता है। कामना है कि यह पावन अवसर हमें भाईचारे की भावना को गहरा करने, एकता के बंधन को मजबूत बनाने और एक ऐसे समाज के निर्माण की दिशा में मिलकर काम करने के लिए प्रेरित करे, जिसकी नींव शांति, सद्भाव और साझा प्रगति पर टिकी हो। आप सभी को ईद मुबारक, खुशियों और बरकतों से भरी।'
राहुल और प्रियंका की शुभकामनाएं
राहुल गांधी ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, 'आपको और आपके परिवार को खुशियों से भरी बकरीद की शुभकामनाएं। आज आपका घर प्यार और अपनेपन से भरा रहे। ईद मुबारक।' प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी लिखा, 'सभी को ईद-उल-अजहा मुबारक। यह आनंदमय अवसर हर घर में शांति, प्रेम और समृद्धि लाए। सभी के लिए खुशियों, आशीर्वाद और एकता व भाईचारे की भावना की कामना करते हैं।'
केरल के नेता और वेणुगोपाल का संदेश
केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने कहा, 'बकरीद त्याग और निस्वार्थ भक्ति का शाश्वत संदेश लेकर आती है। इसके द्वारा पोषित मूल्य हमारे दैनिक जीवन में झलकने चाहिए और समाज को मानवता तथा करुणा की ओर अग्रसर करना चाहिए। हमारी इन उत्सवों की आध्यात्मिक रोशनी हमें हर चुनौती का सामना साहस और आशा के साथ करने की शक्ति प्रदान करे। आप सभी को ईद मुबारक।' कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने भी एक्स पर लिखा, 'ईद-उल-अजहा के पावन अवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। कामना है कि यह पर्व हमारे समाज में करुणा, भाईचारे और उल्लास का प्रतीक बने।'
आम जनता पर असर और व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि ईद-उल-अजहा पर राजनीतिक दलों द्वारा शुभकामना संदेश जारी करना भारतीय लोकतंत्र की बहुलतावादी परंपरा का हिस्सा है। यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव की चर्चा राजनीतिक विमर्श के केंद्र में है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के नेताओं के इन संदेशों को पार्टी की समावेशी राजनीति की अभिव्यक्ति के रूप में देखा जा रहा है।