12 जुलाई 2026
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बकरीद 28 मई को: इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया ने जारी की 12 सूत्रीय सलाह, शांति और सद्भाव की अपील

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बकरीद 28 मई को: इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया ने जारी की 12 सूत्रीय सलाह, शांति और सद्भाव की अपील

सारांश

बकरीद से एक दिन पहले इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया ने 12 सूत्रीय सलाह जारी कर कुर्बानी, सफाई और सोशल मीडिया को लेकर स्पष्ट हिदायतें दीं। इकबाल अंसारी ने हिंदू-मुस्लिम भाईचारे का संदेश देते हुए कहा — यही त्योहार का असली मतलब है।

मुख्य बातें

बकरीद (ईद-उल-जुहा) इस वर्ष 28 मई को मनाई जाएगी; ईद की नमाज 28 मई को और कुर्बानी 28 से 30 मई तक होगी।
इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया, लखनऊ ने 12 सूत्रीय सलाह जारी की है जिसमें सफाई, कानून-पालन और सोशल मीडिया संयम पर जोर दिया गया है।
कुर्बानी केवल कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त जानवरों की करने और अवशेषों को नगर निगम की व्यवस्था के तहत नष्ट करने की हिदायत दी गई।
कुर्बानी के दौरान फोटो-वीडियो बनाने और सोशल मीडिया पर अपलोड करने से बचने की अपील की गई।
पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने हिंदू-मुस्लिम भाईचारे और सांप्रदायिक सद्भाव का संदेश दिया।

इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली और अयोध्या बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि मामले के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने 28 मई को मनाई जाने वाली बकरीद (ईद-उल-जुहा) को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से मनाने की अपील की है। लखनऊ स्थित इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया ने इस अवसर पर 12 सूत्रीय सलाह भी जारी की है।

ईद-उल-जुहा का कार्यक्रम

मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने बताया कि 28 मई को ईद की नमाज अदा की जाएगी, जबकि कुर्बानी 28, 29 और 30 मई तक की जा सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह त्योहार पूरे देश में बड़े उत्साह और धार्मिक परंपराओं के साथ मनाया जाएगा।

12 सूत्रीय सलाह की मुख्य बातें

इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि नमाज ईदगाहों में ही अदा की जाए और लोग समय से पहले ईदगाह पहुँचें ताकि आगे जगह मिल सके। मौलाना ने यह भी कहा कि कुर्बानी केवल उन्हीं जानवरों की दी जाए जिन्हें कानून मान्यता देता हो।

सफाई व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए कहा गया कि जानवरों के अवशेषों को नगर निगम द्वारा निर्धारित व्यवस्था के तहत ही नष्ट किया जाए और उन्हें इधर-उधर न फेंका जाए। इसके साथ ही कुर्बानी के दौरान फोटो या वीडियो न बनाने और ऐसी सामग्री सोशल मीडिया पर अपलोड न करने की भी सख्त हिदायत दी गई है।

मौलाना ने यह भी अपील की कि नमाज के बाद देश की तरक्की और लू से बचाव के लिए दुआएं की जाएं। साथ ही लोगों से अपने-अपने राज्यों के नियमों और विनियमों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।

इकबाल अंसारी की सांप्रदायिक सद्भाव की अपील

अयोध्या बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि मामले के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने बकरीद को त्याग, भाईचारे और सभी धर्मों के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, 'हम अपना त्योहार सभी के साथ मनाते हैं। त्योहार का मतलब भाईचारा और सभी के घर में खुशियाँ होना चाहिए।'

अंसारी ने आगे कहा, 'जब हमारा पड़ोसी खुश तो हम भी खुश, गाँव के लोग खुश तो हम भी खुश रहेंगे। बकरीद पर कुर्बानी का मतलब है कि हम एक नेक इंसान हैं और एक दूसरे का सम्मान करते हैं और सभी धर्मों की इज्जत करते हैं।' उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंदू-मुसलमानों के बीच कोई दरार न हो और देश में भाईचारा बना रहे — यही त्योहार का असली अर्थ है।

आम जनता पर असर

इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया की यह सलाह ऐसे समय में आई है जब देश में सांप्रदायिक सौहार्द को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है। गौरतलब है कि बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान सफाई, कानून-व्यवस्था और सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग को लेकर इस तरह की सलाह पहले भी जारी की जाती रही है।

इस वर्ष जारी 12 सूत्रीय दिशा-निर्देश विशेष रूप से नागरिक जिम्मेदारी और सार्वजनिक स्वच्छता को प्राथमिकता देते हैं, जो शहरी क्षेत्रों में रहने वाले मुस्लिम समुदाय के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।

क्या होगा आगे

बकरीद की नमाज और कुर्बानी का सिलसिला 28 से 30 मई तक जारी रहेगा। इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया की अपील है कि समुदाय के लोग इन दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए त्योहार को शांति और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ मनाएं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस साल बकरीद कब मनाई जाएगी?
इस वर्ष बकरीद (ईद-उल-जुहा) 28 मई को मनाई जाएगी। ईद की नमाज 28 मई को अदा की जाएगी, जबकि कुर्बानी 28, 29 और 30 मई तक की जा सकती है।
इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया की 12 सूत्रीय सलाह में क्या कहा गया है?
सलाह में नमाज ईदगाह में अदा करने, कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त जानवरों की कुर्बानी करने, सफाई का ध्यान रखने, अवशेषों को नगर निगम की व्यवस्था से नष्ट करने और कुर्बानी के फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर न डालने की हिदायत दी गई है। साथ ही राज्य के नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील भी की गई है।
इकबाल अंसारी ने बकरीद पर क्या संदेश दिया?
इकबाल अंसारी ने बकरीद को त्याग, भाईचारे और सभी धर्मों के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि हिंदू-मुसलमानों के बीच कोई दरार न हो और देश में भाईचारा बना रहे — यही त्योहार का असली मतलब है।
मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली कौन हैं?
मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष हैं, जो लखनऊ में स्थित है। वे देश के प्रमुख इस्लामी विद्वानों में गिने जाते हैं और धार्मिक व सामाजिक मुद्दों पर मार्गदर्शन के लिए जाने जाते हैं।
बकरीद पर कुर्बानी के लिए क्या नियम हैं?
इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अनुसार कुर्बानी केवल उन्हीं जानवरों की दी जाए जिन्हें कानून मान्यता देता हो। कुर्बानी के दौरान पूरी सफाई रखी जाए और जानवरों के अवशेषों को नगर निगम द्वारा निर्धारित व्यवस्था के तहत नष्ट किया जाए।
राष्ट्र प्रेस
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