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बकरीद 28 मई को: इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया ने जारी की 12 सूत्रीय सलाह, शांति-सौहार्द की अपील

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बकरीद 28 मई को: इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया ने जारी की 12 सूत्रीय सलाह, शांति-सौहार्द की अपील

सारांश

इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया ने बकरीद के लिए 12 सूत्रीय सलाह जारी करते हुए कुर्बानी, सफाई और सोशल मीडिया को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देश दिए हैं। मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली और इकबाल अंसारी ने एकजुट होकर हिंदू-मुसलमान भाईचारे और शांतिपूर्ण उत्सव की अपील की है।

मुख्य बातें

बकरीद (ईद-उल-जुहा) इस वर्ष 28 मई 2025 को मनाई जाएगी; कुर्बानी 28, 29 और 30 मई तक होगी।
इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया, लखनऊ ने 12 सूत्रीय सलाह जारी की, जिसमें ईदगाह में नमाज, कानूनी मान्यता प्राप्त जानवरों की कुर्बानी और सफाई पर जोर दिया गया।
कुर्बानी के दौरान फोटो-वीडियो बनाने और सोशल मीडिया पर अपलोड करने से मना किया गया।
जानवरों के अवशेष नगर निगम की व्यवस्था के तहत नष्ट करने का निर्देश दिया गया।
पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने हिंदू-मुसलमान भाईचारे और सांप्रदायिक सद्भाव की अपील की।

इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली और अयोध्या बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि मामले के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने 28 मई 2025 को मनाई जाने वाली बकरीद (ईद-उल-जुहा) के अवसर पर देशभर के मुसलमानों से शांति और सांप्रदायिक सौहार्द के साथ त्योहार मनाने की अपील की है। इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया, लखनऊ ने इस संदर्भ में 12 सूत्रीय सलाह भी जारी की है।

मुख्य घोषणाएँ और कार्यक्रम

मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने बताया कि 28 मई को ईद की नमाज अदा की जाएगी, जबकि कुर्बानी 28, 29 और 30 मई तक की जा सकती है। उन्होंने कहा कि यह त्योहार पूरे देश में बड़े उत्साह और धार्मिक परंपराओं के साथ मनाया जाएगा। इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया ने सभी से अपने-अपने राज्यों के नियमों और विनियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है।

12 सूत्रीय सलाह की मुख्य बातें

मौलाना ने जारी सलाह के प्रमुख बिंदु साझा करते हुए कहा कि नमाज ईदगाहों में ही अदा की जाए और समय से पहले पहुँचें ताकि आगे जगह मिल सके। कुर्बानी केवल उन्हीं जानवरों की की जाए जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है। कुर्बानी के दौरान साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जाए और जानवरों के अवशेषों को नगर निगम की व्यवस्था के अनुसार नष्ट किया जाए — इधर-उधर न फेंका जाए।

सलाह में यह भी कहा गया है कि कुर्बानी के दौरान फोटो या वीडियो न बनाए जाएं और न ही ऐसी सामग्री सोशल मीडिया पर अपलोड की जाए। नमाज के बाद देश की तरक्की और लू से बचाव के लिए दुआएँ की जाएं।

इकबाल अंसारी का भाईचारे पर संदेश

पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने सांप्रदायिक सद्भाव की अपील करते हुए कहा कि बकरीद त्याग, भाईचारे और सभी धर्मों के प्रति सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा, 'हम अपना त्योहार सभी के साथ मनाते हैं। त्योहार का मतलब भाईचारा और सभी के घर में खुशियाँ होना चाहिए। जब हमारा पड़ोसी खुश तो हम भी खुश, गाँव के लोग खुश तो हम भी खुश रहेंगे।'

अंसारी ने आगे कहा, 'बकरीद पर कुर्बानी का मतलब है कि हम एक नेक इंसान हैं और एक-दूसरे का सम्मान करते हैं और सभी धर्मों की इज्जत करते हैं। हिंदू-मुसलमानों के बीच कोई दरार न हो और देश में भाईचारा हो — यही त्योहार का असली मतलब है।'

आम जनता पर असर

यह सलाह ऐसे समय में जारी हुई है जब देश के कई हिस्सों में गर्मी की लहर (लू) का प्रकोप जारी है और प्रशासन ने भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर सावधानी बरतने की हिदायत दी है। गौरतलब है कि ईदगाहों में समय से पहुँचने और सफाई बनाए रखने की अपील इसी पृष्ठभूमि में और अधिक प्रासंगिक हो जाती है। आने वाले दिनों में स्थानीय प्रशासन और नगर निगम की भूमिका भी अहम रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

हालाँकि इसकी व्यापक सामाजिक पहुँच और ज़मीनी असर की परख आने वाले दिनों में ही होगी।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2025 में बकरीद (ईद-उल-जुहा) कब है?
बकरीद 2025 में 28 मई को मनाई जाएगी। ईद की नमाज 28 मई को अदा की जाएगी और कुर्बानी 28, 29 तथा 30 मई तक की जा सकती है।
इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया की 12 सूत्रीय सलाह में क्या कहा गया है?
सलाह में नमाज ईदगाह में अदा करने, कानूनी मान्यता प्राप्त जानवरों की कुर्बानी करने, सफाई बनाए रखने, जानवरों के अवशेष नगर निगम की व्यवस्था से नष्ट करने और कुर्बानी के फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर न डालने का निर्देश दिया गया है। साथ ही राज्य सरकारों के नियमों का पालन करने की अपील भी की गई है।
मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली कौन हैं?
मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष हैं और लखनऊ स्थित इस संस्था के माध्यम से वे देशभर के मुसलमानों को धार्मिक और सामाजिक मार्गदर्शन देते हैं।
इकबाल अंसारी ने बकरीद पर क्या संदेश दिया?
इकबाल अंसारी ने सांप्रदायिक सद्भाव और भाईचारे की अपील की। उन्होंने कहा कि बकरीद का असली मतलब त्याग और सभी धर्मों के प्रति सम्मान है और हिंदू-मुसलमानों के बीच एकता बनाए रखना ही इस त्योहार की सच्ची भावना है।
बकरीद पर कुर्बानी के लिए क्या नियम बताए गए हैं?
केवल कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त जानवरों की ही कुर्बानी करने की सलाह दी गई है। कुर्बानी के दौरान पूरी सफाई रखें, अवशेषों को नगर निगम की व्यवस्था के अनुसार नष्ट करें और किसी भी प्रकार के फोटो या वीडियो सोशल मीडिया पर साझा न करें।
राष्ट्र प्रेस
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