ईद के बाद 'बादल फटने' जैसा राजनीतिक संदेश देंगे सीएम उमर अब्दुल्ला, तंगमर्ग में दिए संकेत

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ईद के बाद 'बादल फटने' जैसा राजनीतिक संदेश देंगे सीएम उमर अब्दुल्ला, तंगमर्ग में दिए संकेत

सारांश

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तंगमर्ग में संकेत दिया कि ईद के बाद वह 'बादल फटने' जैसा राजनीतिक संदेश देंगे और बड़ी जनसभा करेंगे। साथ ही उन्होंने 20,000-25,000 सरकारी नौकरियों का लक्ष्य, निजी विश्वविद्यालय विधेयक और 'मिशन युवा' का ज़िक्र किया।

मुख्य बातें

सीएम उमर अब्दुल्ला ने 6 मई को तंगमर्ग, बारामूला में कहा कि ईद (28 मई) के बाद बड़ा राजनीतिक संदेश देंगे।
उन्होंने कहा — "जब फटेंगे तो बादल फटने की तरह होंगे"; बड़ी जनसभा की योजना।
इस वर्ष 20,000 से 25,000 सरकारी नौकरियाँ देने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार ने 'निजी विश्वविद्यालय विधेयक' पारित किया; कार्यान्वयन नियम बनाए जा रहे हैं।
'मिशन युवा' के तहत युवा उद्यमियों के लिए ऋण सुलभता बढ़ाने पर ज़ोर।
नेशनल कॉन्फ्रेंस में आंतरिक मतभेद की अफवाहों को उमर अब्दुल्ला ने खारिज किया।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार, 6 मई को बारामूला जिले के तंगमर्ग में एक कार्यक्रम के दौरान संकेत दिया कि वह ईद के त्योहार के बाद एक बड़ा और कड़ा राजनीतिक संदेश देंगे। उन्होंने कहा कि वह फिलहाल खुद को रोककर रखे हुए हैं, लेकिन जब बोलेंगे तो "बादल फटने की तरह" होगा। सूत्रों के अनुसार, 28 मई को ईद के बाद वह एक बड़ी जनसभा आयोजित करने की योजना बना रहे हैं।

राजनीतिक संदेश और संयम की बात

मुख्यमंत्री ने तंगमर्ग कार्यक्रम में स्पष्ट किया कि आज का अवसर राजनीतिक भाषण के लिए उचित नहीं था, इसलिए वह संयम बरत रहे हैं। उन्होंने कहा, "हम खुद को रोककर रखे हुए हैं, लेकिन जब फटेंगे तो बादल फटने की तरह होंगे।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक हलचल तेज़ है और पहलगाम हमले के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।

युवाओं और रोज़गार पर सरकार की प्राथमिकता

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि छात्र और युवा जम्मू-कश्मीर के भविष्य के केंद्र में हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि केवल सरकारी नौकरियों से बेरोज़गारी की समस्या हल नहीं हो सकती, फिर भी राहत के लिए इस वर्ष 20,000 से 25,000 सरकारी नौकरियाँ देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही उन्होंने 'मिशन युवा' जैसी स्वरोज़गार पहलों का ज़िक्र किया, जिनका उद्देश्य पर्यटन और छोटे व्यवसायों से जुड़े युवा उद्यमियों के लिए ऋण की उपलब्धता को बेहतर बनाना है।

निजी विश्वविद्यालय विधेयक और शिक्षा सुधार

मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में पर्याप्त निजी विश्वविद्यालयों की कमी को एक गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि इस कमी के कारण परिवारों को अपने बच्चों को जम्मू-कश्मीर से बाहर भेजना पड़ता है, जिससे उन पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने 'निजी विश्वविद्यालय विधेयक' पारित किया है और उसके कार्यान्वयन के लिए नियम बनाए जा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि तंगमर्ग जैसे स्थान नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए अनुकूल साबित होंगे।

कौशल विकास और आत्मनिर्भर जम्मू-कश्मीर का लक्ष्य

उमर अब्दुल्ला ने बताया कि कौशल विकास कार्यक्रमों का विस्तार किया जा रहा है ताकि प्रशिक्षण को बाज़ार की ज़रूरतों के अनुरूप बनाया जा सके। उनके अनुसार, व्यापक लक्ष्य एक आत्मनिर्भर जम्मू-कश्मीर का निर्माण करना है — जिसकी स्थानीय आर्थिक नींव मज़बूत हो, क्षेत्र के भीतर ही रोज़गार के अवसर पैदा हों और केंद्र पर दीर्घकालिक निर्भरता कम हो।

नेशनल कॉन्फ्रेंस में मतभेद की अफवाहें खारिज

मुख्यमंत्री ने सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर किसी भी तरह के आंतरिक मतभेद की अफवाहों को सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी में कोई भी नेता पार्टी छोड़कर नहीं जा रहा है। गौरतलब है कि हाल के हफ्तों में पार्टी की एकजुटता को लेकर कई अटकलें लगाई जा रही थीं। आने वाले हफ्तों में उमर अब्दुल्ला की जनसभा और उनके राजनीतिक संदेश पर पूरे क्षेत्र की नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह केंद्र सरकार की नीतियों पर होगा, विपक्ष पर, या फिर सुरक्षा हालात पर — इसका जवाब अभी खुला है। 20,000-25,000 सरकारी नौकरियों का लक्ष्य और निजी विश्वविद्यालय विधेयक सराहनीय हैं, लेकिन जम्मू-कश्मीर में बेरोज़गारी की गहरी जड़ें केवल इन घोषणाओं से नहीं उखड़तीं। असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी, न कि जनसभाओं की।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उमर अब्दुल्ला ईद के बाद कौन सा राजनीतिक संदेश देंगे?
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्पष्ट नहीं किया कि संदेश किस विषय पर होगा, लेकिन उन्होंने कहा कि यह 'बादल फटने की तरह' होगा। सूत्रों के अनुसार 28 मई को ईद के बाद एक बड़ी जनसभा आयोजित करने की योजना है।
उमर अब्दुल्ला ने तंगमर्ग में क्या कहा?
उन्होंने तंगमर्ग, बारामूला में 6 मई को एक कार्यक्रम में कहा कि वह फिलहाल संयम बरत रहे हैं और ईद के बाद एक कड़ा राजनीतिक संदेश देंगे। उन्होंने युवाओं के लिए रोज़गार, शिक्षा और स्वरोज़गार योजनाओं पर भी बात की।
जम्मू-कश्मीर में निजी विश्वविद्यालय विधेयक क्या है?
यह वह विधेयक है जो जम्मू-कश्मीर सरकार ने क्षेत्र में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को बढ़ावा देने के लिए पारित किया है। इसका उद्देश्य स्थानीय छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर न जाना पड़े, इसके लिए कार्यान्वयन नियम बनाए जा रहे हैं।
मिशन युवा योजना क्या है?
'मिशन युवा' जम्मू-कश्मीर सरकार की स्वरोज़गार पहल है, जिसका मकसद युवा उद्यमियों — खासकर पर्यटन और छोटे व्यवसायों से जुड़े लोगों — के लिए ऋण की उपलब्धता को बेहतर बनाना है। मुख्यमंत्री ने इसे बेरोज़गारी से निपटने की व्यापक रणनीति का हिस्सा बताया।
क्या नेशनल कॉन्फ्रेंस में आंतरिक मतभेद हैं?
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इन अफवाहों को पूरी तरह खारिज किया और कहा कि पार्टी में कोई भी नेता पार्टी छोड़कर नहीं जा रहा है। हाल के हफ्तों में नेशनल कॉन्फ्रेंस की एकजुटता को लेकर कई अटकलें लगाई जा रही थीं।
राष्ट्र प्रेस
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