मुख्‍यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रामबन घटना पर कहा- जम्मू-कश्मीर में नहीं होगा 'जंगल राज'

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मुख्‍यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रामबन घटना पर कहा- जम्मू-कश्मीर में नहीं होगा 'जंगल राज'

सारांश

मुख्‍यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रामबन जिले की घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वह जम्मू-कश्मीर में 'जंगल राज' की अनुमति नहीं देंगे और शांति की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।

Key Takeaways

  • मुख्‍यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 'जंगल राज' को नकारा।
  • रामबन जिले में एक व्यक्ति की मौत से संबंधित घटना।
  • एक विशेष जांच दल का गठन।
  • स्थानीय लोगों का आक्रोश और विरोध प्रदर्शन।
  • चार आरोपियों की गिरफ्तारी।

श्रीनगर, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के मुख्‍यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि वह केंद्र शासित प्रदेश में ‘जंगल राज’ की अनुमति नहीं देंगे। यह बयान उन्होंने जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में गौ-रक्षकों द्वारा पीछा किए जाने के बाद एक व्यक्ति की नाले में कूदकर मौत के मामले पर दिया।

मुख्‍यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अनंतनाग जिले के बिजबेहरा कस्बे में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि वह किसी भी स्थिति में जंगल राज को स्वीकार नहीं करेंगे और किसी को भी राज्य की शांति को भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उनका लक्ष्य जम्मू-कश्मीर में एक नए युग की शुरुआत करना है, ताकि स्थिति स्थिर और शांत बनी रहे।

उन्होंने कहा कि कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें शांति पसंद नहीं है और वे सांप्रदायिक अशांति फैलाना चाहते हैं। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि जब तक मेरी सरकार है, हम जम्मू-कश्मीर में ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं करेंगे।

सीएम ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से अपील की कि रामबन मौत मामले में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। यह एक स्पष्ट संदेश होगा कि मौजूदा सरकार अराजकता को सहन नहीं करेगी।

इस बीच, एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है, जो उस व्यक्ति के लापता होने की जांच करेगा जो मवेशियों को ले जा रहा था और माना जा रहा है कि उसे रामबन जिले में चार लोगों ने पीछा किया और पीटा।

इस घटना पर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। पीड़ित के परिजनों ने (जिसकी पहचान तनवीर अहमद चोपन के रूप में हुई है) सोमवार को मेकरकोट में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) को करीब तीन घंटे तक जाम कर दिया।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि चोपन का पीछा गौ-रक्षकों ने किया और उस पर हमला किया। पुलिस ने कहा कि जांच जारी है। चोपन ने हमलावरों से बचने के प्रयास में मेकरकूट सुरंग संख्या 5 के पास बिसलेरी नाले में कूदकर अपनी जान गंवाई।

रामसू पुलिस स्टेशन में एक एफआईआर दर्ज की गई है, और चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

रामबन के डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर (डीसी) मोहम्मद इलियास खान ने कहा कि बनिहाल के सब-डिविजनल पुलिस अधिकारी सुरिंदर सिंह बिलोरिया की निगरानी में एक एसआईटी का गठन किया गया है।

अधिकारी ने बताया कि मवेशियों को ले जा रहे युवक के पास आवश्यक अनुमति थी।

Point of View

बल्कि यह भी बताता है कि सरकार शांति बहाली के प्रति कितनी गंभीर है।
NationPress
15/04/2026

Frequently Asked Questions

रामबन घटना क्या है?
रामबन घटना एक व्यक्ति की मौत से जुड़ी है, जिसे गौ-रक्षकों द्वारा पीछा किया गया था।
मुख्‍यमंत्री उमर अब्दुल्ला का इस पर क्या कहना है?
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वह जम्मू-कश्मीर में 'जंगल राज' की अनुमति नहीं देंगे।
क्या एसआईटी का गठन किया गया है?
हाँ, एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है जो इस मामले की जांच करेगा।
स्थानीय लोगों का इस पर क्या प्रतिक्रिया है?
स्थानीय लोगों ने इस घटना पर भारी आक्रोश व्यक्त किया है और जाम लगाया है।
क्या आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है?
हाँ, चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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