अदाणी फाउंडेशन का 'स्वाभिमान' पहल: 10 लाख महिलाओं को सशक्त बनाने का लक्ष्य
सारांश
Key Takeaways
- स्वाभिमान पहल का उद्देश्य 10 लाख महिलाओं को सशक्त बनाना है।
- इस पहल के अंतर्गत कौशल प्रशिक्षण और उद्यमिता का अवसर दिया जाएगा।
- महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
- इस पहल से अब तक 4,500 से अधिक महिलाएँ जुड़ चुकी हैं।
- अदाणी फाउंडेशन का यह प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का है।
मुंबई, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अदाणी फाउंडेशन की अध्यक्ष प्रीति अदाणी ने गुरुवार को मुंबई में आयोजित 'स्वाभिमान - द राइज ऑफ शी' कार्यक्रम में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में चल रही 'स्वाभिमान' पहल के महत्वपूर्ण विस्तार की घोषणा की। उन्होंने बताया कि आगामी वर्षों में इस पहल के माध्यम से भारत भर में लगभग 10 लाख महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। यह कार्यक्रम शहरी वंचित वर्ग की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में प्रीति अदाणी ने कहा कि 'स्वाभिमान' पहल की शुरुआत तीन-चार वर्ष पहले की गई थी, जिसका उद्देश्य महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, वित्तीय साक्षरता और उद्यमिता के अवसर प्रदान करना है।
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत महिलाओं को यह सिखाया जाता है कि वे अपने उत्पादों को बाजार तक कैसे पहुँचाएँ और अपने व्यवसाय को कैसे विकसित करें। प्रीति ने कहा कि मुझे गर्व है कि इस पहल से अब तक 4,500 से अधिक महिलाएँ जुड़ चुकी हैं और कई महिलाएँ 'लखपति दीदी' के रूप में पहचान बना चुकी हैं। इन महिलाओं ने अपनी मेहनत से न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता प्राप्त की है, बल्कि अपने परिवार की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में भी योगदान दिया है।
अदाणी फाउंडेशन की अध्यक्ष ने आगे कहा कि 'स्वाभिमान' केवल एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह एक विचार है जो महिलाओं को आत्मविश्वास और सम्मान के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल उन हजारों महिलाओं की मेहनत और सफलता का उत्सव है जिन्होंने अपने जीवन में बदलाव की नई कहानी लिखी है।
अदाणी फाउंडेशन ने अगले चरण में महाराष्ट्र की एक लाख महिलाओं को 'स्वाभिमान' पहल से जोड़ने का संकल्प लिया है। इसके बाद आने वाले कुछ वर्षों में इस पहल को पूरे देश में विस्तारित करते हुए 10 लाख महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
बीएमसी मेयर रितु तावडे ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अदाणी फाउंडेशन, अदाणी इलेक्ट्रिसिटी और महिला आर्थिक विकास महामंडल पिछले दो-तीन वर्षों से मिलकर इस पहल पर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022-23 से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक 4,500 से अधिक महिलाओं तक पहुंच बनाई गई है और कई प्रेरणादायक सफलता की कहानियाँ सामने आई हैं।
महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति सुनील तटकरे ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार दोनों स्तर पर कई योजनाएँ चलाई जा रही हैं।
प्रीति अदाणी ने भारत की पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले का उदाहरण देते हुए कहा कि जब वे लड़कियों को पढ़ाने जाती थीं तो उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
इस कार्यक्रम के दौरान 'स्वाभिमान' से जुड़ी महिला उद्यमियों के लिए विशेष स्टॉल भी लगाए गए थे, जहाँ उन्होंने अपने उत्पाद और सेवाएँ प्रदर्शित कीं।
बता दें कि 'स्वाभिमान' पहल को अदाणी फाउंडेशन ने अदाणी इलेक्ट्रिसिटी और महिला आर्थिक विकास महामंडल के साथ साझेदारी में शुरू किया है।