अदाणी विकास केंद्र का उद्घाटन: सिंधिया ने शिवपुरी में 1,500 महिलाओं को रोजगार की दी सौगात
सारांश
Key Takeaways
- केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 26 अप्रैल 2025 को शिवपुरी जिले के बदरवास में अदाणी विकास केंद्र का उद्घाटन किया।
- यह केंद्र 48,000 वर्गफुट में फैला है और इसमें 600 आधुनिक सिलाई मशीनें स्थापित की गई हैं।
- पूरी क्षमता पर संचालन के बाद यह केंद्र लगभग 1,500 महिलाओं को स्थायी रोजगार प्रदान करेगा।
- यह केंद्र अदाणी फाउंडेशन के स्वाभिमान कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य देशभर में दस लाख महिलाओं को आजीविका से जोड़ना है।
- इस पहल का उद्देश्य पलायन रोकना, घरेलू आय बढ़ाना और महिलाओं में दीर्घकालिक वित्तीय स्वतंत्रता सुनिश्चित करना है।
- सिंधिया ने गौतम अदाणी और अदाणी फाउंडेशन को वैश्विक बाजारों तक कौशल पहुंचाने का मंच बनाने के लिए बधाई दी।
भोपाल, 26 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के बदरवास में अदाणी विकास केंद्र का औपचारिक उद्घाटन किया। यह केंद्र महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण और संगठित रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अदाणी फाउंडेशन द्वारा स्थापित इस केंद्र से लगभग 1,500 महिलाओं को स्थायी आय का जरिया मिलने की उम्मीद है।
केंद्र की विशेषताएं और संरचना
बदरवास में स्थापित यह अदाणी विकास केंद्र कुल 48,000 वर्ग फुट के विशाल परिसर में फैला हुआ है। इसमें 600 अत्याधुनिक सिलाई मशीनें स्थापित की गई हैं, जो इसे मध्य प्रदेश के सबसे बड़े महिला कौशल केंद्रों में से एक बनाती हैं।
इस केंद्र को दोहरे उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया है — एक ओर यह प्रशिक्षण केंद्र के रूप में महिलाओं को व्यावसायिक कौशल सिखाएगा, तो दूसरी ओर उत्पादन इकाई के रूप में संगठित विनिर्माण गतिविधियों को भी संचालित करेगा। इस प्रकार महिलाएं सीखते हुए कमा भी सकेंगी।
सिंधिया का संबोधन और दृष्टिकोण
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा, "बदरवास में हम आकांक्षाओं की शक्ति को साकार होते देख रहे हैं।" उन्होंने अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी और अदाणी फाउंडेशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह केंद्र स्थानीय कौशल को वैश्विक बाजारों से जोड़ने का एक सशक्त मंच बनेगा।
सिंधिया ने भावनात्मक शब्दों में कहा, "मेरी प्रिय दीदियों की आंखों में दृढ़ संकल्प साफ दिखाई देता है। उनकी आशाएं और आकांक्षाएं सार्थक आजीविका के माध्यम से साकार हो रही हैं।" उन्होंने विश्वास जताया कि अगले पांच वर्षों में बदरवास के उत्पाद देशभर और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी पहचान बनाएंगे।
स्वाभिमान कार्यक्रम और व्यापक लक्ष्य
यह केंद्र अदाणी फाउंडेशन के महत्वाकांक्षी स्वाभिमान कार्यक्रम का हिस्सा है। इस कार्यक्रम का राष्ट्रीय लक्ष्य भारतभर में दस लाख महिलाओं को स्थायी आजीविका के अवसरों से जोड़ना है। बदरवास केंद्र इस दिशा में एक ठोस और प्रेरणादायक कदम माना जा रहा है।
पूरी क्षमता से संचालन शुरू होने पर यह केंद्र लगभग 1,500 महिलाओं को नियमित और स्थिर आय प्रदान करेगा। इससे न केवल पारिवारिक आय में सुधार होगा, बल्कि अनौपचारिक रोजगार पर निर्भरता भी कम होगी।
आम जनता पर असर और सामाजिक महत्व
इस पहल का एक बड़ा सामाजिक उद्देश्य पलायन रोकना भी है। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार न मिलने के कारण बड़ी संख्या में लोग शहरों की ओर पलायन करते हैं। बदरवास जैसे केंद्र स्थानीय स्तर पर आर्थिक अवसर पैदा करके इस समस्या का समाधान करने में सहायक हो सकते हैं।
महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक सशक्तिकरण इस कार्यक्रम के दो मूल स्तंभ हैं। जब महिलाएं अपने समुदाय में रहकर आर्थिक गतिविधियों में भाग लेती हैं, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है।
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में महिला श्रम भागीदारी दर राष्ट्रीय औसत से कम रही है, ऐसे में यह केंद्र राज्य की उस कमी को पाटने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है। आने वाले समय में स्वाभिमान कार्यक्रम के तहत ऐसे और केंद्र खोले जाने की संभावना है, जो देश के अन्य पिछड़े जिलों में महिला सशक्तिकरण की नई इबारत लिखेंगे।