अदाणी इलेक्ट्रिसिटी एवं अदाणी फाउंडेशन की 'स्वाभिमान' योजना ने 1 करोड़ रुपए का राजस्व हासिल किया
सारांश
Key Takeaways
- महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम।
- 1 करोड़ रुपए का राजस्व हासिल कर एक नया मील का पत्थर।
- सार्वजनिक-निजी भागीदारी का प्रभावी उदाहरण।
- चार हजार पांच सौ से अधिक महिलाओं को आर्थिक लाभ।
- स्थायी बाजार संपर्क स्थापित करने के प्रयास।
मुंबई, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अदाणी इलेक्ट्रिसिटी एवं अदाणी फाउंडेशन की महिला सीएसआर योजना 'स्वाभिमान' ने महिला आर्थिक विकास महामंडल (एमएवीआईएम) के साथ मिलकर गुरुवार को यह घोषणा की कि 'स्वतेजा मार्ट' और 'स्वतेजा किचन' ने केवल एक वर्ष में 1 करोड़ रुपए के राजस्व का महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है।
यह उपलब्धि सशक्त सार्वजनिक-निजी सहयोग के माध्यम से महिला नेतृत्व वाली उद्यमिता की सफलता को उजागर करती है।
महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री अदिति तटकरे और एमएवीआईएम की प्रबंध निदेशक राजलक्ष्मी शाह (आईएएस) ने स्वतेजा मार्ट का दौरा किया।
इस दौरे के दौरान, तटकरे ने विभिन्न स्टॉल का अवलोकन किया और महिला उद्यमियों से बातचीत की। उन्होंने 'स्वतेजा किचन' का उद्घाटन किया और स्विगी के माध्यम से ऑनलाइन ऑर्डर भी दिया।
उन्होंने एकीकृत प्रक्रियाओं और अदाणी फाउंडेशन एवं एमएवीआईएम द्वारा प्रदान की गई सहायता की सराहना की और सफलतापूर्वक बड़े ऑर्डर पूरे करने वाली महिला लाभार्थियों को चेक प्रदान किए।
तटकरे ने कहा, “स्वतेजा मार्ट और स्वतेजा क्लाउड किचन ऐसे आदर्श प्रोजेक्ट हैं जो दिखाते हैं कि अदाणी इलेक्ट्रिसिटी, अदाणी फाउंडेशन और एमएवीआईएम जैसे संगठन किस प्रकार महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रहे हैं, सार्थक आजीविका के अवसर पैदा कर रहे हैं और वित्तीय स्वतंत्रता को प्रोत्साहित कर रहे हैं।”
एमएवीआईएम और बीएमसी के सहयोग से 'स्वाभिमान' योजना के अंतर्गत कार्यान्वित इस परियोजना ने 380 से अधिक महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाया है और कौशल प्रशिक्षण, बचत पहलों तथा संस्थागत ऋण तक पहुंच के माध्यम से 4,500 से अधिक महिलाओं को लाभ प्रदान किया है।
स्वतेजा मार्ट और स्वतेजा क्लाउड किचन स्टॉल, साप्ताहिक बाजारों, कॉर्पोरेट आउटलेट्स, ऑनलाइन प्लेटफार्मों और फूड डिलीवरी चैनलों के माध्यम से स्थायी बाजार संपर्क स्थापित करते हैं, जिससे अब तक सामूहिक रूप से 1 करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार हुआ है।
अदाणी इलेक्ट्रिसिटी के प्रवक्ता ने कहा, “यह उपलब्धि महिला नेतृत्व वाले विकास को गति देने में सार्वजनिक-निजी भागीदारी की शक्ति को रेखांकित करती है। हमें एमएवीआईएम और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर ऐसे मॉडल बनाने पर गर्व है जो वित्तीय स्वतंत्रता और सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हैं।”
अदाणी फाउंडेशन के प्रवक्ता ने जोर देते हुए कहा कि “संख्याओं से परे, यह उपलब्धि महिलाओं के आत्मविश्वास, लचीलेपन और आर्थिक सशक्तिकरण का प्रतीक है।
प्रवक्ता ने आगे कहा, “स्वतेजा मार्ट और स्वतेजा किचन इस बात का उदाहरण हैं कि कैसे केंद्रित सीएसआर प्रयास स्वाभिमान पहल के तहत व्यापक और स्थायी प्रभाव डाल सकते हैं।”