तेजस एमके-1ए की डिलीवरी पर अहम जानकारी, 21 एयरक्राफ्ट तैयार: एचएएल चेयरमैन
सारांश
Key Takeaways
- तेजस एमके-1ए की डिलीवरी पर महत्वपूर्ण प्रगति हो रही है।
- 21 एयरक्राफ्ट तैयार हैं और मई में डिलीवरी की उम्मीद है।
- इंजन सप्लाई में चुनौतियाँ हैं, लेकिन स्थिति बेहतर हो रही है।
- प्रचंड हेलीकॉप्टर की तकनीकी समस्याएँ सुलझ गई हैं।
- स्वदेशी रक्षा कार्यक्रमों में निरंतर प्रगति जारी है।
नई दिल्ली, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक डॉ. डीके सुनील ने गुरुवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से विशेष बातचीत में भारत के स्वदेशी रक्षा कार्यक्रमों की प्रगति पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने तेजस एमके-1ए की डिलीवरी, इंजन आपूर्ति, एसयू-57, तेजस एमके-2, प्रचंड हेलीकॉप्टर और वैश्विक घटनाओं के प्रभाव पर महत्वपूर्ण बयान दिए।
डॉ. सुनील ने कहा कि तेजस एमके-1ए कार्यक्रम में बहुत अच्छी प्रगति हो रही है। उन्होंने बताया, "आज की तारीख तक हमने तेजस एमके-1ए के 21 एयरक्राफ्ट तैयार कर लिए हैं। हमारे पास 5 इंजन उपलब्ध हैं और छठा इंजन भी आने वाला है। एयरक्राफ्ट तैयार हैं, और डिजाइन एवं विकास में केवल कुछ आइटम शेष हैं।"
उन्होंने दिसंबर में भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के साथ हुई चर्चा का जिक्र किया और कहा, "हमने उन्हें बीवीआर मिसाइल, लेजर गाइडेड रॉकेट और रडार जैसे महत्वपूर्ण आइटम तैयार होने की जानकारी दी। रडार की रेंज बढ़ाने का कार्य अप्रैल में पूरा हो जाएगा। मई में वायुसेना के साथ फिर से चर्चा होगी। मुझे उम्मीद है कि मई की बैठक में कुछ ठोस निर्णय लिया जाएगा, जब हमारे पास 6 एयरक्राफ्ट तैयार होंगे।"
इंजन आपूर्ति पर डॉ. सुनील ने स्वीकार किया कि सप्लाई चेन में चुनौतियाँ हैं, जो कोविड और उसके बाद की स्थिति के कारण आई हैं। उन्होंने कहा, "जब एयरक्राफ्ट इस इंजन के आसपास डिज़ाइन किए गए हैं, तो विकल्प सीमित हैं। हम जीई के साथ निरंतर संपर्क में हैं। कंपनी में नया प्रबंधन आया है, और परीक्षण में ऑटोमेशन बढ़ाया गया है। हमें विश्वास है कि स्थिति सही दिशा में है। इस वर्ष जुलाई से दिसंबर के बीच 20 इंजन आने की उम्मीद है।"
180 तेजस एमके-1ए की डील पर उन्होंने कहा, "यह सौदा करीब 7 वर्षों में पूरा हो जाएगा। डिलीवरी की गति मुख्य रूप से इंजन आपूर्ति पर निर्भर है।" उन्होंने आश्वासन दिया कि तकनीकी समिति ने जांच पूरी कर ली है और निष्कर्ष पर पहुंच गई है। अगले सप्ताह तक यह एयरक्राफ्ट फिर से कार्रवाई में आ जाएगा।
पाँचवीं पीढ़ी के फाइटर एयरक्राफ्ट सु-57 पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया, "रूस से तकनीकी अध्ययन हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि हम 50 प्रतिशत मौजूदा सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं। बाकी नई सुविधाओं के लिए रूस से निवेश की आवश्यकता है। इसके बाद हम वायुसेना को समय और लागत के बारे में बताएंगे। कुछ तकनीकी पहलू बाकी हैं, जिन्हें हम 2-3 महीने में पूरा कर लेंगे।"
इजरायली रडार आपूर्ति पर वैश्विक तनाव (इजरायल-हमास और ईरान संघर्ष) के प्रभाव को लेकर डॉ. सुनील ने कहा, "इजरायल से रडार की आपूर्ति पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। शुरुआत में कुछ प्रभाव था, लेकिन उनकी फैक्टरियां काम करती रहीं और समस्याएं कवर हो गईं। हमारे पास मौजूद सभी एयरक्राफ्ट के लिए पर्याप्त सामग्री उपलब्ध है। वर्तमान में कोई समस्या या पैनिक नहीं है।"
प्रचंड (एलएचसी) हेलीकॉप्टर पर उन्होंने अच्छी खबर दी। उन्होंने कहा, "कोस्ट गार्ड से संबंधित तकनीकी समस्याएं हल हो गई हैं। हम नए पार्ट के साथ गियरबॉक्स को मॉडिफाई करके तैनात कर रहे हैं। अगले दो महीनों में नेवी और कोस्ट गार्ड के सभी एयरक्राफ्ट ठीक हो जाएंगे और उड़ान भरने लगेंगे।"
डॉ. सुनील ने आगे बताया, "हमने 35 एल-31एफपी इंजन डिलीवर किए हैं। 15 प्रचंड हेलीकॉप्टर डिलीवर कर दिए गए हैं और 12 तैयार हैं, जो इस वर्ष डिलीवर हो जाएंगे। वित्तीय रूप से एचएएल के सभी पैरामीटर मजबूत हैं।"
एचएएल के चेयरमैन ने कुल मिलाकर आत्मनिर्भर भारत के रक्षा क्षेत्र में हो रही प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कंपनी स्वदेशी उत्पादन बढ़ाने, सप्लाई चेन को मजबूत करने और वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।