तेजस मार्क 1ए की डिलीवरी तारीख पर जून में होगा फैसला, एचएएल की रिव्यू मीटिंग एक महीना आगे खिसकी

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तेजस मार्क 1ए की डिलीवरी तारीख पर जून में होगा फैसला, एचएएल की रिव्यू मीटिंग एक महीना आगे खिसकी

सारांश

83 तेजस मार्क 1ए विमानों के अनुबंध के बावजूद एक भी डिलीवरी नहीं — और अब मई की समीक्षा बैठक भी टल गई। जून में होने वाली अगली बैठक तय करेगी कि भारतीय वायुसेना की स्क्वॉड्रन कमी पाटने का यह अहम कार्यक्रम आखिरकार कब पटरी पर आएगा।

मुख्य बातें

तेजस मार्क 1ए की डिलीवरी तारीख तय करने के लिए जून 2025 में अहम रिव्यू बैठक प्रस्तावित है।
रडार प्रदर्शन और अन्य प्रणालियों में सुधार लंबित होने के कारण मई की बैठक नहीं हो सकी।
एचएएल के साथ 83 एलसीए तेजस मार्क 1ए का अनुबंध है, लेकिन अब तक एक भी विमान की डिलीवरी नहीं हुई।
21 एयरक्राफ्ट तैयार हैं और कैट-बी इंजन के साथ उनका परीक्षण हो चुका है।
अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक से 99 एफ404 इंजन की डील 2021 में हुई थी; इंजन अब धीरे-धीरे मिलने लगे हैं।
भारतीय वायुसेना को 42 स्क्वॉड्रन की ज़रूरत है, पर फिलहाल केवल 29 स्क्वॉड्रन सक्रिय हैं।

भारतीय वायुसेना के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा निर्मित तेजस मार्क 1ए लड़ाकू विमान की पहली डिलीवरी की संभावित तारीख अब जून 2025 में होने वाली एक अहम समीक्षा बैठक में तय हो सकती है। रक्षा अधिकारियों के अनुसार, रडार प्रदर्शन और कुछ अन्य प्रणालियों में सुधार के बाद मई में निर्धारित यह रिव्यू मीटिंग नहीं हो सकी और अब इसे अगले महीने तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि 83 एलसीए तेजस मार्क 1ए विमानों के अनुबंध के बावजूद अब तक एक भी एयरक्राफ्ट की डिलीवरी नहीं हो पाई है।

मई की बैठक क्यों टली

एचएएल के पूर्व सीएमडी डॉ. डी. के. सुनील ने पहले स्वीकार किया था कि डिज़ाइन और विकास से जुड़े 1-2 बिंदुओं पर अभी काम शेष था। रक्षा अधिकारियों के अनुसार, यही अधूरे पहलू मई की बैठक टलने की प्रमुख वजह बने। पिछले दिसंबर में हुई समीक्षा में बीवीआर एयर-टू-एयर मिसाइल, लेजर गाइडेड बम, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और रडार इंटीग्रेशन के काम पूरे होने की सूचना दी गई थी, लेकिन रडार की परफॉर्मेंस में सुधार सहित कुछ अन्य पहलू तब भी लंबित थे।

जून की बैठक में क्या होगा

प्रस्तावित जून बैठक में एचएएल को तेजस मार्क 1ए की मेजर, माइनर और अनिवार्य परिचालन आवश्यकताओं (ऑपरेशनल रिक्वायरमेंट्स) की प्रगति रिपोर्ट पेश करनी होगी। वायुसेना के सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि गैर-समझौतावादी परिचालन ज़रूरतों पर किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी। हालाँकि, कुछ माध्यमिक बिंदुओं पर — जैसे कि कोई तकनीक स्वचालित की जगह मैनुअल तरीके से संचालित हो — सीमित राहत पर विचार किया जा सकता है।

रक्षा अधिकारियों के अनुसार, यदि एचएएल अनिवार्य परिचालन आवश्यकताएँ पूरी कर लेता है, तो पहली डिलीवरी की तारीख घोषित हो सकती है। यदि ये शर्तें पूरी नहीं होतीं, तो डिलीवरी में और विलंब अवश्यंभावी होगा। अंतिम निर्णय का अधिकार रक्षा मंत्रालय के पास है, क्योंकि अनुबंध मंत्रालय और एचएएल के बीच हुआ है।

एयर स्टाफ क्वालिटी रिक्वायरमेंट की बाधा

डिलीवरी से पहले तेजस मार्क 1ए को एयर स्टाफ क्वालिटी रिक्वायरमेंट (ASQR) मानकों पर खरा उतरना अनिवार्य है। इस प्रक्रिया में पहले तकनीकी मूल्यांकन होगा, उसके बाद वायुसेना के परीक्षण पायलट उड़ान भरेंगे और विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। किसी कमी की स्थिति में एचएएल को उसे दूर करने के बाद ही विमान वायुसेना को सौंपा जाएगा। एचएएल के नए सीएमडी रवी कोटा हाल ही में दिल्ली में वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों से मिले, जिसे इस प्रक्रिया को गति देने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

इंजन और उत्पादन की स्थिति

तेजस मार्क 1ए कार्यक्रम में देरी की एक बड़ी वजह इंजन की आपूर्ति में विलंब भी रही है। अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक के साथ 2021 में हुए समझौते के तहत भारत को कुल 99 एफ404 इंजन मिलने हैं और अब धीरे-धीरे इंजनों की आपूर्ति शुरू हो गई है। डॉ. सुनील ने पहले बताया था कि 21 एयरक्राफ्ट तैयार हैं और उनका कैट-बी इंजन के साथ परीक्षण किया जा चुका है।

वायुसेना की स्क्वॉड्रन कमी और तेजस की भूमिका

मौजूदा सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुसार भारतीय वायुसेना को 42 फाइटर स्क्वॉड्रन की ज़रूरत है, जबकि फिलहाल उसके पास केवल 29 स्क्वॉड्रन हैं। वायुसेना पहले ही 40 तेजस विमान शामिल कर चुकी है और तेजस के 11 स्क्वॉड्रन में से 2 पहले से सक्रिय हैं, जबकि 9 अभी शामिल होने बाकी हैं। 83 एलसीए तेजस मार्क 1ए से 4 स्क्वॉड्रन और 97 अतिरिक्त तेजस मार्क 1ए से 5 और स्क्वॉड्रन बनाने की योजना है। वायुसेना प्रमुख डिलीवरी में हो रही देरी पर पहले ही नाराज़गी जता चुके हैं। जून की बैठक के नतीजे यह तय करेंगे कि इस महत्वपूर्ण अंतर को पाटने की दिशा में कार्यक्रम कब ठोस गति पकड़ेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

उत्पादन और आपूर्ति शृंखला के बीच तालमेल अक्सर टूटता है। वायुसेना की 42 में से केवल 29 स्क्वॉड्रन की स्थिति राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज़ से गंभीर है, और हर बैठक का टलना इस अंतर को और चौड़ा करता है। असली सवाल यह है कि क्या जून की बैठक महज़ एक और समयसीमा तय करेगी, या इस बार एचएएल वास्तव में अनिवार्य परिचालन मानकों को पूरा करके आएगा। 'आत्मनिर्भर भारत' के नारे की विश्वसनीयता काफी हद तक इसी कार्यक्रम की सफलता पर टिकी है।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेजस मार्क 1ए की डिलीवरी अब तक क्यों नहीं हुई?
रडार प्रदर्शन और कुछ अन्य प्रणालियों में सुधार अभी पूरा नहीं हो सका है, जिस कारण भारतीय वायुसेना की समीक्षा बैठक बार-बार टलती रही है। एचएएल के पूर्व सीएमडी के अनुसार डिज़ाइन और विकास के 1-2 बिंदुओं पर काम शेष था, और अनिवार्य परिचालन आवश्यकताएँ पूरी होने के बाद ही डिलीवरी संभव है।
जून 2025 की रिव्यू बैठक में क्या तय होगा?
इस बैठक में एचएएल को मेजर, माइनर और अनिवार्य परिचालन आवश्यकताओं की प्रगति रिपोर्ट पेश करनी होगी। यदि अनिवार्य शर्तें पूरी होती हैं तो पहली डिलीवरी की तारीख घोषित हो सकती है, अन्यथा कार्यक्रम में और देरी होगी।
एचएएल के पास कितने तेजस मार्क 1ए तैयार हैं?
रक्षा अधिकारियों के अनुसार एचएएल के पास 21 एयरक्राफ्ट तैयार हैं और उनका कैट-बी इंजन के साथ परीक्षण भी किया जा चुका है। हालाँकि, इन्हें वायुसेना को सौंपने से पहले एयर स्टाफ क्वालिटी रिक्वायरमेंट मानकों पर खरा उतरना अनिवार्य है।
तेजस मार्क 1ए के इंजन की क्या स्थिति है?
अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक के साथ 2021 में हुए समझौते के तहत भारत को 99 एफ404 इंजन मिलने हैं। पहले इंजन की आपूर्ति में देरी कार्यक्रम की बड़ी बाधा थी, लेकिन अब धीरे-धीरे इंजन मिलने शुरू हो गए हैं।
भारतीय वायुसेना की स्क्वॉड्रन कमी कितनी गंभीर है?
वायुसेना को सुरक्षा ज़रूरतों के अनुसार 42 फाइटर स्क्वॉड्रन चाहिए, जबकि अभी केवल 29 सक्रिय हैं। तेजस मार्क 1ए के 83 विमान 4 स्क्वॉड्रन और 97 अतिरिक्त विमान 5 और स्क्वॉड्रन बनाएंगे, जिससे यह कमी काफी हद तक पूरी होने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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