एलसीए तेजस की स्थिति स्पष्ट, एचएएल ने दुर्घटना की खबरों का किया खंडन
सारांश
Key Takeaways
- एलसीए तेजस विमान पूरी तरह सुरक्षित है।
- एचएएल ने तकनीकी समस्या का सामना किया, जो उड़ान के दौरान नहीं हुई।
- एलसीए तेजस का निर्माण एचएएल द्वारा किया जाता है।
- जनरल इलेक्ट्रिक के साथ समझौता भारत को 113 जेट इंजन की आपूर्ति करेगा।
- किसी भी अटकल से बचने की अपील की गई है।
नई दिल्ली, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस) भारत का स्वदेशी फाइटर जेट एलसीए तेजस विमान दुर्घटनाग्रस्त नहीं हुआ है। यह जानकारी सोमवार को आधिकारिक रूप से साझा की गई। हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने एलसीए तेजस से संबंधित हालिया मीडिया रिपोर्टों पर स्पष्ट प्रतिक्रिया दी है।
एचएएल ने कहा कि कुछ रिपोर्टों में तथ्यों के संबंध में भ्रम उत्पन्न हुआ है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि एलसीए तेजस विमान की किसी भी प्रकार की दुर्घटना नहीं हुई है। उल्लेखनीय है कि यह विमान एचएएल द्वारा निर्मित है। कुछ रिपोर्ट्स में एलसीए तेजस के दुर्घटनाग्रस्त होने का दावा किया गया था।
एचएएल के अनुसार, जिस घटना का उल्लेख हो रहा है, वह उड़ान के दौरान नहीं, बल्कि जमीन पर हुई एक मामूली तकनीकी समस्या थी। इसे नियमित रखरखाव और मानक संचालन प्रक्रियाओं के तहत शीघ्रता से संभाला गया। इस घटना से किसी प्रकार की बड़ी क्षति या जनहानि की सूचना नहीं है।
कंपनी का कहना है कि एलसीए तेजस विश्व के समकालीन लड़ाकू विमानों में सर्वोत्तम सुरक्षा रिकॉर्ड रखने वाले विमानों में से एक है। यह स्वदेशी लड़ाकू विमान अत्याधुनिक तकनीक, उन्नत एवियोनिक्स और सख्त सुरक्षा मानकों के लिए प्रसिद्ध है। एचएएल ने यह भी बताया कि तकनीकी पहलुओं का गहन विश्लेषण मानक प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है। कंपनी इस मामले में भारतीय वायु सेना के सहयोग से काम कर रही है, ताकि किसी भी संभावित तकनीकी समस्या का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
कोई भी अटकलें न लगाने की अपील करते हुए एचएएल ने कहा कि केवल प्रमाणित जानकारी ही साझा की जानी चाहिए। एचएएल ने दोहराया कि तेजस कार्यक्रम पूरी तरह से सुरक्षित, विश्वसनीय और देश की सामरिक क्षमता को बढ़ाने वाला है। इस स्पष्टीकरण के साथ एचएएल ने स्पष्ट किया है कि एलसीए तेजस पूरी तरह से सुरक्षित है और संचालन में कोई रुकावट नहीं है।
इस वर्ष और पिछले वर्ष में रक्षा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण अनुबंध हुए हैं, जिनमें एचएएल के साथ 97 तेजस एलसीए एमके 1ए के लिए अनुबंध भी शामिल है। वहीं, 17 अक्टूबर 2025 को रक्षा मंत्री ने एचएएल के नासिक परिसर में एलसीए एमके 1ए की तीसरी उत्पादन लाइन का उद्घाटन किया था। एलसीए एमके 1ए की वार्षिक उत्पादन क्षमता 24 विमानों तक पहुंच गई है। एलसीए तेजस के लिए अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) भारत के एचएएल को इंजन की आपूर्ति कर रही है।
जनरल इलेक्ट्रिक और एचएएल के बीच यह समझौता भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान के इंजन के लिए है। इस समझौते के तहत भारत को 113 जेट इंजन प्रदान किए जाएंगे। जेट इंजन की यह आपूर्ति वर्ष 2032 तक पूरी होने की संभावना है। दुबई एयर शो 2025 में भारतीय लड़ाकू विमान एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस घटना के बाद एचएएल ने एक आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि यह घटना पूरी तरह से असाधारण परिस्थितियों में हुई एक एकाकी घटना थी।