निर्मला सीतारमण ने NDTV प्रॉफिट बिजनेस लीडरशिप अवॉर्ड्स 2026 में दिग्गज उद्योगपतियों को किया सम्मानित
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 28 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 'NDTV प्रॉफिट बिजनेस लीडरशिप अवॉर्ड्स 2026' समारोह में भारतीय उद्योग जगत के शीर्ष नेताओं और संस्थाओं को सम्मानित किया। विजेताओं का चयन भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक एवं चेयरमैन सुनील भारती मित्तल की अध्यक्षता में गठित प्रतिष्ठित जूरी द्वारा कठोर मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद किया गया।
समारोह की पृष्ठभूमि और महत्व
इस पुरस्कार समारोह का उद्देश्य उन व्यक्तियों और संस्थानों को मान्यता देना था, जिनके निर्णयों और नेतृत्व ने भारतीय उद्योग जगत की दिशा को नया आकार दिया है। यह ऐसे समय में आयोजित हुआ जब भारतीय अर्थव्यवस्था वैश्विक भू-राजनीतिक दबावों, जिंसों की अस्थिर कीमतों और मौसम की अनिश्चितताओं के बीच अपनी विकास गति बनाए रखने में सफल रही है।
वित्त मंत्री के मुख्य संबोधन के बिंदु
मुख्य अतिथि के रूप में मंच पर आईं सीतारमण ने भारत और वैश्विक अर्थव्यवस्था के समक्ष मौजूद बड़ी चुनौतियों की विस्तार से चर्चा की। उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के ऊर्जा, व्यापार और आपूर्ति शृंखलाओं पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों का उल्लेख किया। साथ ही अल नीनो और देश के विभिन्न हिस्सों में अनिश्चित वर्षा से उत्पन्न कृषि एवं आर्थिक चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि इन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भारतीय कंपनियों ने निवेश, विनिर्माण, नवाचार और रोज़गार सृजन की गति बनाए रखी है, जो भारतीय उद्योग जगत की असाधारण मज़बूती को दर्शाता है।
वित्त मंत्री ने नई दिल्ली में जेन जेड के विरोध-प्रदर्शनों के बाद छात्रों द्वारा उठाई गई चिंताओं पर सरकार की प्रतिक्रिया का भी उल्लेख किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब युवा सामूहिक रूप से अपनी आवाज़ उठाते हैं, तो संवाद और समयबद्ध कार्रवाई के ज़रिए उनकी बात सुनना और समाधान निकालना सरकार की प्राथमिकता है।
पुरस्कार विजेताओं की पूरी सूची
सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन दिलीप सांघवी को प्रतिष्ठित 'इंडिया बिजनेस आइकन' सम्मान से नवाज़ा गया। महिंद्रा ग्रुप के ग्रुप सीईओ एवं प्रबंध निदेशक अनीश शाह को 'बिजनेस लीडर ऑफ द ईयर' चुना गया।
मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक कैप्टन जगमोहन (सेवानिवृत्त) को 'बिजनेस लीडर ऑफ द ईयर–पीएसयू' पुरस्कार प्राप्त हुआ। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) को 'फाइनेंशियल पावरहाउस ऑफ द ईयर–पीएसयू' सम्मान दिया गया, जिसे SBI के चेयरमैन सी.एस. सेट्टी ने ग्रहण किया।
गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप के चेयरपर्सन नादिर गोदरेज के प्रतिनिधित्व में गोदरेज प्रॉपर्टीज को 'ग्रीन चैंपियन ऑफ द ईयर' घोषित किया गया। नायका की संस्थापक एवं सीईओ फाल्गुनी नायर को 'ट्रेलब्लेजर ऑफ द ईयर' सम्मान से अलंकृत किया गया।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को 'वेल्थ क्रिएटर ऑफ द ईयर' पुरस्कार मिला, जिसे BSE के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ एस. रामामूर्ति ने स्वीकार किया। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक डॉ. रणधीर ठाकुर के नेतृत्व में कंपनी को 'इंडियाज आत्मनिर्भरता चैंपियन' के रूप में सम्मानित किया गया।
'फिलैंथ्रॉपिस्ट ऑफ द ईयर' पुरस्कार किरण नाडर और शिव नाडर के सामाजिक योगदान को मान्यता देते हुए प्रदान किया गया, जिसे किरण नाडर ने ग्रहण किया। श्रीराम फाइनेंस के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ पराग शर्मा के नेतृत्व में कंपनी को 'फाइनेंशियल पावरहाउस ऑफ द ईयर' चुना गया।
डेल्हीवरी के सीईओ और सह-संस्थापक साहिल बरुआ को 'न्यू इकोनॉमी लीडर ऑफ द ईयर' पुरस्कार प्रदान किया गया। 'एआई चैंपियन ऑफ द ईयर' का सम्मान सर्वम एआई को मिला, जिसका प्रतिनिधित्व इसके सह-संस्थापक डॉ. विवेक राघवन ने किया।
आयोजकों की प्रतिक्रिया
पुरस्कारों पर टिप्पणी करते हुए NDTV के सीईओ एवं एडिटर-इन-चीफ राहुल कंवल ने कहा, 'NDTV प्रॉफिट बिजनेस लीडरशिप अवॉर्ड्स ऐसे नेतृत्व का सम्मान करते हैं जो संस्थानों का निर्माण करता है, मूल्य सृजित करता है, भरोसा मज़बूत करता है और भारत की व्यापक विकास यात्रा में योगदान देता है।'
कंवल ने आगे कहा, 'इस वर्ष के विजेता भारतीय उद्योग जगत की महत्वाकांक्षा और विविधता का प्रतिनिधित्व करते हैं — ये सभी मिलकर एक ऐसे भारत की तस्वीर पेश करते हैं जो पहले से अधिक आत्मविश्वास के साथ निर्माण कर रहा है, अधिक उद्देश्यपूर्ण ढंग से प्रतिस्पर्धा कर रहा है और अपने भविष्य को स्वयं आकार देने की क्षमता विकसित कर रहा है।'
आगे की दिशा
यह समारोह ऐसे समय में आयोजित हुआ जब भारत वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने और आत्मनिर्भरता के लक्ष्यों को गति देने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है। गौरतलब है कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और सर्वम एआई जैसी कंपनियों का सम्मान इस बात का संकेत है कि भारतीय उद्योग जगत अब तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता को अपनी विकास रणनीति के केंद्र में रख रहा है।