28 जुलाई 2026
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नीट पेपर लीक विरोध: सीजेपी का राजस्थान पुलिस पर छात्रों को परेशान करने का आरोप, नए आंदोलन की चेतावनी

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नीट पेपर लीक विरोध: सीजेपी का राजस्थान पुलिस पर छात्रों को परेशान करने का आरोप, नए आंदोलन की चेतावनी

सारांश

नीट पेपर लीक के बाद हुए समझौते पर अमल नहीं हो रहा — यही सीजेपी का आरोप है। राजस्थान पुलिस पर छात्रों के घर जाने और फोन से परेशान करने के दावे के साथ संगठन ने नए आंदोलन की चेतावनी दी है। बिहार और पश्चिम बंगाल ने केस वापस लिए, राजस्थान अभी खामोश है।

मुख्य बातें

सीजेपी ने 28 जुलाई को राजस्थान पुलिस पर नीट विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों को घर जाकर और फोन पर परेशान करने का आरोप लगाया।
पार्टी के अनुसार यह उत्पीड़न 25 जुलाई को हुए लिखित समझौते का उल्लंघन है, जिसमें प्रदर्शनकारी छात्रों के मामले वापस लेने पर सहमति बनी थी।
बिहार और पश्चिम बंगाल सरकारें छात्रों के विरुद्ध दर्ज सभी एफआईआर पहले ही वापस ले चुकी हैं।
सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने केंद्र सरकार से 25 जुलाई के समझौते को सार्वजनिक करने की माँग की।
राजस्थान पुलिस ने अब तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
सीजेपी ने चेतावनी दी कि उत्पीड़न न रुका तो जयपुर सहित राजस्थान में फिर से आंदोलन शुरू होगा।

जयपुर में सोमवार, 28 जुलाई को छात्र जनता पार्टी (सीजेपी) ने राजस्थान पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए — पार्टी का कहना है कि नीट पेपर लीक के विरुद्ध हुए प्रदर्शनों में भाग लेने वाले छात्रों को 25 जुलाई के लिखित समझौते के बावजूद पुलिसकर्मी उनके घर जाकर और फोन कर परेशान कर रहे हैं। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि यह कथित उत्पीड़न नहीं रुका तो वे पुनः आंदोलन की राह पकड़ेंगे।

क्या है आरोप

एक वीडियो बयान में सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा, 'पुलिस राजस्थान में हमारी कोर टीम के कुछ सदस्यों के घर बार-बार जा रही है और फोन कॉल के ज़रिए उन्हें परेशान कर रही है।' रांका ने यह भी माँग की कि केंद्र सरकार 25 जुलाई को हुए लिखित समझौते को जल्द सार्वजनिक करे, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

सीजेपी का दावा है कि यह उत्पीड़न उस समझौते का उल्लंघन है, जिसमें प्रदर्शनकारी छात्रों के विरुद्ध दर्ज मामले वापस लेने पर सहमति बनी थी।

अन्य राज्यों से तुलना

रांका ने अन्य राज्यों का हवाला देते हुए कहा कि बिहार सरकार ने छात्रों के विरुद्ध दर्ज सभी मामले वापस ले लिए हैं, और पश्चिम बंगाल में भी सभी एफआईआर वापस ली जा चुकी हैं। उन्होंने केंद्र और राजस्थान सरकार से आग्रह किया कि वे भी इसी मार्ग पर चलें और समझौते का सम्मान करें।

पृष्ठभूमि: नीट विरोध प्रदर्शन

नीट पेपर लीक विवाद के बाद राजस्थान सहित पूरे भारत में छात्रों ने व्यापक प्रदर्शन किए थे। नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी छात्र बड़ी संख्या में एकत्र हुए, जबकि जयपुर के जवाहर सर्कल पर सीजेपी समर्थकों ने कई दिनों तक धरना दिया। इन प्रदर्शनों के दौरान बड़ी संख्या में छात्रों पर मामले दर्ज किए गए थे।

राजस्थान पुलिस की प्रतिक्रिया

उल्लेखनीय है कि राजस्थान पुलिस ने अब तक सीजेपी के इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। आरोप फिलहाल सीजेपी की ओर से एकपक्षीय हैं और स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हो सके हैं।

आगे क्या होगा

सीजेपी ने स्पष्ट किया है कि यदि 25 जुलाई के समझौते का पालन नहीं हुआ और पुलिस का कथित दबाव जारी रहा, तो संगठन फिर से विरोध प्रदर्शन आयोजित करने पर विवश होगा। यह ऐसे समय में आया है जब नीट पेपर लीक मामला राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर बड़े सवाल खड़े कर चुका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीन पर उनका पालन नहीं होता। बिहार और पश्चिम बंगाल द्वारा एफआईआर वापस लेना और राजस्थान का मौन — यह विरोधाभास उजागर करता है कि एक ही केंद्रीय समझौते की व्याख्या राज्यवार अलग-अलग हो रही है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक रही है वह यह है कि जब तक समझौते का पाठ सार्वजनिक नहीं होता, तब तक यह तय करना असंभव है कि उल्लंघन हो रहा है या नहीं। सरकार की चुप्पी इस अनिश्चितता को और गहरा करती है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीजेपी ने राजस्थान पुलिस पर क्या आरोप लगाए हैं?
सीजेपी का आरोप है कि राजस्थान पुलिस नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों के घर जा रही है और उन्हें फोन पर परेशान कर रही है। पार्टी के अनुसार यह 25 जुलाई को हुए उस लिखित समझौते का उल्लंघन है जिसमें प्रदर्शनकारी छात्रों के मामले वापस लेने की सहमति बनी थी।
25 जुलाई का समझौता क्या था?
सीजेपी के अनुसार 25 जुलाई को केंद्र और राज्य सरकारों के साथ एक लिखित समझौता हुआ था, जिसमें नीट विरोध प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के विरुद्ध दर्ज मामले वापस लेने पर सहमति बनी थी। पार्टी ने माँग की है कि इस समझौते को सार्वजनिक किया जाए।
क्या अन्य राज्यों ने प्रदर्शनकारी छात्रों के मामले वापस लिए हैं?
सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका के अनुसार बिहार सरकार ने छात्रों के विरुद्ध दर्ज सभी मामले वापस ले लिए हैं और पश्चिम बंगाल में भी सभी एफआईआर वापस ली जा चुकी हैं। राजस्थान ने अभी तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है।
राजस्थान पुलिस ने इन आरोपों पर क्या कहा?
28 जुलाई तक राजस्थान पुलिस ने सीजेपी के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। ये आरोप फिलहाल सीजेपी की ओर से एकपक्षीय हैं।
सीजेपी ने क्या चेतावनी दी है?
सीजेपी ने स्पष्ट किया है कि यदि राजस्थान पुलिस का कथित उत्पीड़न नहीं रुका और 25 जुलाई के समझौते का सम्मान नहीं किया गया, तो संगठन जयपुर सहित राजस्थान में फिर से विरोध प्रदर्शन आयोजित करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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