पेपर लीक रोकने के लिए सरकार बदलनी होगी: राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव का भाजपा पर हमला
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने 29 जुलाई को पटना में पत्रकारों से बात करते हुए पेपर लीक विरोधी विधेयक, नीट परीक्षा घोटाले की जाँच, बिहार में छात्र आंदोलन और बाकीपुर उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्र व राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल कानून बनाने या इस्तीफे लेने से पेपर लीक की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा — इसके लिए सत्ता परिवर्तन अनिवार्य है।
पेपर लीक पर राजद का रुख
शक्ति सिंह यादव ने कहा कि देशभर में युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता का माहौल है। उनके अनुसार, अब तक 152 बार प्रश्न पत्र लीक हो चुके हैं और युवाओं के लगातार दबाव के चलते सरकार को कार्रवाई करने पर मजबूर होना पड़ा। उन्होंने तर्क दिया कि जब तक मौजूदा सरकार सत्ता में है, तब तक पेपर लीक पर अंकुश लगाना संभव नहीं, क्योंकि — उनके शब्दों में — 'सरकार ही लीक है।' उन्होंने कहा कि यह धारणा अब आम जनता के मन में भी घर कर चुकी है।
नीट मामले में सीबीआई जाँच पर सवाल
नीट परीक्षा घोटाले में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) द्वारा 13 लोगों को हिरासत में लिए जाने — जिनमें राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के तीन अधिकारी भी शामिल हैं — पर राजद प्रवक्ता ने कहा कि जाँच करना CBI का काम है और एजेंसी को निष्पक्ष रहना चाहिए। हालाँकि, उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 के नीट मामले में गुजरात से लेकर बिहार तक कई आरोपियों को क्लीन चिट मिली और पूरे प्रकरण में जाँच की स्थिति संतोषजनक नहीं रही। उनका कहना था कि बिना व्यवस्था में आमूल बदलाव के, केवल जाँच से समस्या का स्थायी निदान नहीं होगा।
राहुल गांधी की टिप्पणी का समर्थन
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी पर की गई टिप्पणी का समर्थन करते हुए यादव ने कहा कि जोशी शिक्षा मंत्रालय जैसी अहम जिम्मेदारी के लिए उपयुक्त नहीं हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि इससे शिक्षा व्यवस्था की हालत और बिगड़ी है — 'एक तो नीम, दूजे करेला।'
छात्र आंदोलन और रिहाई का मुद्दा
बिहार में गिरफ्तार छात्रों की रिहाई के मुद्दे पर यादव ने बताया कि राजद के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर छात्रों को रिहा करने की माँग की थी और राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी थी। उनके अनुसार सरकार ने आंदोलनकारियों के साथ हुए समझौते का पालन नहीं किया और छात्रों पर अनुचित धाराएँ लगाई गईं। अंततः सरकार को दबाव में झुककर छात्रों को रिहा करना पड़ा।
बाकीपुर उपचुनाव और भाजपा की रणनीति पर निशाना
बाकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर यादव ने कहा कि चुनाव प्रचार का शोर भले थम गया हो, जनता का आक्रोश बरकरार है। उन्होंने दावा किया कि अब मतदाता जातीय और धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति से प्रभावित नहीं होंगे और BJP की चुनावी रणनीति कमजोर पड़ रही है। उन्होंने महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी का उल्लेख करते हुए भाजपा की चुनावी रणनीति पर भी सवाल उठाए। राजद का दावा है कि बाकीपुर में जनता का समर्थन विपक्ष के साथ है।