नीट पेपर लीक से फर्जी एनकाउंटर तक: राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव का बिहार सरकार पर तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने 21 जून को पटना में नीट-यूजी पुनर्परीक्षा, जनता दल (यूनाइटेड) की आंतरिक बैठकों और शाहपुर में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर की न्यायिक जाँच समेत कई मुद्दों पर बिहार सरकार को घेरा। उन्होंने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के फर्जी एनकाउंटर संबंधी आरोपों का खुलकर समर्थन किया और सत्तारूढ़ गठबंधन पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया।
नीट-यूजी पर राजद का रुख
शक्ति सिंह यादव ने नीट-यूजी परीक्षा में बार-बार होने वाली लीक को लेकर केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा, 'आज़ाद हिंदुस्तान में यह पहला पेपर है जिसमें भारत सरकार ने सेना का इस्तेमाल किया है।' उन्होंने परीक्षा संचालन करने वाली नियामक संस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि 'इनका एग्जाम कराने वाला कंट्रोलर कितना लचर और कमज़ोर है कि बार-बार परीक्षा लीक हो जा रही है।' गौरतलब है कि नीट-यूजी पेपर लीक विवाद ने पूरे देश में छात्रों और अभिभावकों में गहरी चिंता पैदा की है।
जेडीयू की आंतरिक बैठक पर तंज
जनता दल (यूनाइटेड) की राज्य और राष्ट्रीय परिषद की बैठकों पर यादव ने कहा कि उनकी पार्टी को इन आंतरिक बैठकों से कोई सरोकार नहीं है। हालाँकि, उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि चर्चाओं के अनुसार नीतीश कुमार को दोबारा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाएगा। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि नेतृत्व में बदलाव वांछित है, तो निशांत को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाना बेहतर विकल्प होगा। यादव ने तंज कसते हुए कहा, 'पूरी सड़क वन-वे है — अगर हमारी पार्टी की बैठक होती, तो ऐसा संभव नहीं होता।'
फर्जी एनकाउंटर: सरकार की विफलता का प्रमाण
तेजस्वी यादव द्वारा उठाए गए फर्जी एनकाउंटर के मुद्दे पर राजद प्रवक्ता ने पूरा समर्थन जताया। शक्ति सिंह यादव ने कहा, 'फर्जी एनकाउंटर सरकार की असफलता और पुलिस की गिरती साख का प्रमाण है।' उन्होंने सत्तारूढ़ दल को आगाह करते हुए कहा, 'फेक एनकाउंटर के सवाल पर दो तरह की धुन मत बजाओ।' यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति विधानसभा और सड़क दोनों जगह बहस का केंद्र बनी हुई है।
शाहपुर एनकाउंटर की न्यायिक जाँच
बिहार के शाहपुर में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में न्यायिक जाँच के आदेश पर यादव ने कहा कि राजद चाहता है कि सच्चाई सबके सामने आए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जाँच किससे करानी है, यह सरकार का विशेषाधिकार है — लेकिन परिणाम पारदर्शी होने चाहिए। आलोचकों का कहना है कि न्यायिक जाँच का आदेश तब आया जब मामले ने राजनीतिक रूप ले लिया, जिससे इसकी निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं।
आगे क्या
नीट-यूजी पुनर्परीक्षा की तारीखों और शाहपुर एनकाउंटर जाँच की प्रगति पर सभी की नज़रें टिकी हैं। राजद के इस आक्रामक रुख से बिहार में आगामी राजनीतिक सरगर्मी और तेज होने के संकेत हैं।