भरत तिवारी एनकाउंटर: पप्पू यादव ने की अधिकारियों की जांच की मांग, बिहार सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
सारांश
मुख्य बातें
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने 25 जून 2026 को बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में राज्य सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की माँग की। उन्होंने कहा कि यह एनकाउंटर पूरी तरह गलत था और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जाँच अनिवार्य है। उनके अनुसार, कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवार के साथ न्याय मिलने तक डटकर खड़ी रहेगी।
मुख्य आरोप और घटनाक्रम
यादव ने बताया कि वे स्वयं पीड़ित परिवार से मिले और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने आरोप लगाया, "भरत तिवारी को गलत तरीके से बलि का बकरा बनाया गया।" उनका कहना है कि इस मामले में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और जो अधिकारी इसमें संलिप्त हैं, उनकी भूमिका की भी जाँच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि गरीबों और वंचित वर्गों की आवाज उठाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गहरी चिंता का विषय है।
सरकार की जवाबदेही पर जोर
यादव ने कहा, "यदि किसी भी राज्य में गरीबों, आम नागरिकों या उनके बच्चों के साथ अन्याय होता है तो सरकार को उसके लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। चाहे मामला बिहार, उत्तर प्रदेश या पश्चिम बंगाल का हो, जनता न्याय की माँग करेगी और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाएगी।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार में पुलिस एनकाउंटर की निष्पक्षता पर सवाल उठाने वाली आवाजें तेज हो रही हैं।
नीट पेपर लीक पर भी साधा निशाना
इसी दौरान पप्पू यादव ने नीट पेपर लीक मामले पर भी केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "लाखों छात्र कठिन मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएँ उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करती हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा परिणाम के बाद भी नियुक्तियों में अनावश्यक देरी से युवाओं में निराशा बढ़ रही है।
युवाओं और छात्रों के हितों पर बल
यादव ने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं, छात्रों और किसानों के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने माँग की कि रोजगार प्रक्रिया को समयबद्ध बनाया जाए और परिणाम घोषित होने के बाद निश्चित अवधि के भीतर नियुक्तियाँ सुनिश्चित की जाएँ। नीट पेपर लीक में कथित तौर पर शामिल कोचिंग संस्थानों या अन्य व्यक्तियों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों से जाँच कराने की माँग भी उन्होंने दोहराई।
आगे की राह
यादव ने उम्मीद जताई कि छात्रों और वंचित वर्गों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे और भविष्य में पेपर लीक व फर्जी एनकाउंटर जैसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाएगी। भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में जाँच की माँग अब राजनीतिक रूप से और तेज होने की संभावना है।