26 जून 2026
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भरत तिवारी एनकाउंटर: पप्पू यादव का बिहार सरकार पर हमला, CBI जांच की मांग

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भरत तिवारी एनकाउंटर: पप्पू यादव का बिहार सरकार पर हमला, CBI जांच की मांग

सारांश

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर बिहार सरकार पर जातीय उन्माद भड़काने का आरोप लगाया और CBI जांच की मांग की। उनका दावा है कि एनकाउंटर में पुलिस मुख्यालय की सीधी भूमिका थी — एक ऐसा आरोप जो राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

मुख्य बातें

निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने 26 जून 2026 को भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार सरकार पर हमला बोला।
उन्होंने आरोप लगाया कि एनकाउंटर पुलिस मुख्यालय के आदेश पर हुआ, न कि स्थानीय आरा पुलिस अधिकारियों की पहल पर।
राज्य के सभी एनकाउंटर की जांच वर्तमान न्यायाधीश के नेतृत्व में सीबीआई से कराने की मांग की।
सरकार पर जातीय उन्माद भड़काने का आरोप; 8 करोड़ बेरोज़गार युवाओं का मुद्दा भी उठाया।
राम मंदिर दान प्रकरण में देरी से एफआईआर और बड़े लोगों को बचाने की कोशिश का आरोप लगाया।

पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने 26 जून 2026 को भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जातीय उन्माद भड़काने का काम कर रही है और मांग की कि बिहार में हुए सभी एनकाउंटर की जांच वर्तमान न्यायाधीश के नेतृत्व में सीबीआई द्वारा होनी चाहिए।

एनकाउंटर में पुलिस मुख्यालय की भूमिका पर सवाल

पप्पू यादव ने कहा, 'सरकार और मुख्यमंत्री को पता है कि एनकाउंटर में आरा के एसपी, डीएसपी और थानेदार शामिल नहीं हैं, बल्कि पुलिस मुख्यालय शामिल है। पुलिस मुख्यालय के आदेश पर भरत तिवारी का एनकाउंटर हुआ।' उन्होंने यह भी कहा कि यह जांच का विषय है कि एसपी को किस-किसका फोन गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या बिहार सरकार संविधान और कानून से ऊपर है।

जातीय उन्माद का आरोप

सांसद ने दावा किया कि इस एनकाउंटर के विरोध में पूरा बिहार खड़ा है। उन्होंने कहा, 'नेता, ब्राह्मण समाज और अन्य गरीब लोग कहने लगे हैं कि वे पुलिस से घृणा करेंगे। एक तरफ ऊंची जात को गाली देना और दूसरी तरफ ओबीसी और दलित को गाली देना — वर्तमान सरकार बिहार में जातीय उन्माद करा रही है।' आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान राज्य में सामाजिक तनाव को और गहरा कर सकते हैं।

राहुल गांधी की बिहार यात्रा और बेरोज़गारी का मुद्दा

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आगामी बिहार यात्रा और छात्र सम्मेलन पर पप्पू यादव ने कहा कि करोड़ों छात्रों के भविष्य का मुद्दा सर्वोपरि है। उनके अनुसार, '8 करोड़ बच्चे हर साल नौकरी के लिए आवेदन करते हैं, लेकिन नौकरियाँ महज हजार या सौ लोगों को मिलती हैं।' उन्होंने नीट परीक्षा स्थगित होने का उल्लेख करते हुए कहा कि राहुल गांधी देश के बेरोज़गार युवाओं की आवाज़ हैं और इसीलिए उनका कार्यक्रम तय है।

राम मंदिर दान प्रकरण पर प्रतिक्रिया

पप्पू यादव ने राम मंदिर दान प्रकरण पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, 'जो राम को लाए हैं, वही राम को खा रहे हैं। इतने दिनों से चढ़ावे का गबन हो रहा था — यह संगठित अपराध है।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले में एफआईआर काफी देरी से दर्ज की गई और बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की गई। गौरतलब है कि इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और ये आरोप कथित तौर पर लगाए गए हैं।

आगे क्या

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में सीबीआई जांच की मांग अब विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों की ओर से भी उठने लगी है। बिहार सरकार की प्रतिक्रिया और न्यायिक प्रक्रिया पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पुलिस मुख्यालय की कथित संलिप्तता का सवाल एक गंभीर संस्थागत जवाबदेही की माँग उठाता है जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। बिहार में एनकाउंटर की बढ़ती संख्या और उनकी परिस्थितियों पर स्वतंत्र जाँच की कमी एक पुराना और अनसुलझा मुद्दा है। जातीय उन्माद का आरोप चुनावी नज़रिए से भी महत्वपूर्ण है — विपक्ष इसे आगामी चुनावों में भुनाने की कोशिश करेगा। असली परीक्षा यह है कि न्यायपालिका और राज्य सरकार इस मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भरत तिवारी एनकाउंटर क्या है?
भरत तिवारी एनकाउंटर बिहार में पुलिस द्वारा की गई एक कार्रवाई है जिसमें भरत तिवारी की मृत्यु हुई। इस मामले में पुलिस की भूमिका और आदेश की श्रृंखला पर विवाद खड़ा हो गया है, और विपक्षी नेता CBI जांच की माँग कर रहे हैं।
पप्पू यादव ने बिहार सरकार पर क्या आरोप लगाए?
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि भरत तिवारी का एनकाउंटर पुलिस मुख्यालय के आदेश पर हुआ और राज्य सरकार जातीय उन्माद भड़का रही है। उन्होंने वर्तमान न्यायाधीश के नेतृत्व में CBI जांच की माँग की।
पप्पू यादव ने CBI जांच की मांग क्यों की?
उनका कहना है कि एनकाउंटर में स्थानीय पुलिस अधिकारियों की नहीं बल्कि पुलिस मुख्यालय की भूमिका थी, इसलिए निष्पक्ष जांच के लिए CBI ज़रूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के सभी एनकाउंटर की जांच होनी चाहिए।
राहुल गांधी की बिहार यात्रा से इस मामले का क्या संबंध है?
पप्पू यादव ने राहुल गांधी की आगामी बिहार यात्रा को बेरोज़गारी और छात्रों के मुद्दों से जोड़ा। उनके अनुसार 8 करोड़ युवा हर साल नौकरी के लिए आवेदन करते हैं और राहुल गांधी इन्हीं युवाओं की आवाज़ उठाने बिहार आ रहे हैं।
राम मंदिर दान प्रकरण में पप्पू यादव ने क्या कहा?
पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि राम मंदिर के चढ़ावे का गबन हो रहा था और यह संगठित अपराध है। उन्होंने कहा कि एफआईआर काफी देरी से दर्ज हुई और बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की गई — हालांकि ये आरोप कथित तौर पर लगाए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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