10 अगस्त 2026
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भरत तिवारी एनकाउंटर: पप्पू यादव का आरोप — 'बड़ी मछलियों को बचाने के लिए रची गई साजिश'

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भरत तिवारी एनकाउंटर: पप्पू यादव का आरोप — 'बड़ी मछलियों को बचाने के लिए रची गई साजिश'

सारांश

भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर में एफआईआर दर्ज होने के बाद सांसद पप्पू यादव ने सीधे हेडक्वार्टर पर उँगली उठाई है — आरोप है कि एसटीएफ भेजकर हत्या कराई गई और 'बड़ी मछलियाँ' सिस्टम की आड़ में बच रही हैं। मामला बिहार में पुलिस जवाबदेही की पूरी व्यवस्था पर सवाल बन गया है।

मुख्य बातें

भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि 'बड़ी मछलियों' को बचाने के लिए साजिश रची गई।
यादव के अनुसार एसटीएफ की टीम भेजकर भरत तिवारी को मरवाया गया; डीएसपी ने पहले इनकार किया था।
भरत तिवारी को जमुनिया गांव के बेघर गरीबों के लिए लड़ने वाला समाज-सेवक बताया गया।
यादव ने जीतनराम मांझी और चिराग पासवान पर पासवान समुदाय की हत्याओं पर चुप रहने का आरोप लगाया।
मामले की जाँच जारी है; यादव ने हेडक्वार्टर स्तर की जाँच की माँग की है।

बिहार के भोजपुर में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। मुठभेड़ में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इस पूरे प्रकरण को एक सुनियोजित षड्यंत्र करार दिया है। उनका आरोप है कि यह कार्रवाई 'बड़ी मछलियों' को बचाने के लिए की गई।

पप्पू यादव के आरोप

सांसद पप्पू यादव ने कहा, 'बड़ी मछलियों को बचाने के लिए बार-बार कई साजिशें रची गईं। भरत तिवारी एक साधारण समाज-सेवक थे जो जमुनिया गांव के बेघर हुए गरीबों के लिए लड़ते थे।' उन्होंने आरोप लगाया कि हेडक्वार्टर में बैठे वरिष्ठ अधिकारी खुद को कानून, संविधान और लोकतंत्र से ऊपर समझते हैं और सिस्टम का दुरुपयोग कर करोड़ों कमाते हैं।

यादव ने सवाल उठाया कि 'क्या यह हत्या हेडक्वार्टर की मिलीभगत के बिना हुई?' — यह सवाल मामले की जाँच की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है।

एसटीएफ और वरिष्ठ अधिकारियों पर सवाल

पप्पू यादव ने माँग की कि जाँच में यह स्पष्ट किया जाए कि हेडक्वार्टर से डीएसपी को किसने फोन किया, यह मामला किस स्तर तक गया और किन वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क हुआ। उन्होंने कहा कि डीएसपी ने स्वयं इनकार कर दिया था, लेकिन बाद में एसटीएफ की टीम भेजकर भरत तिवारी को मरवाया गया। उनका यह भी कहना था कि 'भरत तिवारी के अंदरुनी जगहों पर गोली मारी गई', जो एक फर्जी मुठभेड़ की ओर संकेत करता है।

व्यापक सामाजिक मुद्दों पर भी निशाना

यादव ने इस अवसर पर बिहार में कई अन्य गंभीर घटनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि खाने-पीने जैसी मामूली बात पर पासवान समुदाय के दो लोगों की हत्या कर दी गई, फिर भी कोई न्याय दिलाने नहीं पहुँचा। उन्होंने जीतनराम मांझी और चिराग पासवान जैसे नेताओं पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया।

इसके अलावा उन्होंने एक अत्यंत पिछड़े समुदाय की बेटी के साथ दो बार हुए गैंगरेप, नौसा नगर में जातिगत पहचान के आधार पर करीब 100 महिलाओं की हत्या और एक डिग्री कॉलेज में आंदोलन के चलते छात्राओं व शिक्षक को जेल भेजे जाने की घटनाओं पर भी मौन तोड़ा।

भरत तिवारी की 'शहादत' पर यादव का बयान

पप्पू यादव ने कहा, 'भरत तिवारी का एनकाउंटर गलत था। सवाल सिर्फ एनकाउंटर का नहीं, पूरे सिस्टम पर है।' उन्होंने यह भी कहा कि भरत तिवारी की शहादत कई बच्चों के भविष्य को बचा सकती है और कानून की स्थापना कर सकती है।

आगे क्या होगा

मुठभेड़ में शामिल पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है और मामले की जाँच जारी है। राजनीतिक दबाव बढ़ने के साथ यह देखना होगा कि बिहार सरकार उच्च-स्तरीय जाँच के लिए कोई कदम उठाती है या नहीं। इस मामले ने राज्य में पुलिस जवाबदेही और सामाजिक न्याय के व्यापक सवालों को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह महज एक फर्जी एनकाउंटर नहीं, बल्कि संस्थागत अपराध का मामला बन जाता है। बिहार में पुलिस एनकाउंटर की विश्वसनीयता पहले से सवालों के घेरे में रही है, और एफआईआर दर्ज होना अपने आप में असाधारण है। लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या जाँच निचले पायदान पर रुकेगी या वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुँचेगी। यादव द्वारा मांझी और चिराग पासवान पर निशाना साधना भी राजनीतिक है — यह NDA के दलित-पिछड़ा गठबंधन में दरार उजागर करने की कोशिश है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भरत तिवारी एनकाउंटर क्या है?
भरत तिवारी बिहार के भोजपुर जिले के एक समाज-सेवक थे, जिनकी पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। मामले में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और इसे कथित फर्जी एनकाउंटर बताया जा रहा है।
पप्पू यादव ने एनकाउंटर पर क्या आरोप लगाए?
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि एसटीएफ की टीम भेजकर भरत तिवारी को मरवाया गया और यह सब 'बड़ी मछलियों' को बचाने की साजिश का हिस्सा था। उन्होंने हेडक्वार्टर स्तर की मिलीभगत की जाँच की माँग की है।
भरत तिवारी कौन थे और वे किसके लिए लड़ रहे थे?
भरत तिवारी भोजपुर के जमुनिया गांव के बेघर हुए गरीबों के लिए आवाज उठाने वाले समाज-सेवक बताए जाते हैं। पप्पू यादव के अनुसार उन्होंने स्वयं उस गांव को बचाने में भूमिका निभाई थी।
एनकाउंटर मामले में एफआईआर किस पर दर्ज हुई है?
मुठभेड़ में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पप्पू यादव की माँग है कि जाँच का दायरा बढ़ाकर वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुँचाया जाए।
पप्पू यादव ने जीतनराम मांझी और चिराग पासवान को क्यों घेरा?
यादव ने आरोप लगाया कि पासवान समुदाय के दो लोगों की हत्या और एक पिछड़े समुदाय की बेटी के साथ गैंगरेप जैसी घटनाओं पर जीतनराम मांझी और चिराग पासवान ने चुप्पी साध रखी है। उनका कहना है कि ये नेता पीड़ितों के पास नहीं गए।
राष्ट्र प्रेस
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