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भरत तिवारी एनकाउंटर: बिलौटी गांव पहुंची न्यायिक आयोग की टीम, परिजनों से पूछताछ शुरू

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भरत तिवारी एनकाउंटर: बिलौटी गांव पहुंची न्यायिक आयोग की टीम, परिजनों से पूछताछ शुरू

सारांश

बिहार के भोजपुर जिले में भरत तिवारी के कथित पुलिस एनकाउंटर की न्यायिक जांच शुरू हो गई है। सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा की अगुवाई में आयोग की टीम बिलौटी गांव पहुंची, परिजनों से बातचीत की और घटनास्थल का निरीक्षण किया। परिजनों ने एनकाउंटर को फर्जी बताया है।

मुख्य बातें

भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच 26 जून 2025 को बिलौटी गांव, भोजपुर से औपचारिक रूप से शुरू हुई।
पटना उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा न्यायिक जांच आयोग का नेतृत्व कर रहे हैं।
आयोग ने भरत तिवारी की माँ सहित परिवार के सदस्यों से बातचीत की और लिखित आवेदन देने को कहा।
टीम ने कथित मुठभेड़ स्थल का भौतिक निरीक्षण भी किया; भोजपुर के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
परिजनों और स्थानीय लोगों ने एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए निष्पक्ष जांच की माँग की थी, जिसके बाद राज्य सरकार ने जांच के आदेश दिए।

बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में पुलिस के कथित एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी मामले की न्यायिक जांच 26 जून 2025 को औपचारिक रूप से शुरू हो गई। राज्य सरकार द्वारा गठित न्यायिक जांच आयोग की टीम पटना उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा के नेतृत्व में बिलौटी गांव पहुंची और मृतक के परिजनों से उनका पक्ष सुना।

परिजनों से बातचीत और साक्ष्य संग्रह

आयोग की टीम ने भरत तिवारी की माँ समेत परिवार के अन्य सदस्यों से विस्तृत बातचीत की। आयोग ने परिजनों को घटनाक्रम, तथ्यों और आरोपों से संबंधित लिखित आवेदन देने को भी कहा है, ताकि जांच प्रक्रिया में सभी पहलुओं को दस्तावेजी रूप से दर्ज किया जा सके। यह कदम जांच की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

घटनास्थल का निरीक्षण

सूत्रों के अनुसार, आयोग की टीम ने केवल परिजनों से बातचीत तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि उस स्थान का भी निरीक्षण किया जहाँ कथित मुठभेड़ हुई थी। टीम ने स्थानीय परिस्थितियों और उपलब्ध सूचनाओं का जायजा लिया। इस दौरान भोजपुर जिले के कई वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी भी गांव में मौजूद रहे।

आयोग अध्यक्ष का बयान

सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा ने मीडिया से बातचीत में इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह जांच की प्रारंभिक प्रक्रिया है और अभी इस स्तर पर कुछ भी कहना उचित नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग पहले सभी पक्षों से तथ्य जुटाएगा, उसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

विवाद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि भरत तिवारी की मौत के बाद इस कथित पुलिस मुठभेड़ को लेकर इलाके में व्यापक आक्रोश देखने को मिला था। परिजनों और स्थानीय लोगों ने एनकाउंटर को फर्जी करार देते हुए निष्पक्ष जांच की माँग की थी। मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया और विपक्षी दलों के नेताओं ने राज्य सरकार तथा पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया।

आगे क्या होगा

बढ़ते जनदबाव और राजनीतिक विवाद के बीच राज्य सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए थे। अब आयोग की टीम के गांव पहुंचने के साथ जांच प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी है। माना जा रहा है कि आयोग की अंतिम रिपोर्ट इस पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह भी लंबित फाइलों में दब जाएगी। परिजनों द्वारा एनकाउंटर को फर्जी बताना और विपक्ष का सक्रिय होना दबाव बनाए रखेगा, लेकिन जवाबदेही तभी सुनिश्चित होगी जब आयोग की सिफारिशें बाध्यकारी कार्रवाई में बदलें।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भरत तिवारी एनकाउंटर मामला क्या है?
बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में पुलिस की कथित मुठभेड़ में भरत तिवारी की मौत हो गई थी। परिजनों और स्थानीय लोगों ने इसे फर्जी एनकाउंटर बताते हुए निष्पक्ष जांच की माँग की, जिसके बाद राज्य सरकार ने न्यायिक जांच आयोग गठित किया।
न्यायिक जांच आयोग का नेतृत्व कौन कर रहा है?
पटना उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा इस न्यायिक जांच आयोग का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में फिलहाल कोई टिप्पणी करने से इनकार किया है।
जांच आयोग ने बिलौटी गांव में क्या किया?
आयोग की टीम ने भरत तिवारी की माँ सहित परिवार के सदस्यों से बातचीत की और लिखित आवेदन देने को कहा। इसके अलावा टीम ने कथित मुठभेड़ स्थल का भौतिक निरीक्षण भी किया।
इस मामले में राजनीतिक विवाद क्यों हुआ?
भरत तिवारी की मौत के बाद परिजनों ने एनकाउंटर को फर्जी बताया और विरोध प्रदर्शन हुए। विपक्षी दलों के नेताओं ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को जवाबदेह ठहराते हुए निष्पक्ष जांच की माँग की, जिसके बाद सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए।
इस मामले में आगे क्या होगा?
न्यायिक आयोग सभी पक्षों से तथ्य जुटाने के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा। आयोग अध्यक्ष के अनुसार पहले सभी पहलुओं की जानकारी ली जाएगी, उसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
राष्ट्र प्रेस
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