12 जुलाई 2026
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भरत तिवारी एनकाउंटर: माता-पिता ने न्यायिक आयोग को बताई घटना की पूरी कहानी, परिवार की सुरक्षा पर भी उठे सवाल

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भरत तिवारी एनकाउंटर: माता-पिता ने न्यायिक आयोग को बताई घटना की पूरी कहानी, परिवार की सुरक्षा पर भी उठे सवाल

सारांश

भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में माता-पिता ने न्यायिक आयोग को घटना का पूरा ब्यौरा दिया — थाने में रोके जाने से लेकर संदिग्ध पुलिसकर्मियों तक। परिवार की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं और रविवार को जंतर-मंतर पर धरने का ऐलान किया गया है।

मुख्य बातें

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच 11 जुलाई को आगे बढ़ी; मृतक के माता-पिता ने रिटायर्ड जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा के सामने बयान दर्ज कराए।
पिता काशीनाथ तिवारी ने दावा किया कि एनकाउंटर के दिन पुलिस उन्हें थाने ले गई और पूरे दिन वहीं रोके रखा।
माँ आशा देवी ने आयोग को आरोपी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी, एक मोबाइल फोन से जुड़ी जानकारी और अपनी चिंताएं बताईं; आयोग ने लगभग एक घंटे तक पूछताछ की।
सामाजिक कार्यकर्ता रविश भारद्वाज ने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई; दावा किया कि परिवार भय के माहौल में है और घर के आसपास संदिग्ध गतिविधियां देखी जा रही हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से परिवार की मुलाकात के लिए बातचीत जारी; रविवार को जंतर-मंतर पर धरने का ऐलान।
आने वाले दिनों में परिवार के अन्य सदस्यों, पुलिसकर्मियों और गवाहों के बयान दर्ज होने की उम्मीद।

बिहार के भोजपुर जिले में हुए चर्चित भरत तिवारी पुलिस एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच शनिवार, 11 जुलाई को एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुँची, जब मृतक के माता-पिता ने बिहार सरकार द्वारा गठित न्यायिक जांच आयोग के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए। आयोग के प्रमुख रिटायर्ड जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा के सामने दोनों के बयान अलग-अलग लिए गए।

पिता का बयान: थाने में रोके जाने का दावा

मृतक के पिता काशीनाथ तिवारी ने आयोग के सामने बयान दर्ज कराने के बाद पत्रकारों को बताया कि उन्होंने घटना के दिन हुई हर बात का विस्तृत विवरण आयोग को दिया। उन्होंने बताया कि एनकाउंटर के दिन पुलिस उन्हें थाने ले गई थी और पूरे दिन वहीं रोके रखा गया। काशीनाथ तिवारी के अनुसार, उन्होंने घटनाओं का वह क्रम आयोग के सामने रखा जैसा उन्होंने स्वयं अनुभव और समझा था।

जांच की प्रगति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि आयोग ने उन्हें सूचित किया है कि जांच अभी जारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि निष्पक्ष जांच के बाद उचित कार्रवाई सुनिश्चित होगी।

माँ का बयान: संदिग्ध पुलिसकर्मियों की जानकारी दी

मृतक की माँ आशा देवी भी आयोग के सामने पेश हुईं और घटना के बारे में अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि उन्होंने जो कुछ भी व्यक्तिगत रूप से देखा और अनुभव किया, वह सब आयोग को बताया। साथ ही उन्होंने उन पुलिसकर्मियों के बारे में जानकारी साझा की जिन पर उन्हें मामले में शामिल होने का संदेह है।

आशा देवी के अनुसार, आयोग ने उनसे लगभग एक घंटे तक विस्तार से पूछताछ की। उन्होंने आयोग के सामने कई अहम मुद्दे उठाए — जिनमें मामले में आरोपी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग, घटना से जुड़े एक मोबाइल फोन से संबंधित जानकारी और जांच को लेकर उनकी चिंताएं शामिल थीं।

आयोग ने आशा देवी को बताया कि पहले सभी संबंधित व्यक्तियों और गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे, उसके बाद एकत्र साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा। परिवार के अन्य सदस्यों को भी आयोग के समक्ष बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है।

परिवार की सुरक्षा पर चिंता

सामाजिक कार्यकर्ता रविश भारद्वाज ने आम आदमी पार्टी (AAP) कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भरत तिवारी के परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि परिवार भय के माहौल में रह रहा है और उनके घर के आसपास संदिग्ध गतिविधियां देखी जा रही हैं। भारद्वाज के अनुसार, परिवार को सुरक्षित स्थान तक पहुँचाने के लिए विशेष व्यवस्था करनी पड़ी।

भारद्वाज ने यह भी बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से परिवार की मुलाकात को लेकर बातचीत हुई है और जल्द ही समय तय होने की उम्मीद है। उनके अनुसार, परिवार को अपनी बात सरकार के सामने रखने का अवसर मिलेगा।

जंतर-मंतर पर धरने का ऐलान

रविश भारद्वाज ने घोषणा की कि इस मुद्दे को लेकर रविवार को जंतर-मंतर, नई दिल्ली पर धरना दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि प्रदर्शन के दौरान सरकार की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला, तो आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। भारद्वाज ने यह भी बताया कि भरत तिवारी के माता-पिता और उनसे जुड़े लोगों ने आगामी दो-तीन दिनों तक अपनी आगे की योजना सार्वजनिक नहीं करने का फैसला किया है।

जांच का आगे का रास्ता

बिहार सरकार द्वारा गठित न्यायिक जांच आयोग इस मामले के सभी पहलुओं की चरणबद्ध तरीके से जांच कर रहा है। आने वाले दिनों में परिवार के अन्य सदस्यों, घटना में शामिल पुलिसकर्मियों और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए जाने की उम्मीद है। आशा देवी ने कहा कि सभी गवाहों से पूछताछ और जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नतीजा स्पष्ट हो पाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि क्या आयोग के निष्कर्ष समयबद्ध और सार्वजनिक किए जाएंगे। परिवार की सुरक्षा को लेकर उठाई गई चिंताएं — यदि सत्यापित हों — तो यह दर्शाती हैं कि गवाहों की सुरक्षा तंत्र कितना कमज़ोर है। यह भी गौरतलब है कि एनकाउंटर मामलों में न्यायिक आयोग की सिफारिशें अक्सर लागू होने में वर्षों लग जाती हैं या लागू ही नहीं होतीं — बिहार में इस मामले का हश्र क्या होगा, यह जांच की गति और राजनीतिक इच्छाशक्ति दोनों पर निर्भर करेगा।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भरत तिवारी एनकाउंटर मामला क्या है?
यह बिहार के भोजपुर जिले में हुए एक चर्चित पुलिस एनकाउंटर से जुड़ा मामला है जिसमें भरत तिवारी की मौत हुई। बिहार सरकार ने इस मामले की जांच के लिए रिटायर्ड जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में एक न्यायिक जांच आयोग गठित किया है।
न्यायिक जांच आयोग के सामने 11 जुलाई को क्या हुआ?
11 जुलाई को मृतक के पिता काशीनाथ तिवारी और माँ आशा देवी ने आयोग के सामने अलग-अलग बयान दर्ज कराए। दोनों ने घटना के दिन की परिस्थितियों, संदिग्ध पुलिसकर्मियों और अपनी चिंताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
आशा देवी ने न्यायिक आयोग के सामने कौन-से मुद्दे उठाए?
आशा देवी ने आरोपी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग, घटना से जुड़े एक मोबाइल फोन की जानकारी और जांच को लेकर अपनी चिंताएं आयोग के सामने रखीं। आयोग ने उनसे लगभग एक घंटे तक विस्तार से पूछताछ की।
परिवार की सुरक्षा को लेकर क्या चिंताएं जताई गई हैं?
सामाजिक कार्यकर्ता रविश भारद्वाज ने दावा किया कि परिवार भय के माहौल में रह रहा है और घर के आसपास संदिग्ध गतिविधियां देखी जा रही हैं। उनके अनुसार परिवार को सुरक्षित स्थान तक पहुँचाने के लिए विशेष व्यवस्था करनी पड़ी।
इस मामले में आगे क्या होने की उम्मीद है?
आने वाले दिनों में परिवार के अन्य सदस्यों, मामले में शामिल पुलिसकर्मियों और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए जाने की उम्मीद है। रविवार को जंतर-मंतर पर धरने का भी ऐलान किया गया है और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से परिवार की मुलाकात के लिए बातचीत जारी बताई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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