भरत तिवारी एनकाउंटर: माता-पिता ने न्यायिक आयोग को बताई घटना की पूरी कहानी, परिवार की सुरक्षा पर भी उठे सवाल
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के भोजपुर जिले में हुए चर्चित भरत तिवारी पुलिस एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच शनिवार, 11 जुलाई को एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुँची, जब मृतक के माता-पिता ने बिहार सरकार द्वारा गठित न्यायिक जांच आयोग के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए। आयोग के प्रमुख रिटायर्ड जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा के सामने दोनों के बयान अलग-अलग लिए गए।
पिता का बयान: थाने में रोके जाने का दावा
मृतक के पिता काशीनाथ तिवारी ने आयोग के सामने बयान दर्ज कराने के बाद पत्रकारों को बताया कि उन्होंने घटना के दिन हुई हर बात का विस्तृत विवरण आयोग को दिया। उन्होंने बताया कि एनकाउंटर के दिन पुलिस उन्हें थाने ले गई थी और पूरे दिन वहीं रोके रखा गया। काशीनाथ तिवारी के अनुसार, उन्होंने घटनाओं का वह क्रम आयोग के सामने रखा जैसा उन्होंने स्वयं अनुभव और समझा था।
जांच की प्रगति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि आयोग ने उन्हें सूचित किया है कि जांच अभी जारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि निष्पक्ष जांच के बाद उचित कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
माँ का बयान: संदिग्ध पुलिसकर्मियों की जानकारी दी
मृतक की माँ आशा देवी भी आयोग के सामने पेश हुईं और घटना के बारे में अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि उन्होंने जो कुछ भी व्यक्तिगत रूप से देखा और अनुभव किया, वह सब आयोग को बताया। साथ ही उन्होंने उन पुलिसकर्मियों के बारे में जानकारी साझा की जिन पर उन्हें मामले में शामिल होने का संदेह है।
आशा देवी के अनुसार, आयोग ने उनसे लगभग एक घंटे तक विस्तार से पूछताछ की। उन्होंने आयोग के सामने कई अहम मुद्दे उठाए — जिनमें मामले में आरोपी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग, घटना से जुड़े एक मोबाइल फोन से संबंधित जानकारी और जांच को लेकर उनकी चिंताएं शामिल थीं।
आयोग ने आशा देवी को बताया कि पहले सभी संबंधित व्यक्तियों और गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे, उसके बाद एकत्र साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा। परिवार के अन्य सदस्यों को भी आयोग के समक्ष बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है।
परिवार की सुरक्षा पर चिंता
सामाजिक कार्यकर्ता रविश भारद्वाज ने आम आदमी पार्टी (AAP) कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भरत तिवारी के परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि परिवार भय के माहौल में रह रहा है और उनके घर के आसपास संदिग्ध गतिविधियां देखी जा रही हैं। भारद्वाज के अनुसार, परिवार को सुरक्षित स्थान तक पहुँचाने के लिए विशेष व्यवस्था करनी पड़ी।
भारद्वाज ने यह भी बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से परिवार की मुलाकात को लेकर बातचीत हुई है और जल्द ही समय तय होने की उम्मीद है। उनके अनुसार, परिवार को अपनी बात सरकार के सामने रखने का अवसर मिलेगा।
जंतर-मंतर पर धरने का ऐलान
रविश भारद्वाज ने घोषणा की कि इस मुद्दे को लेकर रविवार को जंतर-मंतर, नई दिल्ली पर धरना दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि प्रदर्शन के दौरान सरकार की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला, तो आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। भारद्वाज ने यह भी बताया कि भरत तिवारी के माता-पिता और उनसे जुड़े लोगों ने आगामी दो-तीन दिनों तक अपनी आगे की योजना सार्वजनिक नहीं करने का फैसला किया है।
जांच का आगे का रास्ता
बिहार सरकार द्वारा गठित न्यायिक जांच आयोग इस मामले के सभी पहलुओं की चरणबद्ध तरीके से जांच कर रहा है। आने वाले दिनों में परिवार के अन्य सदस्यों, घटना में शामिल पुलिसकर्मियों और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए जाने की उम्मीद है। आशा देवी ने कहा कि सभी गवाहों से पूछताछ और जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नतीजा स्पष्ट हो पाएगा।