भरत तिवारी एनकाउंटर: बिहार सरकार ने कहा — कोर्ट के हर आदेश का होगा पालन, न्यायिक जांच जारी
सारांश
मुख्य बातें
जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने 22 जून को स्पष्ट किया कि बिहार सरकार भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में न्यायालय के प्रत्येक निर्देश का पूर्णतः पालन करेगी। उन्होंने कहा कि मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पहले ही पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच के आदेश दे चुके हैं।
एनकाउंटर का घटनाक्रम
भरत भूषण तिवारी का 18 जून को भोजपुर जिले से लगभग 25 किलोमीटर दूर बिलौटी गांव में पुलिस ने एनकाउंटर किया था। इस घटना के तुरंत बाद पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने न्यायिक जांच का आदेश दिया।
सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका
अधिवक्ता विशाल तिवारी ने सर्वोच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दाखिल की है, जिसमें इस एनकाउंटर को कथित तौर पर फर्जी बताया गया है। याचिका में अदालत से तीन प्रमुख मांगें की गई हैं — एनकाउंटर में शामिल पुलिस अधिकारियों व कर्मियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करना, संपूर्ण मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपना, और सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति के निगरानी में जांच कराना।
सरकार की प्रतिक्रिया
राजीव रंजन प्रसाद ने कहा, 'भरत तिवारी एनकाउंटर मामला फिलहाल अदालत में लंबित है और राज्य सरकार न्यायालय के निर्देशों का पूरी तरह पालन करेगी। मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए गए थे, इसलिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं, ताकि तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष निष्कर्ष सामने आ सके।' उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि अभिनेता पंकज त्रिपाठी के बड़े भाई पर हुए हमले के मामले में दोषियों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा।
अन्य राजनीतिक मुद्दे
जम्मू-कश्मीर में सामान्य स्थिति की बहाली पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर की टिप्पणी के संदर्भ में राजीव रंजन ने कहा कि थरूर कांग्रेस में रहते हुए भी मूलतः एक राष्ट्रवादी नेता हैं और जब भी उन्होंने देशहित पर अपनी राय रखी है, पार्टी के कई नेता असहज नजर आए हैं। पार्टी संगठन के मोर्चे पर उन्होंने बताया कि नीतीश कुमार को जेडीयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है, जिसे राष्ट्रीय परिषद की बैठक में सर्वसम्मति से मंजूरी मिली। साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व का मानना है कि निशांत कुमार में अपार संभावनाएं हैं और उनके नेतृत्व में पार्टी आने वाले तीन से चार दशकों तक सुदृढ़ रह सकती है।
आगे क्या होगा
मामला अब सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है और न्यायिक जांच की प्रक्रिया भी समानांतर चल रही है। बिहार सरकार की स्थिति स्पष्ट है — अदालत का जो भी निर्देश आएगा, उसका अनुपालन किया जाएगा। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सर्वोच्च न्यायालय CBI जांच की मांग पर क्या रुख अपनाता है।