भोजपुर एनकाउंटर: भरत तिवारी की मां की मांग — 'बेटे के हत्यारे को फांसी दो', हाईकोर्ट जज की अध्यक्षता में जांच आयोग गठित
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के भोजपुर जिले में पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त कार्रवाई में मारे गए 28 वर्षीय भरत तिवारी की माँ ने मंगलवार, 23 जून को दोषियों के लिए मृत्युदंड की माँग की। उन्होंने कहा कि उन्हें भरोसा है कि न्याय की इस लड़ाई में पूरा बिहार उनके साथ खड़ा है।
माँ की पीड़ा और माँग
भरत तिवारी की माँ ने कहा, "जिसने मेरे बेटे को मारा, उसे फांसी होनी चाहिए। मुझे न्याय चाहिए। सरकार के पास ताकत है, उसे हमें न्याय दिलाने में मदद करनी चाहिए।" उन्होंने आगे कहा, "जल्द ही आरोपी को पता चल जाएगा कि भरत तिवारी कौन था। पूरा बिहार मेरे बेटे जैसा है, और पूरा राज्य मेरे बेटे को न्याय दिलाएगा।"
यह ऐसे समय में आया है जब एनकाउंटर की परिस्थितियाँ विवाद के घेरे में हैं और परिवार तथा विपक्ष दोनों पारदर्शी जाँच की माँग कर रहे हैं।
जाँच का दायरा और तरीका
बिहार सरकार ने इस मामले की जाँच तेज कर दी है। सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कानून-व्यवस्था के अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) सुधांशु कुमार ने बताया कि विस्तृत जाँच की जिम्मेदारी शाहाबाद रेंज के उप महानिरीक्षक (DIG) को सौंपी गई है।
जाँच में फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) का विश्लेषण, तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों की परीक्षा, भौतिक साक्ष्यों का संकलन एवं सत्यापन, तथा उपलब्ध वीडियो फुटेज की पड़ताल शामिल है। पुलिस मुख्यालय लगातार जाँच की प्रगति पर नजर रख रहा है।
न्यायिक जाँच आयोग का गठन
घटना की स्वतंत्र जाँच के लिए हाईकोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जाँच आयोग का गठन किया गया है। यह आयोग एनकाउंटर तक की घटनाओं के क्रम की जाँच करेगा, साक्ष्यों और गवाहों के बयानों की समीक्षा करेगा, और अपनी रिपोर्ट व सिफारिशें सरकार को सौंपेगा।
ADG सुधांशु कुमार ने यह भी बताया कि घटना के संबंध में दो अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं। आगे की कानूनी कार्रवाई इन मामलों की जानकारी और जाँच के दौरान एकत्र साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
सत्तारूढ़ दलों की प्रतिक्रिया
सत्तारूढ़ जनता दल-यूनाइटेड (JDU) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार को कहा कि इस मामले में किसी के साथ अन्याय नहीं होगा। JDU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि राज्य सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और उचित कार्रवाई शुरू की है।
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने भी भरोसा दिलाया कि न्याय होगा। दोनों दलों ने राज्य के 'सुशासन' ढाँचे के तहत निष्पक्ष और पारदर्शी जाँच सुनिश्चित करने का संकल्प दोहराया।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि न्यायिक जाँच आयोग की रिपोर्ट और FSL के निष्कर्ष इस मामले की दिशा तय करेंगे। दो FIR के साथ-साथ न्यायिक निगरानी से यह मामला अदालत में भी पहुँच सकता है। भरत तिवारी की माँ और परिवार की निगाहें अब जाँच प्रक्रिया और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।