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भरत तिवारी हत्याकांड: मां का आरोप — आत्मसमर्पण के बाद पुलिस ने दागी पांच गोलियां

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भरत तिवारी हत्याकांड: मां का आरोप — आत्मसमर्पण के बाद पुलिस ने दागी पांच गोलियां

सारांश

भोजपुर में भरत तिवारी की मां का आरोप है कि बेटे ने हथियार फेंककर आत्मसमर्पण किया, फिर भी पुलिस ने पांच गोलियां दागीं। 18 जून के लिखित परिवाद पर हत्या का मामला दर्ज — पिता को थाने में रोकने का भी आरोप।

मुख्य बातें

भरत तिवारी की मां ने 18 जून को पुलिस को लिखित परिवाद सौंपा, जिसके आधार पर हत्या का मामला दर्ज हुआ।
आरोप है कि 17 जून की सुबह शाहपुर पुलिस चौकी प्रभारी भरत को घर से उठाकर जवइनिया ले गए।
मां का दावा: भरत ने हथियार जमीन पर फेंककर आत्मसमर्पण किया, जो फेसबुक लाइव में भी दिखा।
कथित तौर पर जगदीशपुर पुलिस उपाधीक्षक के आदेश पर पांच राउंड गोलियां चलाई गईं।
घटना के दौरान पिता को पूरे दिन शाहपुर थाने में रोके रखा गया; शाम को मौत की सूचना दी गई।

बिहार के भोजपुर जिले में भरत तिवारी की कथित हत्या के मामले में उनकी मां ने 18 जून को पुलिस को एक लिखित परिवाद सौंपा, जिसमें गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि पुलिसकर्मियों की गोली से उनके बेटे की जान गई और बाद में मामले को दबाने की कोशिश की गई। इसी परिवाद के आधार पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है।

घटनाक्रम: 17 जून की सुबह से शुरू हुई कहानी

परिवाद के अनुसार, 17 जून की सुबह करीब आठ बजे भरत तिवारी अपने घर पर मौजूद थे। आरोप है कि उसी दौरान शाहपुर पुलिस चौकी प्रभारी समेत अन्य पुलिसकर्मी वहां पहुंचे और उन्हें अपने साथ ले गए। पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर भरत को बताया कि जवइनिया में विस्थापित बाढ़ पीड़ितों के पास चलना है और उनकी समस्याओं का समाधान कराया जाएगा।

मां का आरोप: हथियार फेंका, फिर भी चलाई गईं गोलियां

भरत तिवारी की मां ने अपने परिवाद में लिखा है, 'जवइनिया बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं को लेकर मेरा बेटा संबंधित अधिकारियों के समक्ष आवाज उठा रहा था। वह फेसबुक पर भी इन समस्याओं को दिखा रहा था। जवइनिया बाढ़ पीड़ितों के पास पहुंचने पर मेरे बेटे ने अपने हाथ में लिया हथियार पुलिस के सामने जमीन पर फेंक दिया, जैसा कि फेसबुक लाइव में भी दिख रहा है।'

परिवाद में आगे आरोप लगाया गया है कि हथियार फेंकने के बाद भरत तिवारी ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया, लेकिन इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें धक्का देकर गड्ढे में गिरा दिया। इसके बाद कथित तौर पर जगदीशपुर पुलिस उपाधीक्षक के आदेश पर भरत तिवारी पर लगातार पांच राउंड गोलियां चलाई गईं। घायल अवस्था में उन्हें पुलिस वाहन में डालकर ले जाया गया।

पिता को थाने में रोका, शाम को मिली मौत की खबर

मां ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के दौरान उनके पति को पूरे दिन शाहपुर थाने में बैठाए रखा गया। शाम को पुलिस ने उन्हें सूचित किया कि उनके बेटे की मौत हो गई है। यह आरोप, अगर सही साबित होता है, तो परिजनों को घटनास्थल से दूर रखने की एक सुनियोजित कोशिश की ओर इशारा करता है।

न्याय की मांग: सभी आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की अपील

अपने परिवाद के अंत में भरत तिवारी की मां ने घटना में शामिल सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में पुलिस एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इस मामले में पुलिस का पक्ष अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अगर सत्यापित होता है, तो यह मामला साक्ष्य-नष्टीकरण की दिशा में गंभीर सवाल खड़े करता है। बिहार में पुलिस एनकाउंटर की मजिस्ट्रेट जांच अक्सर महीनों तक लंबित रहती है और नतीजे शायद ही सार्वजनिक होते हैं। इस मामले में न्यायिक निगरानी की मांग स्वाभाविक और ज़रूरी है।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भरत तिवारी हत्याकांड क्या है?
यह बिहार के भोजपुर जिले का एक कथित पुलिस फायरिंग मामला है जिसमें 17 जून को भरत तिवारी की मौत हुई। उनकी मां ने 18 जून को लिखित परिवाद देकर आरोप लगाया कि आत्मसमर्पण के बाद भी पुलिस ने उन पर पांच गोलियां चलाईं, जिसके आधार पर हत्या का मामला दर्ज किया गया।
मां ने पुलिस पर क्या-क्या आरोप लगाए हैं?
मां का आरोप है कि भरत ने हथियार जमीन पर फेंककर आत्मसमर्पण किया, फिर भी जगदीशपुर पुलिस उपाधीक्षक के आदेश पर पांच राउंड गोलियां दागी गईं। साथ ही घटना के दौरान उनके पति को पूरे दिन शाहपुर थाने में रोके रखा गया।
फेसबुक लाइव का इस मामले में क्या महत्व है?
मां ने अपने परिवाद में दावा किया है कि भरत तिवारी का हथियार फेंककर आत्मसमर्पण करना फेसबुक लाइव में रिकॉर्ड हुआ था। यह वीडियो साक्ष्य मामले में अहम भूमिका निभा सकता है, क्योंकि यह पुलिस के संभावित दावों को चुनौती दे सकता है।
भरत तिवारी पुलिस के साथ क्यों गए थे?
परिवाद के अनुसार पुलिसकर्मियों ने भरत को बताया कि जवइनिया में विस्थापित बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं सुनने के लिए चलना है और उनका समाधान कराया जाएगा। भरत कथित तौर पर फेसबुक के ज़रिए बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं उठा रहे थे।
इस मामले में आगे क्या हो सकता है?
मां ने मांग की है कि घटना में शामिल सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। हत्या का मामला दर्ज हो चुका है; अब मजिस्ट्रेट या न्यायिक जांच और फेसबुक लाइव वीडियो का सत्यापन इस मामले की दिशा तय कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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