भोजपुर पुलिस का खंडन: भरत तिवारी मामले में एसपी पर धमकी के आरोप निराधार, परिवार से संवेदना जताने गए थे
सारांश
मुख्य बातें
भोजपुर पुलिस ने 27 जून 2026 को एक आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि भरत तिवारी मामले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) पर मृतक के भाई चंदन तिवारी को डराने-धमकाने के लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन हैं। बिहार के आरा में कथित पुलिस मुठभेड़ में भरत तिवारी की मौत के बाद से आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है, और अब पुलिस ने सोशल मीडिया तथा अन्य माध्यमों पर फैल रही खबरों को भ्रामक करार दिया है।
एसपी का दौरा: पुलिस का पक्ष
भोजपुर पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार, पुलिस अधीक्षक मृतक भरत तिवारी के परिजनों से केवल संवेदना व्यक्त करने और मामले की निष्पक्ष जाँच के लिए उनका पक्ष जानने के उद्देश्य से उनके आवास पर गए थे। पुलिस का कहना है कि इस मुलाकात का एकमात्र उद्देश्य पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा दिलाना था।
बयान में यह भी बताया गया कि उस दौरान शाहपुर थाना की पुलिस टीम के साथ एक महिला सिपाही भी मौके पर मौजूद थी। पुलिस के अनुसार, बातचीत के दौरान मृतक के परिजनों ने स्वयं एसपी को भीड़ से मात्र तीन-चार कदम की दूरी पर अलग होकर बात करने का संकेत दिया था — यह पहल परिवार की ओर से हुई थी, पुलिस की ओर से नहीं।
परिजनों की माँग और पुलिस का रुख
पुलिस के मुताबिक, उस एकांत बातचीत में परिजनों ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और मामले की निष्पक्ष जाँच कराने का अनुरोध किया। भोजपुर पुलिस ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस बातचीत के दौरान किसी भी प्रकार की धमकी देने, दबाव बनाने या डराने का आरोप असत्य है।
बयान में यह भी उल्लेख किया गया कि ऐसा प्रतीत होता है कि चंदन तिवारी द्वारा दिया गया बयान किसी बाहरी तत्व के बहकावे में आकर सामने आया है — हालाँकि पुलिस ने इस संबंध में कोई ठोस साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया है।
चंदन तिवारी का आरोप क्या था
गौरतलब है कि इससे पहले मृतक भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने आरोप लगाया था कि एसपी ने उन्हें अलग ले जाकर डराया-धमकाया। इस आरोप को कई मीडिया संस्थानों ने प्रमुखता से प्रसारित किया था, जिसके बाद पुलिस ने यह आधिकारिक खंडन जारी किया।
पुलिस की अपील और प्रतिबद्धता
भोजपुर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे जिम्मेदार अधिकारियों की छवि धूमिल करने वाली अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें तथा केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। पुलिस ने यह भी कहा कि वह मृतक भरत तिवारी के परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है और मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं विधिसम्मत जाँच के लिए प्रतिबद्ध है।
यह मामला बिहार में कथित पुलिस मुठभेड़ों को लेकर उठने वाले सवालों की पृष्ठभूमि में और अधिक संवेदनशील हो गया है; आने वाले दिनों में जाँच की दिशा और परिजनों की प्रतिक्रिया इस विवाद का अगला मोड़ तय करेगी।