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भोजपुर मुठभेड़: भरत भूषण तिवारी की मौत पर MLC पवन सिंह ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई

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भोजपुर मुठभेड़: भरत भूषण तिवारी की मौत पर MLC पवन सिंह ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई

सारांश

भोजपुर के बिलौटी गांव में 17 जून की कथित पुलिस मुठभेड़ में भरत भूषण तिवारी की मौत पर BJP विधान पार्षद पवन सिंह ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। बिहार सरकार ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश से जांच का फैसला लिया है, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी जारी है।

मुख्य बातें

17 जून को भोजपुर के बिलौटी गांव में कथित पुलिस मुठभेड़ में भरत भूषण तिवारी की मौत हुई।
BJP विधान पार्षद और भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह ने 21 जून को सोशल मीडिया पर निष्पक्ष जांच की मांग की।
बिहार सरकार ने उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया है।
मृतक भरत भूषण तिवारी को मानसिक रूप से परेशान बताया जा रहा था और उन्हें सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में जाना जाता था।
पवन सिंह ने कहा कि वे शीघ्र ही पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त करेंगे।

भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून को हुई कथित पुलिस मुठभेड़ में भरत भूषण तिवारी की मौत का मामला राजनीतिक रूप से गरमाता जा रहा है। बिहार सरकार ने उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया है, फिर भी इस कथित मुठभेड़ को लेकर बयानबाजी का दौर जारी है।

पवन सिंह की मांग और संवेदना

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधान पार्षद और भोजपुरी सिनेमा के जाने-माने अभिनेता पवन सिंह ने रविवार, 21 जून को सोशल मीडिया पर अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि ग्राम बेलौटी, भोजपुर निवासी स्वर्गीय भरत भूषण तिवारी केवल यह चाहते थे कि जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी जनता की समस्याओं का समाधान करें तथा गरीब, वंचित एवं बाढ़ पीड़ित परिवारों को उनके अधिकारों से वंचित न रखा जाए।

मृतक का सामाजिक परिचय

पवन सिंह ने भरत भूषण तिवारी को एक जागरूक और संवेदनशील सामाजिक कार्यकर्ता बताया। उनके अनुसार, तिवारी ने कोरोना महामारी और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान अपनी सामर्थ्य से बढ़कर समाज सेवा की तथा गरीबों, दलितों और असहाय लोगों की आवाज़ उठाने का निरंतर प्रयास किया। उन्होंने यह भी कहा कि तिवारी के ऐसे कई उदाहरण मौजूद हैं जिनमें वे प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर जनहित के कार्य करते दिखे।

जांच की मांग और लोकतांत्रिक तर्क

विधान पार्षद ने अपने पोस्ट में लिखा, 'यदि विभिन्न माध्यमों से प्रसारित जानकारी एवं वीडियो में दिखाई गई परिस्थितियाँ सही हैं, तो यह आवश्यक है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं न्यायसंगत जांच कराई जाए, ताकि सत्य जनता के सामने आ सके।' उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को न्याय पाने का अधिकार है और कानून का शासन तभी मजबूत माना जाता है जब दोषी चाहे कोई भी हो, उसके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई हो।

सरकार का कदम और आगे की राह

बिहार सरकार ने मामले की स्वतंत्र एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश को जांच का दायित्व सौंपने का फैसला किया है। गौरतलब है कि 17 जून को हुई इस मुठभेड़ में मानसिक रूप से परेशान बताए जा रहे युवक भरत भूषण तिवारी की मौत के बाद स्थानीय स्तर पर व्यापक आक्रोश और सवाल उठे थे। पवन सिंह ने कहा कि वे शीघ्र ही पीड़ित परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करेंगे और निष्पक्ष जांच की मांग को मजबूती से उठाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह पहली बार नहीं है कि राज्य में किसी कथित एनकाउंटर के बाद न्यायिक जांच का आदेश दिया गया हो। असली सवाल यह है कि जांच की समयसीमा और जवाबदेही का तंत्र कितना पारदर्शी होगा। पवन सिंह का बयान राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है क्योंकि वे सत्तारूढ़ BJP के ही विधान पार्षद हैं — यह दर्शाता है कि दल के भीतर भी इस घटना को लेकर असहजता है। मीडिया में प्रसारित वीडियो और परिस्थितियों पर उठे सवालों का निष्पक्ष उत्तर देना अब केवल परिवार की नहीं, बल्कि बिहार की कानून-व्यवस्था की साख का भी प्रश्न बन चुका है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भोजपुर मुठभेड़ में भरत भूषण तिवारी की मौत कैसे हुई?
17 जून को भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में हुई कथित पुलिस मुठभेड़ में भरत भूषण तिवारी की मौत हो गई। मृतक को मानसिक रूप से परेशान बताया जा रहा था और घटना के बाद स्थानीय स्तर पर व्यापक सवाल उठे।
बिहार सरकार ने इस मामले में क्या कदम उठाया है?
बिहार सरकार ने मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया है।
MLC पवन सिंह ने इस मामले पर क्या कहा?
BJP विधान पार्षद पवन सिंह ने 21 जून को फेसबुक पोस्ट के जरिए मृतक भरत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि देते हुए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं न्यायसंगत जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि न्याय केवल होना ही नहीं चाहिए, बल्कि होता हुआ दिखाई भी देना चाहिए।
भरत भूषण तिवारी कौन थे?
भरत भूषण तिवारी भोजपुर के बिलौटी गांव के निवासी थे, जिन्हें एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में जाना जाता था। कथित तौर पर उन्होंने कोरोना महामारी और बाढ़ जैसी आपदाओं के दौरान गरीबों, दलितों और जरूरतमंदों की मदद की थी।
क्या पवन सिंह पीड़ित परिवार से मिलेंगे?
हां, पवन सिंह ने अपने बयान में कहा है कि वे शीघ्र ही पीड़ित परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करेंगे और निष्पक्ष जांच की मांग को मजबूती से उठाएंगे।
राष्ट्र प्रेस
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