भोजपुर में पुलिस मुठभेड़ के बाद बवाल: भरत भूषण तिवारी की मौत पर ग्रामीणों ने जाम किया आरा-बक्सर फोरलेन
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में बुधवार को हुई कथित पुलिस मुठभेड़ में भरत भूषण तिवारी नामक युवक की मौत के बाद 18 जून को ग्रामीणों का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा। बिलौटी गांव के करीब एक से डेढ़ हजार प्रदर्शनकारियों ने शव को आरा-बक्सर फोरलेन पर रखकर यातायात पूरी तरह ठप कर दिया।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, बुधवार को बिलौटी गांव में मुठभेड़ के दौरान युवक ने पहले फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई। गोली लगने के बाद गंभीर रूप से घायल भरत भूषण तिवारी को पहले शाहपुर रेफरल अस्पताल, फिर आरा सदर अस्पताल और अंततः बेहतर इलाज के लिए पटना पीएमसीएच रेफर किया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
शव के बिलौटी गांव पहुँचते ही ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। गुरुवार सुबह बड़ी संख्या में एकत्रित लोगों ने शव को सड़क पर रखकर आरा-बक्सर मार्ग पर जाम लगा दिया, जिससे दोनों दिशाओं में वाहनों की लंबी कतार लग गई और यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
परिजनों और ग्रामीणों का पक्ष
आक्रोशित ग्रामीणों का आरोप है कि भरत भूषण तिवारी मानसिक रूप से परेशान थे और उन पर पूर्व में कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था। ग्रामीणों का यह भी दावा है कि युवक ने आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद पुलिस ने गोली चलाई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए मृतक को न्याय दिलाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच की माँग उठाई।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें कथित तौर पर पुलिस भरत भूषण तिवारी को समझाते नजर आ रही है। हालाँकि इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
पुलिस का पक्ष
पुलिस के बयान के अनुसार, मुठभेड़ में युवक ने पहले फायरिंग शुरू की थी और पुलिस की कार्रवाई उसके जवाब में की गई आत्मरक्षात्मक प्रतिक्रिया थी। घायल युवक को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान करते हुए उच्च अस्पताल में रेफर किया गया था। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुँची और बातचीत के बाद सड़क जाम खुलवाया गया।
आम जनता पर असर
आरा-बक्सर फोरलेन पर घंटों तक जाम लगे रहने से सैकड़ों यात्री और वाहन चालक परेशान रहे। यह मार्ग बिहार के दो प्रमुख जिलों को जोड़ता है और इस पर भारी यातायात का दबाव रहता है। जाम खुलने के बाद यातायात सामान्य हो सका।
क्या होगा आगे
ग्रामीणों की माँग है कि इस मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जाँच कराई जाए। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब बिहार में पुलिस मुठभेड़ों को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। प्रशासन की ओर से अभी तक किसी जाँच की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।