10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भरत तिवारी मामला: भोजपुर सिविल सर्जन बोले — 'पीएमसीएच रेफर किया, आगे की जानकारी नहीं'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भरत तिवारी मामला: भोजपुर सिविल सर्जन बोले — 'पीएमसीएच रेफर किया, आगे की जानकारी नहीं'

सारांश

भोजपुर के सिविल सर्जन ने माना — भरत तिवारी को पीएमसीएच रेफर किया गया था, लेकिन उसके बाद क्या हुआ, इसकी जानकारी उनके पास नहीं। परिवार फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगा रहा है, पुलिस आत्मरक्षा का दावा कर रही है — मामला जाँच के घेरे में।

मुख्य बातें

भरत भूषण तिवारी की मृत्यु 17 जून को भोजपुर में हुए पुलिस ऑपरेशन के दौरान हुई।
घायल अवस्था में उन्हें शाहपुर सीएचसी से भोजपुर जिला अस्पताल और फिर पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पीएमसीएच) रेफर किया गया।
शिवेंद्र कुमार सिन्हा ने कहा कि पीएमसीएच पहुँचने के बाद की जानकारी उनके पास नहीं है।
पुलिस का दावा है कि तिवारी ने 10 से 12 राउंड फायरिंग की; परिवार का आरोप है कि उन्होंने सरेंडर के बाद गोली मारी गई।
पोस्टमार्टम पटना में किया गया; भोजपुर अस्पताल में नहीं।

भोजपुर के सिविल सर्जन डॉ. शिवेंद्र कुमार सिन्हा ने 24 जून को बताया कि 17 जून के पुलिस ऑपरेशन में गोली लगने से घायल भरत भूषण तिवारी को शाहपुर प्राइमरी हेल्थ सेंटर (पीएचसी) लाए जाने पर उनकी हालत अत्यंत गंभीर थी, और प्रारंभिक उपचार के बाद उन्हें तत्काल पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पीएमसीएच) रेफर कर दिया गया था। डॉ. सिन्हा ने स्पष्ट किया कि पीएमसीएच पहुँचने के बाद मरीज के साथ क्या हुआ, इसकी कोई जानकारी उनके पास उपलब्ध नहीं है।

मुख्य घटनाक्रम

भोजपुर जिले के बेलौटी गांव के निवासी भरत भूषण तिवारी की मृत्यु 17 जून को हुए एक पुलिस ऑपरेशन के दौरान हुई थी। घटना के बाद उन्हें पहले शाहपुर कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (सीएचसी) ले जाया गया, जहाँ से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें भोजपुर के जिला अस्पताल रेफर किया गया।

डॉ. सिन्हा ने बताया, 'मरीज को शाहपुर के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर से हमारे पास भेजा गया था, जहाँ उन्हें शुरुआती इलाज मिला था। मामला गंभीर होने के कारण उन्हें हमारे पास रेफर किया गया।'

चिकित्सा दल की तैयारी और उपचार

सिविल सर्जन के अनुसार, शाहपुर पीएचसी को पहले ही सूचित कर दिया गया था कि एक गंभीर मरीज आने वाला है। उन्होंने कहा, 'सुबह करीब 10 बजे मरीज को हमारे अस्पताल लाया गया। हमारी पूरी मेडिकल टीम पहले से स्टैंडबाय पर थी। टीम में ऑर्थोपेडिक स्पेशलिस्ट, सर्जन और एनेस्थेटिस्ट शामिल थे।'

डॉ. सिन्हा ने आगे बताया, 'टीम उन्हें ऑपरेशन थिएटर ले गई और इलाज करने की कोशिश की। डॉक्टरों ने पाया कि उनकी धमनियाँ फट गई थीं, इसलिए कोई जोखिम न लेते हुए शुरुआती उपचार के बाद उन्हें समय पर पीएमसीएच रेफर कर दिया गया।'

पोस्टमार्टम और मृत्यु की परिस्थितियाँ

डॉ. सिन्हा ने स्पष्ट किया कि भरत तिवारी का पोस्टमार्टम भोजपुर अस्पताल में नहीं हुआ, क्योंकि उनकी मृत्यु पटना में हुई थी। उन्होंने कहा कि ऐसे में पोस्टमार्टम पटना में ही किया गया होगा। भोजपुर से गंभीर मामलों को पीएमसीएच रेफर करना सामान्य प्रक्रिया है।

एनकाउंटर को लेकर विवाद

पुलिस के अनुसार, भरत तिवारी ने कथित तौर पर पुलिस टीम पर 10 से 12 राउंड गोलियाँ चलाईं, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में फायरिंग की। हालाँकि, तिवारी के परिवार और कई स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने सरेंडर कर दिया था और उसके बाद उन्हें गोली मारी गई — जिससे यह मामला कथित फर्जी एनकाउंटर का रूप ले रहा है।

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब बिहार में पुलिस एनकाउंटर की पारदर्शिता को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं। मामले की जाँच की माँग तेज होती जा रही है।

आगे क्या

फिलहाल यह मामला जाँच के दायरे में है। परिवार की ओर से फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाए जाने के बाद न्यायिक या उच्च स्तरीय जाँच की माँग उठ रही है। पीएमसीएच में उपचार के दौरान की परिस्थितियाँ भी अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

पता नहीं' — चिकित्सा तंत्र और पुलिस प्रशासन के बीच जवाबदेही की खाई को उजागर करता है। जब एक व्यक्ति की मृत्यु पुलिस कार्रवाई के दौरान होती है और अस्पताल भी पूरी जानकारी से अनजान रहता है, तो यह पारदर्शिता की गंभीर कमी है। परिवार और स्थानीय लोगों के फर्जी एनकाउंटर के आरोप को केवल पुलिस के दावे से खारिज नहीं किया जा सकता — स्वतंत्र जाँच ही एकमात्र विश्वसनीय रास्ता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भरत भूषण तिवारी कौन थे और उनकी मृत्यु कैसे हुई?
भरत भूषण तिवारी भोजपुर जिले के बेलौटी गांव के निवासी थे, जिनकी मृत्यु 17 जून को हुए एक पुलिस ऑपरेशन के दौरान हुई। पुलिस ने दावा किया कि उन्होंने पहले फायरिंग की, जबकि परिवार ने फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाया है।
भरत तिवारी को किस अस्पताल में इलाज मिला?
उन्हें पहले शाहपुर कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (सीएचसी) ले जाया गया, फिर भोजपुर जिला अस्पताल और अंततः पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पीएमसीएच) रेफर किया गया। पीएमसीएच में उनकी मृत्यु हुई।
भोजपुर सिविल सर्जन ने इस मामले पर क्या कहा?
सिविल सर्जन डॉ. शिवेंद्र कुमार सिन्हा ने बताया कि मरीज की हालत गंभीर थी, धमनियाँ फट गई थीं, इसलिए शुरुआती उपचार के बाद उन्हें पीएमसीएच रेफर किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि पीएमसीएच पहुँचने के बाद आगे क्या हुआ, इसकी जानकारी उनके पास नहीं है।
क्या यह मामला फर्जी एनकाउंटर का है?
पुलिस का दावा है कि भरत तिवारी ने 10 से 12 राउंड फायरिंग की और जवाबी कार्रवाई में वे घायल हुए। हालाँकि, परिवार और कई स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने सरेंडर के बाद गोली मारी गई, जिससे यह कथित फर्जी एनकाउंटर का मामला बन रहा है। जाँच अभी जारी है।
भरत तिवारी का पोस्टमार्टम कहाँ हुआ?
सिविल सर्जन के अनुसार, पोस्टमार्टम भोजपुर अस्पताल में नहीं हुआ क्योंकि मृत्यु पटना में हुई थी। इसलिए पोस्टमार्टम पटना में ही किया गया होगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले