नेपाल बाढ़ पीड़ित नेपाली मूल के जवानों के लिए ट्रू होप फाउंडेशन ने दिए ₹50 लाख
सारांश
मुख्य बातें
ट्रू होप फाउंडेशन ने नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित भारतीय सेना के नेपाली मूल के सेवारत सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों की सहायता के लिए आर्मी सेंट्रल वेलफेयर फंड में ₹50 लाख का योगदान दिया है। यह राशि प्रभावित परिवारों को अनुग्रह सहायता के रूप में वितरित की जाएगी।
योगदान का उद्देश्य और राशि का उपयोग
फाउंडेशन द्वारा दी गई ₹50 लाख की यह धनराशि उन सैनिकों और उनके परिजनों तक पहुँचाई जाएगी, जिन्होंने भारतीय सेना में अपनी सेवाएँ दी हैं और इस प्राकृतिक आपदा में सीधे प्रभावित हुए हैं। सप्त शक्ति कमान ने भारतीय सेना की ओर से फाउंडेशन के इस सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया है।
कमान ने ट्रू होप फाउंडेशन, उसके सहयोगियों और दानदाताओं की इस मानवीय पहल की सराहना की है। सेना के अनुसार, इस प्रकार की पहल भारतीय सेना और नागरिक समाज के बीच के मज़बूत संबंधों को और सुदृढ़ करती है।
ट्रू होप फाउंडेशन का कार्यक्षेत्र
ट्रू होप फाउंडेशन आपदा राहत, चिकित्सा सहायता, शिक्षा, दिव्यांग सहायता, पशु कल्याण और मानवीय सेवा जैसे अनेक क्षेत्रों में सक्रिय है। यह संस्था जरूरतमंद समुदायों तक समय पर सहायता पहुँचाने के लिए गैर-सरकारी संगठनों, अस्पतालों, स्वयंसेवकों और सामाजिक संगठनों के साथ समन्वय करके काम करती है।
नेपाल बाढ़ का संदर्भ और भारत की प्रतिक्रिया
26 अगस्त को नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी जनहानि और तबाही मचाई थी। इस आपदा ने नेपाली नागरिकों के साथ-साथ कई विदेशी नागरिकों को भी प्रभावित किया, जिनमें भारतीय नागरिक भी शामिल थे।
आपदा के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह नई दिल्ली के बाराखंभा रोड स्थित नेपाल दूतावास पहुँचे और शोक पुस्तिका में संदेश लिखकर बाढ़ में जान गँवाने वाले लोगों के प्रति अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं। उन्होंने भारत और नेपाल के सुख-दुख के साझीदार संबंध को फिर से रेखांकित किया।
गौरतलब है कि भारतीय वायुसेना की सहायता से भी प्रभावित क्षेत्रों तक राहत सामग्री पहुँचाई गई। यह ऐसे समय में आया है जब भारत और नेपाल के बीच द्विपक्षीय संबंध पहले से ही मजबूत आधार पर खड़े हैं।
भारत-नेपाल संबंधों पर असर
सेना ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि यह पहल भारत और नेपाल के बीच दशकों पुराने मैत्रीपूर्ण संबंधों का प्रतीक है। नेपाली मूल के जवान लंबे समय से भारतीय सेना में अपनी सेवाएँ देते आए हैं और संकट की घड़ी में उनके परिवारों के साथ खड़े होना इस रिश्ते को और गहरा बनाता है।
आने वाले दिनों में आर्मी सेंट्रल वेलफेयर फंड के माध्यम से इस राशि का वितरण प्रभावित परिवारों तक पहुँचाया जाएगा, जो इस कठिन समय में उनके पुनर्वास में सहायक होगा।