नेपाल बाढ़ राहत: भारतीय वायुसेना का तीसरा विमान 28 अगस्त को रवाना, अब तक 47.5 टन सामग्री पहुँची
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय वायुसेना का तीसरा राहत विमान — एक सी-130जे — 28 अगस्त 2026 की शाम नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए आवश्यक राहत सामग्री लेकर रवाना होगा। नेपाल में विनाशकारी अचानक बाढ़ के बाद भारत ने हवाई राहत अभियान को तेज़ कर दिया है, और यह तीसरी उड़ान उसी श्रृंखला की अगली कड़ी है।
अब तक का राहत अभियान
26 अगस्त को भारतीय वायुसेना का पहला सी-130जे विमान हिंडन वायुसेना अड्डे से 10 टन राहत सामग्री लेकर नेपाल रवाना हुआ था। इसके अगले दिन 27 अगस्त को एक सी-17 ग्लोबमास्टर परिवहन विमान 37.5 टन राहत सामग्री लेकर नेपाल पहुँचा। इस प्रकार अब तक दो उड़ानों के ज़रिए कुल 47.5 टन सामग्री नेपाल पहुँचाई जा चुकी है।
राहत सामग्री में क्या शामिल है
भारत द्वारा भेजी जा रही सामग्री में आवश्यक दवाइयाँ, खाद्य सामग्री और अन्य आपातकालीन ज़रूरतों की वस्तुएँ शामिल हैं। यह सामग्री बाढ़ से प्रभावित लोगों की तत्काल ज़रूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से भेजी जा रही है। सी-17 और सी-130जे जैसे भारी परिवहन विमानों के साथ-साथ हेलीकॉप्टरों को भी तैयार रखा गया है, जिनका उपयोग दुर्गम इलाकों में बचाव कार्य और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाने के लिए किया जाएगा।
नेपाल में बाढ़ की स्थिति
नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। गौरतलब है कि नेपाल जैसे पहाड़ी देश में अचानक बाढ़ की घटनाएँ मानसून के दौरान असामान्य नहीं हैं, लेकिन इस बार की बाढ़ की विनाशकारी प्रकृति ने अंतरराष्ट्रीय सहायता को ज़रूरी बना दिया है।
भारत-नेपाल संबंध और मानवीय सहयोग
यह ऐसे समय में आया है जब भारत और नेपाल के बीच द्विपक्षीय संबंध सामरिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण बने हुए हैं। भारतीय वायुसेना का यह त्वरित हवाई अभियान पड़ोस-प्रथम नीति का व्यावहारिक प्रदर्शन है। भारत ने इससे पहले भी 2015 के नेपाल भूकंप के दौरान 'ऑपरेशन मैत्री' के तहत बड़े पैमाने पर राहत अभियान चलाया था।
आगे क्या
भारतीय वायुसेना के अनुसार, सी-17 और सी-130जे विमानों के ज़रिए राहत सामग्री की अतिरिक्त खेप भी नेपाल भेजी जाएगी। हेलीकॉप्टर बचाव दल भी सक्रिय हैं। स्थिति की गंभीरता के अनुसार आगामी दिनों में और उड़ानें संचालित की जा सकती हैं।