सोनल दिनुषा की 4 पारियों में 420 रन की धमाकेदार बल्लेबाजी, गौतम गंभीर ने की खुलकर तारीफ
सारांश
मुख्य बातें
श्रीलंकाई बल्लेबाज सोनल दिनुषा ने भारत बनाम श्रीलंका 2 टेस्ट मैचों की सीरीज में ऐसा प्रदर्शन किया कि खुद भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर उनकी तारीफ करने से नहीं रोक सके। 4 पारियों में 3 शतक और 1 अर्धशतक की बदौलत दिनुषा ने कुल 420 रन बनाए और कोलंबो टेस्ट को अकेले ड्रॉ कराने में निर्णायक भूमिका निभाई।
गंभीर ने एक्स पर की दिल खोलकर तारीफ
भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'टेस्ट क्रिकेट में चरित्र, सब्र और मेंटल टफनेस की जरूरत होती है जो हमारे लड़कों ने दिखाई है। सोनल दिनुषा को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए खास सलाम।' यह प्रशंसा इसलिए और खास हो जाती है क्योंकि दिनुषा ने यह कारनामा भारत के खिलाफ करके दिखाया।
कोलंबो टेस्ट में दिनुषा का मैच बचाने वाला प्रदर्शन
बाएं हाथ के बल्लेबाज दिनुषा ने सिंहली स्पोर्ट्स क्लब (SSC), कोलंबो में खेले गए दूसरे टेस्ट की दोनों पारियों में 103 और नाबाद 133 रन बनाए। दूसरी पारी में उनकी 264 गेंदों पर खेली गई नाबाद 133 रनों की पारी ने श्रीलंका की हार टाल दी और मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ। दिनुषा को इस मैच का प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
गाले टेस्ट में भी रहे प्रभावशाली
पहले टेस्ट में गाले में छठे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए दिनुषा ने दोनों पारियों में 100 और 84 रन बनाए। गौरतलब है कि निचले क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए इतना निरंतर और दबाव में शानदार प्रदर्शन किसी भी बल्लेबाज के लिए असाधारण माना जाता है।
ऐतिहासिक रिकॉर्ड की कतार में शामिल
दिनुषा श्रीलंका के चौथे और कुल पाँचवें क्रिकेटर बन गए जिन्होंने छठे या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए एक टेस्ट मैच की दोनों पारियों में शतक लगाया। इसके अलावा वे अरविंद डी सिल्वा, कुमार संगकारा, दलीप मेंडिस, असंका गुरुसिंहा, तिलकरत्ने दिलशान, धनंजय डी सिल्वा और कामिंडू मेंडिस के बाद टेस्ट की दोनों पारियों में शतक बनाने वाले श्रीलंका के आठवें बल्लेबाज भी बन गए। यह ऐसे समय में आया है जब श्रीलंकाई क्रिकेट युवा प्रतिभाओं की तलाश में है और दिनुषा ने खुद को एक भरोसेमंद मध्यक्रम स्तंभ के रूप में स्थापित किया है।
आगे क्या
इस सीरीज में दिनुषा के प्रदर्शन ने उन्हें श्रीलंकाई क्रिकेट का एक नया चेहरा बना दिया है। क्रिकेट विश्लेषकों के अनुसार, यदि दिनुषा इसी लय को बनाए रखते हैं, तो वे आने वाले वर्षों में श्रीलंका के मध्यक्रम की रीढ़ बन सकते हैं।