28 अगस्त 2026
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कर्नाटक के 101 तालुका सूखा-प्रभावित घोषित, डिप्टी सीएम परमेश्वर ने कहा — जल्द केंद्र को सौंपेंगे रिपोर्ट

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कर्नाटक के 101 तालुका सूखा-प्रभावित घोषित, डिप्टी सीएम परमेश्वर ने कहा — जल्द केंद्र को सौंपेंगे रिपोर्ट

सारांश

कर्नाटक में 101 तालुका सूखा-प्रभावित घोषित हो चुके हैं और 15 दिन बाद और तालुके जुड़ सकते हैं। डिप्टी सीएम परमेश्वर ने केंद्र से ₹72,000 करोड़ जैसी कर्ज माफी की माँग की है — यह संकट कर्नाटक तक सीमित नहीं, कई राज्यों में फैला है।

मुख्य बातें

कर्नाटक के 101 तालुकाओं को आधिकारिक रूप से सूखा-प्रभावित घोषित किया गया।
परमेश्वर ने कहा — 15 दिनों में पुनः समीक्षा, और तालुके सूची में जुड़ सकते हैं।
केंद्र को ज्ञापन सौंपा जाएगा; केंद्रीय दल राज्य का दौरा कर सूखा राहत राशि जारी करेंगे।
परमेश्वर ने केंद्र से ₹72,000 करोड़ जैसी कृषि ऋण माफी की माँग की।
नागेंद्र की चार्जशीट में नाम नहीं; सरकार ने इस्तीफे की माँग खारिज की।
नेपाल में बाढ़ के कारण 12 कन्नड़ नागरिक प्रभावित; काठमांडू में अधिकारी भेजे जाएंगे।

कर्नाटक सरकार ने राज्य में सूखे की स्थिति की विस्तृत समीक्षा के बाद 101 तालुकाओं को आधिकारिक रूप से सूखा-प्रभावित घोषित कर दिया है। राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं राजस्व मंत्री जी. परमेश्वर ने शुक्रवार, 28 अगस्त को बेंगलुरु में अपने आवास के निकट मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि सूखे पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शीघ्र केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी।

मुख्य घटनाक्रम

परमेश्वर ने बताया कि 15 दिनों के बाद स्थिति की पुनः समीक्षा की जाएगी, जिसके बाद और तालुकाओं को भी सूखा-प्रभावित सूची में शामिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि केंद्र को ज्ञापन सौंपे जाने के बाद केंद्रीय दल राज्य का दौरा करेंगे, स्थिति का आकलन करेंगे और उसके बाद सूखा राहत राशि जारी की जाएगी।

कर्ज माफी की माँग

उपमुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से कृषि ऋण माफी पर भी विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "अगर केंद्र सरकार कर्ज माफी की घोषणा करती है, तो इस मुद्दे को व्यापक रूप से हल किया जा सकता है।" परमेश्वर ने यह भी रेखांकित किया कि आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों में भी सूखे की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय मनमोहन सिंह द्वारा लगभग ₹72,000 करोड़ के कृषि ऋण माफी का हवाला देते हुए कहा कि केंद्र का ऐसा कदम देशभर के किसानों को राहत दे सकता है।

मंत्री नागेंद्र के इस्तीफे पर सरकार का रुख

योजना एवं सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे से जुड़े सवाल पर परमेश्वर ने कहा कि नागेंद्र को पद छोड़ने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आदिवासी कल्याण मामले में दायर चार्जशीट में नागेंद्र का नाम शामिल नहीं है। सरकार ने विपक्ष को आमंत्रित किया है कि वह सदन में अपने सवाल उठाए और सरकार हर जानकारी का जवाब देने को तैयार है।

नेपाल में फंसे कन्नड़ नागरिक

नेपाल में बाढ़ के कारण फंसे कर्नाटकवासियों के बारे में परमेश्वर ने बताया कि नवीनतम जानकारी के अनुसार 12 कन्नड़ नागरिक वर्तमान में प्रभावित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बाढ़ के चलते और भी लोग फंसे हो सकते हैं, इसलिए विवरण जुटाने के लिए काठमांडू में अधिकारी भेजे जाएंगे और तत्काल कार्रवाई की जाएगी। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब राज्य में मानसून की अनिश्चितता और कृषि संकट एक साथ गहराते जा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि राहत राशि किसानों तक समय पर पहुँचती है या नहीं — पिछले सूखा-चक्रों में केंद्रीय दलों के दौरे और राहत वितरण के बीच महीनों की देरी दर्ज हो चुकी है। 15 दिन बाद की समीक्षा और केंद्रीय दल के दौरे की प्रक्रिया तब तक अर्थहीन है जब तक ज़मीनी स्तर पर त्वरित वितरण तंत्र नहीं बनता।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक में कितने तालुका सूखा-प्रभावित घोषित किए गए हैं?
कर्नाटक सरकार ने 28 अगस्त 2026 को सूखे की समीक्षा के बाद 101 तालुकाओं को सूखा-प्रभावित घोषित किया है। 15 दिनों बाद पुनः समीक्षा होगी जिसके बाद और तालुके भी इस सूची में शामिल हो सकते हैं।
कर्नाटक को सूखा राहत राशि कब मिलेगी?
डिप्टी सीएम परमेश्वर के अनुसार, पहले केंद्र को ज्ञापन सौंपा जाएगा, फिर केंद्रीय दल राज्य का दौरा कर स्थिति का आकलन करेंगे और उसके बाद सूखा राहत राशि जारी की जाएगी। इसकी सटीक तिथि अभी तय नहीं है।
परमेश्वर ने केंद्र से कर्ज माफी की माँग क्यों की?
परमेश्वर ने कहा कि आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों में सूखा है, इसलिए केंद्र की कर्ज माफी से देशभर के किसानों को व्यापक राहत मिलेगी। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय मनमोहन सिंह की ₹72,000 करोड़ की कृषि ऋण माफी का उदाहरण दिया।
मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे पर सरकार का क्या कहना है?
डिप्टी सीएम परमेश्वर ने स्पष्ट किया कि आदिवासी कल्याण मामले में दायर चार्जशीट में नागेंद्र का नाम शामिल नहीं है, इसलिए उन्हें इस्तीफा देने की कोई आवश्यकता नहीं है। सरकार ने विपक्ष को सदन में सवाल उठाने का न्योता दिया है।
नेपाल में फंसे कन्नड़ नागरिकों के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
परमेश्वर के अनुसार, नवीनतम जानकारी के मुताबिक 12 कन्नड़ नागरिक नेपाल में बाढ़ से प्रभावित हैं। विवरण जुटाने के लिए काठमांडू में अधिकारी भेजे जाएंगे और तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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