कर्नाटक सूखा संकट: उपमुख्यमंत्री परमेश्वर ने PM मोदी को पत्र लिखकर राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने 22 जुलाई को बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि राज्य इस समय गंभीर सूखे की चपेट में है और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस स्थिति को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का आग्रह किया है। राज्य सरकार ने केंद्र से अतिरिक्त वित्तीय सहायता और सूखा घोषित करने के मानदंडों में छूट देने की भी माँग की है।
सूखे की गंभीरता और सरकार की माँग
परमेश्वर ने कहा, "हालात गंभीर हैं। कर्नाटक में बड़े स्तर पर सूखे की स्थिति बनी हुई है। हमने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने और सूखा घोषित करने से जुड़े नियमों में छूट देने की माँग की है। मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखकर मौजूदा स्थिति को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का आग्रह किया है।" उन्होंने बताया कि वे जमीनी हालात का मुआयना करने के लिए चिक्कबल्लापुरा जिले और बेंगलुरु ग्रामीण के सूखा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे।
मंडल-स्तरीय समीक्षा बैठकों का कार्यक्रम
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि 26 जुलाई को मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और वे स्वयं चित्रदुर्ग में बेंगलुरु मंडल की समीक्षा बैठक करेंगे। बेलगावी और कलबुर्गी मंडलों की समीक्षा बैठकें पहले ही संपन्न हो चुकी हैं, जबकि मैसूर मंडल की बैठक बाद में आयोजित की जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना और महाराष्ट्र सहित कई पड़ोसी राज्य भी सूखे जैसे हालात से जूझ रहे हैं, जिसके चलते परमेश्वर ने इसे बहु-राज्यीय संकट बताते हुए राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की माँग को और बल दिया है।
मंत्रिमंडल विस्तार पर स्थिति
लंबे समय से प्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार के बारे में परमेश्वर ने कहा कि यह प्रक्रिया कांग्रेस हाईकमान की स्वीकृति के बाद ही आगे बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद इस विषय पर चर्चा के लिए नई दिल्ली में हैं। परमेश्वर ने यह भी माँग की कि तुमकुरु जिले को मंत्रिमंडल में एक अतिरिक्त प्रतिनिधित्व दिया जाए, क्योंकि यह एक बड़ा जिला है जहाँ पहले 13 विधानसभा क्षेत्र थे।
परीक्षा विवाद और राजनीतिक प्रतिक्रिया
राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और नई दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी व प्रियंका गांधी वाड्रा की गिरफ्तारी पर परमेश्वर ने कहा, "लाखों छात्रों के साथ अन्याय हुआ है। राहुल गांधी ने इस मुद्दे को उठाया और उन्हें गिरफ्तार किया गया — यह उनकी आवाज दबाने की कोशिश थी।" केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग पर उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में जवाबदेही की माँग करना स्वाभाविक है और अतीत में भी ऐसी घटनाओं के बाद केंद्रीय मंत्रियों ने इस्तीफा दिया है।
तुमकुरु हवाई अड्डे की पुरानी माँग दोहराई
परमेश्वर ने एक बार फिर तुमकुरु में बेंगलुरु के लिए दूसरे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की माँग दोहराई। उन्होंने कहा, "हम करीब 25 वर्षों से यह माँग कर रहे हैं। लगभग 20 जिलों के लोग तुमकुरु के रास्ते बेंगलुरु आते-जाते हैं — यह उत्तरी कर्नाटक और तटीय क्षेत्रों का प्रवेश द्वार है।" गौरतलब है कि यह माँग दशकों से लंबित है और राज्य सरकार इसे केंद्र के समक्ष बार-बार उठाती रही है। सूखे की स्थिति, मंत्रिमंडल विस्तार और परीक्षा विवाद — तीनों मुद्दों पर राज्य सरकार के अगले कदम आने वाले दिनों में स्पष्ट होंगे।