6 जुलाई 2026
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कर्नाटक सूखा संकट: परमेश्वर और शिवकुमार ने बीदर-कलबुर्गी दौरे पर, NDRF फंड के लिए केंद्र से करेंगे अनुरोध

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कर्नाटक सूखा संकट: परमेश्वर और शिवकुमार ने बीदर-कलबुर्गी दौरे पर, NDRF फंड के लिए केंद्र से करेंगे अनुरोध

सारांश

कर्नाटक में सूखे की गंभीर स्थिति के बीच उपमुख्यमंत्री परमेश्वर और मुख्यमंत्री शिवकुमार बीदर-कलबुर्गी दौरे पर निकले हैं। पेयजल और चारे की व्यवस्था के आदेश जारी हो चुके हैं, और सरकार केंद्र से NDRF की अग्रिम राशि माँगने की तैयारी में है।

मुख्य बातें

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी.
परमेश्वर ने 6 जुलाई को राज्य में सूखे जैसी स्थिति की पुष्टि की।
जलाशयों में जलस्तर निम्न; अधिकारियों को निर्देश — उपलब्ध पानी केवल पेयजल के लिए।
मलनाड क्षेत्र में बारिश से KRS जलाशय में प्रवाह शुरू, राहत की उम्मीद।
पशुओं के लिए चारा किट वितरण जारी; बोरवेल धारकों को बीज देकर चारा उगाने की योजना।
सरकार केंद्र को रिपोर्ट सौंपेगी और NDRF निधि की अग्रिम राशि का अनुरोध करेगी।
परमेश्वर ने संकेत दिया कि ज़रूरत पड़ी तो केंद्रीय गृह मंत्री से व्यक्तिगत रूप से मिलेंगे।

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने 6 जुलाई को बेंगलुरु में मीडिया को बताया कि राज्य में सूखे जैसी गंभीर स्थिति बनी हुई है और सरकार ने इससे निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। उन्होंने और मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उपलब्ध जल का उपयोग केवल पेयजल के रूप में किया जाए और पशुओं के लिए चारे की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

मुख्य घटनाक्रम

उपमुख्यमंत्री परमेश्वर ने विधान सौधा के पास पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि वे बेलगावी, चित्रदुर्ग और तुमकुरु जिलों में प्रगति समीक्षा बैठकें कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि जलाशयों में जलस्तर अत्यंत निम्न स्तर पर पहुँच गया है, इसलिए जल का अत्यंत सावधानीपूर्वक उपयोग अनिवार्य है। जिला अधिकारियों को कड़े आदेश दिए गए हैं कि किसी भी परिस्थिति में पेयजल को अन्य कार्यों में न लगाया जाए।

उन्होंने बताया कि रविवार को कुछ क्षेत्रों में वर्षा हुई है। यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रही, तो जलाशयों में जलस्तर में सुधार की संभावना है। मलनाड क्षेत्र में हुई बारिश के कारण कृष्णराज सागर (KRS) में पानी का प्रवाह शुरू हो गया है, जो एक सकारात्मक संकेत है।

बीदर और कलबुर्गी दौरे की योजना

परमेश्वर ने बताया कि मुख्यमंत्री शिवकुमार और वे स्वयं उसी दिन बीदर का दौरा करने वाले हैं। अगले दिन कलबुर्गी जिले में प्रगति समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जहाँ स्थानीय परिस्थितियों का आकलन कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर कर्नाटक के कई जिले सूखे की सर्वाधिक मार झेल रहे हैं।

पशु चारे और पेयजल की व्यवस्था

पशुओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने चारा किट वितरण शुरू कर दिया है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जिन किसानों के पास बोरवेल हैं, उन्हें बीज उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि वे स्वयं चारा उगा सकें। इसके अतिरिक्त, जिला मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और उपायुक्तों को निर्देश दिया गया है कि जहाँ भी आवश्यकता हो, चारा भंडार और गौशाला सुविधाएँ स्थापित की जाएँ।

केंद्र सरकार से NDRF निधि का अनुरोध

परमेश्वर ने कहा कि सूखे की स्थिति की एक विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (NDRF) से अग्रिम निधि जारी करने का आग्रह करेगी। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो वे स्वयं केंद्रीय गृह मंत्री से व्यक्तिगत रूप से मिलकर स्थिति स्पष्ट करेंगे और सहायता का अनुरोध प्रस्तुत करेंगे।

SIR प्रक्रिया और राजनीतिक विवाद

उपमुख्यमंत्री से विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर भी सवाल पूछे गए। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार ही चल रही है और इसमें किसी प्रकार का भ्रम नहीं है। विपक्ष के राजनीतिकरण के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव अधिकारी सब कुछ संभाल लेंगे और यदि कोई अधिकारी गलती करता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि यह तैयारी कितनी पहले से होनी चाहिए थी — जब मानसून की कमी के संकेत महीनों पहले ही मिल गए थे। NDRF के लिए केंद्र पर निर्भरता और गृह मंत्री से व्यक्तिगत मुलाकात का संकेत बताता है कि राज्य के अपने संसाधन दबाव में हैं। उत्तर कर्नाटक के जिले हर साल सूखे की मार झेलते हैं, फिर भी दीर्घकालिक जल-संरक्षण ढाँचे की बजाय हर बार आपातकालीन उपायों पर निर्भरता चिंताजनक है।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक में सूखे की मौजूदा स्थिति क्या है?
उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर के अनुसार राज्य में सूखे जैसी स्थिति है। जलाशयों में जलस्तर अत्यंत निम्न है और अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि उपलब्ध पानी केवल पेयजल के लिए उपयोग हो।
कर्नाटक सरकार सूखे से निपटने के लिए क्या कदम उठा रही है?
सरकार ने पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने, पशुओं के लिए चारा किट वितरण, बोरवेल धारकों को बीज देने और जिलों में चारा भंडार व गौशाला सुविधाएँ स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री प्रभावित जिलों का दौरा भी कर रहे हैं।
KRS जलाशय की स्थिति क्या है?
मलनाड क्षेत्र में हुई बारिश के कारण कृष्णराज सागर (KRS) जलाशय में पानी का प्रवाह शुरू हो गया है। यदि अगले कुछ दिनों तक वर्षा जारी रही तो जलाशय में जलस्तर में सुधार की संभावना है।
कर्नाटक सरकार केंद्र से क्या माँग कर रही है?
राज्य सरकार केंद्र को सूखे की विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी और राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (NDRF) से अग्रिम निधि जारी करने का अनुरोध करेगी। उपमुख्यमंत्री परमेश्वर ने कहा कि ज़रूरत पड़ी तो वे केंद्रीय गृह मंत्री से व्यक्तिगत रूप से मिलेंगे।
कर्नाटक के कौन-से जिले सूखे से सर्वाधिक प्रभावित हैं?
परमेश्वर ने बेलगावी, चित्रदुर्ग, तुमकुरु, बीदर और कलबुर्गी जिलों में प्रगति समीक्षा बैठकों का उल्लेख किया है। इनमें से उत्तर कर्नाटक के बीदर और कलबुर्गी जिलों का दौरा उसी दिन और अगले दिन निर्धारित था।
राष्ट्र प्रेस
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