कर्नाटक सूखा संकट: परमेश्वर और शिवकुमार ने बीदर-कलबुर्गी दौरे पर, NDRF फंड के लिए केंद्र से करेंगे अनुरोध
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने 6 जुलाई को बेंगलुरु में मीडिया को बताया कि राज्य में सूखे जैसी गंभीर स्थिति बनी हुई है और सरकार ने इससे निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। उन्होंने और मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उपलब्ध जल का उपयोग केवल पेयजल के रूप में किया जाए और पशुओं के लिए चारे की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
मुख्य घटनाक्रम
उपमुख्यमंत्री परमेश्वर ने विधान सौधा के पास पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि वे बेलगावी, चित्रदुर्ग और तुमकुरु जिलों में प्रगति समीक्षा बैठकें कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि जलाशयों में जलस्तर अत्यंत निम्न स्तर पर पहुँच गया है, इसलिए जल का अत्यंत सावधानीपूर्वक उपयोग अनिवार्य है। जिला अधिकारियों को कड़े आदेश दिए गए हैं कि किसी भी परिस्थिति में पेयजल को अन्य कार्यों में न लगाया जाए।
उन्होंने बताया कि रविवार को कुछ क्षेत्रों में वर्षा हुई है। यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रही, तो जलाशयों में जलस्तर में सुधार की संभावना है। मलनाड क्षेत्र में हुई बारिश के कारण कृष्णराज सागर (KRS) में पानी का प्रवाह शुरू हो गया है, जो एक सकारात्मक संकेत है।
बीदर और कलबुर्गी दौरे की योजना
परमेश्वर ने बताया कि मुख्यमंत्री शिवकुमार और वे स्वयं उसी दिन बीदर का दौरा करने वाले हैं। अगले दिन कलबुर्गी जिले में प्रगति समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जहाँ स्थानीय परिस्थितियों का आकलन कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर कर्नाटक के कई जिले सूखे की सर्वाधिक मार झेल रहे हैं।
पशु चारे और पेयजल की व्यवस्था
पशुओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने चारा किट वितरण शुरू कर दिया है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जिन किसानों के पास बोरवेल हैं, उन्हें बीज उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि वे स्वयं चारा उगा सकें। इसके अतिरिक्त, जिला मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और उपायुक्तों को निर्देश दिया गया है कि जहाँ भी आवश्यकता हो, चारा भंडार और गौशाला सुविधाएँ स्थापित की जाएँ।
केंद्र सरकार से NDRF निधि का अनुरोध
परमेश्वर ने कहा कि सूखे की स्थिति की एक विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (NDRF) से अग्रिम निधि जारी करने का आग्रह करेगी। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो वे स्वयं केंद्रीय गृह मंत्री से व्यक्तिगत रूप से मिलकर स्थिति स्पष्ट करेंगे और सहायता का अनुरोध प्रस्तुत करेंगे।
SIR प्रक्रिया और राजनीतिक विवाद
उपमुख्यमंत्री से विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर भी सवाल पूछे गए। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार ही चल रही है और इसमें किसी प्रकार का भ्रम नहीं है। विपक्ष के राजनीतिकरण के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव अधिकारी सब कुछ संभाल लेंगे और यदि कोई अधिकारी गलती करता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।