कर्नाटक सूखा संकट: हर जिले को ₹5 करोड़, उपमुख्यमंत्री परमेश्वर ने बेलगावी में दी चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने 1 जुलाई 2026 को बेलगावी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्पष्ट किया कि यदि आने वाले दिनों में पर्याप्त वर्षा नहीं हुई, तो राज्य में स्थिति गंभीर हो सकती है। इससे निपटने के लिए राज्य सरकार ने निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु प्रत्येक जिले को ₹5 करोड़ आवंटित करने की घोषणा की है, जिसे संबंधित उपायुक्तों के माध्यम से लागू किया जाएगा।
बेलगावी में सूखे जैसे हालात
परमेश्वर ने बताया कि बेलगावी जिले में जून 2026 में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है, जिसके चलते भूजल स्तर में उल्लेखनीय गिरावट आई है और पेयजल की कमी की आशंका बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस क्षेत्र की समस्याओं की समीक्षा करेगी और पेयजल संकट तथा फसल नुकसान दोनों से निपटने के लिए ठोस उपाय किए जाएंगे।
उन्होंने कहा, 'हम एहतियाती उपायों पर चर्चा करेंगे और पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करेंगे।' तैयार की गई कार्य योजना को जिला स्तर पर उपायुक्त लागू करेंगे।
सूखा घोषणा और क्लाउड सीडिंग पर स्थिति
किसी तालुका या जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने पर परमेश्वर ने स्पष्ट किया कि इसके लिए स्थापित मानदंड हैं — जिनमें वर्षा की कमी, फसल का नुकसान और पानी की उपलब्धता जैसे कारक शामिल हैं। उन्होंने कहा, 'अभी तक सूखा घोषित करने पर कोई चर्चा नहीं हुई है। हम फिलहाल क्लाउड सीडिंग पर भी विचार नहीं कर रहे हैं — स्थिति के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।'
केंद्र पर निराशा, राहत का 10% भी नहीं मिला
उपमुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के असहयोग पर खुलकर निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'हम इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करना चाहते, लेकिन केंद्र ने हमारी रिपोर्ट में माँगी गई राहत का 10 प्रतिशत भी जारी नहीं किया है।' उन्होंने यह भी कहा कि जब भी ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है, राज्य सरकार इसे केंद्र के संज्ञान में लाती है।
राजस्व और धार्मिक बंदोबस्ती विभाग पर निर्देश
परमेश्वर ने राजस्व विभाग की पहलों का उल्लेख करते हुए बताया कि पौठी खाता, स्वामित्व विलेखों का वितरण, आकार बंध और राजस्व गाँवों की घोषणा जैसे कार्य पिछले तीन वर्षों से सफलतापूर्वक चल रहे हैं। सरकार ने इन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के लिए गति बढ़ाने का निर्णय लिया है।
धार्मिक बंदोबस्ती विभाग के संदर्भ में उन्होंने कहा कि श्रेणी A, B और C के मंदिरों की संपत्तियों पर अतिक्रमण पाए गए हैं। जिला अधिकारियों को सर्वेक्षण कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। मंदिरों को प्राप्त धन का उपयोग सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बाद ही किया जाएगा और किसी भी अनावश्यक व्यय पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
खेल सुविधाओं पर भी ध्यान
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार खेल क्षेत्र को अधिक प्राथमिकता देगी। जिन जिला स्तरीय विद्यालयों और कॉलेजों में खेल सुविधाओं की कमी है, उन्हें खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार की यह घोषणाएँ ऐसे समय में आई हैं जब मानसून की अनिश्चितता ने कर्नाटक के कई जिलों में चिंता बढ़ा दी है और आगामी हफ्तों में वर्षा की स्थिति नीतिगत निर्णयों की दिशा तय करेगी।