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कर्नाटक में मानसून की कमी का खतरा, सीएम ने जल संकट से निपटने के लिए दिए निर्देश

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कर्नाटक में मानसून की कमी का खतरा, सीएम ने जल संकट से निपटने के लिए दिए निर्देश

सारांश

कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी है कि राज्य में इस वर्ष सामान्य से कम बारिश हो सकती है। उन्होंने जल संकट को रोकने के लिए तुरंत उपाय करने के निर्देश दिए हैं। जानें क्या कदम उठाए जाएंगे और इससे प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी।

मुख्य बातें

कर्नाटक में इस वर्ष सामान्य से कम बारिश होने की संभावना।
डिप्टी कमिश्नरों को जल संकट से निपटने के लिए निर्देश दिए गए हैं।
114 तालुक में पेयजल समस्या।
जलाशयों में 321.93 टीएमसी पानी उपलब्ध।
जल संकट की रोकथाम के लिए एहतियात बरतने की आवश्यकता।

बेंगलुरु, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने गुरुवार को बताया कि राज्य के अधिकांश जिलों में इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा होने की प्रबल संभावना है। उन्होंने डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश दिए कि पेयजल की कमी से निपटने के लिए अभी से आवश्यक कदम उठाने चाहिए।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में विधान सौधा में आयोजित बैठक में जिला प्रभारी मंत्री, डिप्टी कमिश्नर और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी उपस्थित थे। इस बैठक में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की गई।

बैठक में बताया गया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने इस साल मानसून में सामान्य से कम वर्षा की भविष्यवाणी की है। हालांकि, अगस्त में वर्षा सामान्य रह सकती है, लेकिन सितंबर में यह सामान्य से कम रहने की संभावना है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि कहीं पेयजल की कमी होती है, तो संबंधित डिप्टी कमिश्नर जिम्मेदार होंगे। उन्होंने राजस्व, पंचायती राज और शहरी विकास विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि अप्रैल से जून के बीच उत्तर आंतरिक कर्नाटक के कई जिलों में सामान्य से अधिक हीटवेव के दिन देखे जा सकते हैं। अधिकारियों को जरूरी सावधानियां बरतने और मौसम पूर्वानुमानों को गंभीरता से लेने के लिए कहा गया है।

मुख्यमंत्री ने आम जनता के लिए छाया और पीने के पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि पेयजल आपूर्ति के लिए धन की कोई कमी नहीं होगी और वित्त विभाग को आवश्यकता अनुसार राशि जारी करने के निर्देश दिए जा चुके हैं।

राज्य में कुल 213 तालुक और 2,410 ग्राम पंचायतों को संभावित जल संकट वाले क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया है। वर्तमान में 114 तालुक की 598 ग्राम पंचायतों में पेयजल की समस्या बनी हुई है। 137 गांवों में 129 टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जा रहा है, जबकि 515 गांवों में पानी की आपूर्ति के लिए 585 निजी बोरवेल किराए पर लिए गए हैं।

बैठक में यह भी बताया गया कि कलबुर्गी जिले की 147, बागलकोट की 114, बेलगावी की 127, चिक्कमगलुरु की 115, हावेरी की 138, मांड्या की 130, तुमकुरु की 141 और कारवार की 125 ग्राम पंचायतों में पानी की कमी हो सकती है।

वर्तमान में 27 शहरी निकायों में पानी की कमी है, जबकि 95 अन्य को संवेदनशील माना गया है। 145 वार्डों में 57 टैंकरों से पानी की आपूर्ति की जा रही है और 22 बोरवेल किराए पर लिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति केवल अत्यावश्यक स्थिति में ही की जाए और प्राथमिकता निजी बोरवेल किराए पर लेने को दी जाए। आवश्यकता पड़ने पर नए बोरवेल भी खोदे जा सकते हैं।

राज्य के 14 प्रमुख जलाशयों की कुल क्षमता के मुकाबले वर्तमान में 321.93 टीएमसी पानी उपलब्ध है, जो कुल क्षमता का 36 प्रतिशत है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 330.35 टीएमसी था। वर्तमान में पेयजल के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध है।

हालांकि, मानसून में देरी की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मध्य जुलाई तक पेयजल की जरूरतों को पूरा करने के लिए जलाशयों में पर्याप्त पानी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सिंचाई की तुलना में पेयजल आपूर्ति को प्राथमिकता दी जाए और जलाशयों में लीकेज की पहचान कर उन्हें तुरंत ठीक किया जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

ताकि राज्य में जल आपूर्ति की स्थिति को सुधारने के लिए प्रभावी उपाय किए जा सकें।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक में मानसून की स्थिति क्या है?
कर्नाटक में इस वर्ष मानसून के दौरान सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है।
जल संकट से निपटने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
सीएम ने डिप्टी कमिश्नरों को एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
कितने जिलों में जल संकट की संभावना है?
राज्य में 213 तालुक और 2,410 ग्राम पंचायतों को संभावित जल संकट वाले क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया है।
क्या पेयजल आपूर्ति के लिए पर्याप्त पानी है?
वर्तमान में पेयजल के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध है, लेकिन भविष्य में संकट की आशंका है।
जलाशयों में पानी की स्थिति क्या है?
राज्य के 14 प्रमुख जलाशयों में 321.93 टीएमसी पानी उपलब्ध है, जो कुल क्षमता का 36 प्रतिशत है।
राष्ट्र प्रेस
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