23 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कर्नाटक सूखा: राहत कार्यों के लिए ₹329 करोड़ तैयार, उपमुख्यमंत्री परमेश्वर ने दिया आश्वासन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कर्नाटक सूखा: राहत कार्यों के लिए ₹329 करोड़ तैयार, उपमुख्यमंत्री परमेश्वर ने दिया आश्वासन

सारांश

कर्नाटक सरकार ने सूखे से निपटने के लिए ₹329 करोड़ पीडी खातों में रखे हैं, हर विधायक को ₹1 करोड़ और जिले को ₹5 करोड़ दिए गए हैं। उपमुख्यमंत्री परमेश्वर ने कहा — 150 साल का सबसे भीषण सूखा है, केंद्र से जवाब का इंतजार है।

मुख्य बातें

परमेश्वर ने 23 जुलाई को कहा कि कर्नाटक सूखा राहत के लिए धन की कोई कमी नहीं है।
पेयजल आपूर्ति के लिए प्रत्येक विधायक को ₹1 करोड़ , हर जिले को ₹5 करोड़ और पीडी खातों में ₹329 करोड़ उपलब्ध।
बेंगलुरु मंडल की समीक्षा बैठक 25 जुलाई को मुख्यमंत्री और परमेश्वर के संयुक्त नेतृत्व में होगी।
सूखा प्रभावित क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए मनरेगा के तहत तत्काल रोजगार देने के निर्देश जारी।
राज्य सरकार ने केंद्र से सहायता माँगी है; अगस्त में ज्ञापन सौंपे जाने की योजना।
परमेश्वर के अनुसार, कर्नाटक 150 वर्षों के सबसे भीषण सूखे में है और केवल 40% से कम बुआई हो सकी।

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री एवं राजस्व मंत्री जी. परमेश्वर ने 23 जुलाई को स्पष्ट किया कि राज्य सरकार मौजूदा सूखे की विकट स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम है और राहत कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है। बेंगलुरु स्थित अपने आधिकारिक आवास पर जन शिकायतें सुनने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि पेयजल आपूर्ति और किसानों की सहायता के लिए पर्याप्त वित्तीय प्रबंध किए जा चुके हैं।

वित्तीय आवंटन और राहत की तैयारी

परमेश्वर ने बताया कि पेयजल संकट से निपटने के लिए प्रत्येक विधायक को ₹1 करोड़ और हर जिले को ₹5 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, पीडी (Personal Deposit) खातों में पहले से ₹329 करोड़ उपलब्ध हैं, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उपयोग में लाया जा सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसानों और आम नागरिकों को किसी भी स्तर पर असुविधा नहीं होने दी जाएगी।

समीक्षा बैठकों का कार्यक्रम

राज्य के कई हिस्सों में सूखे की समीक्षा बैठकें पूरी हो चुकी हैं। बेंगलुरु राजस्व मंडल की समीक्षा बैठक 25 जुलाई को मुख्यमंत्री और परमेश्वर के संयुक्त नेतृत्व में आयोजित होगी, जिसके बाद मैसूरु मंडल की बैठक होगी। सभी बैठकों के उपरांत राज्यभर की स्थिति का व्यापक आकलन कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

मनरेगा और पलायन रोकने की पहल

परमेश्वर ने बताया कि उन्होंने सभी जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (सीईओ) को निर्देश दिया है कि सूखा प्रभावित क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत तत्काल रोजगार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि जिन जिलों का उन्होंने दौरा किया, वहाँ किसानों ने प्री-मानसून वर्षा के बाद बुआई की थी, लेकिन बाद में बारिश न होने से फसलें सूख गईं। किसान अब अगस्त में अच्छी बारिश की प्रतीक्षा में हैं ताकि दोबारा बुआई हो सके।

केंद्र से सहायता और 150 साल का सबसे भीषण सूखा

परमेश्वर ने बताया कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से भी आर्थिक सहायता माँगी है, लेकिन अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। उनके अनुसार, केंद्र सरकार आमतौर पर अगस्त में ऐसे प्रस्तावों पर विचार करती है और राज्य सरकार उस समय अपना ज्ञापन सौंपेगी। गौरतलब है कि बुधवार को उन्होंने कहा था कि कर्नाटक पिछले 150 वर्षों के सबसे भीषण सूखे का सामना कर रहा है, जिसमें सामान्य से काफी कम वर्षा के कारण 40 प्रतिशत से भी कम बुआई हो सकी है।

नीट विवाद और राजनीतिक मोर्चे पर बयान

नीट प्रश्नपत्र लीक मामले पर परमेश्वर ने कहा कि यह लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है और संसद में इस पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पहली परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने वाले कई छात्रों के पुनर्परीक्षा में कम अंक आए हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वास्तव में छात्रों के साथ खड़े हैं, तो केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाना चाहिए और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। परमेश्वर ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ कथित व्यवहार की भी आलोचना की और कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार देता है। कर्नाटक में जारी राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों पर उन्होंने कहा कि यदि भारतीय जनता पार्टी (BJP) राजभवन जाकर शिकायत करना चाहती है, तो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) को इससे कोई आपत्ति नहीं है। आने वाले हफ्तों में केंद्र की प्रतिक्रिया और मानसून की स्थिति यह तय करेगी कि सूखे की मार झेल रहे किसानों को कितनी राहत मिल पाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि आवंटित राशि जमीन तक कितनी पहुँचती है — कर्नाटक में आपदा राहत वितरण की ऐतिहासिक धीमी गति को देखते हुए यह चिंता वाजिब है। 150 साल के सबसे भीषण सूखे का दावा गंभीर है, लेकिन 40% से कम बुआई के आँकड़े यह भी बताते हैं कि मनरेगा रोजगार अकेले किसानों की फसल-हानि की भरपाई नहीं कर सकता। केंद्र से अभी तक कोई जवाब न मिलना और अगस्त में ज्ञापन देने की योजना — यह समयरेखा उन किसानों के लिए बहुत लंबी हो सकती है जो अभी दोबारा बुआई के लिए संसाधनों की प्रतीक्षा में हैं।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक सूखा राहत के लिए कितना धन आवंटित किया गया है?
कर्नाटक सरकार ने पेयजल आपूर्ति के लिए प्रत्येक विधायक को ₹1 करोड़ और हर जिले को ₹5 करोड़ आवंटित किए हैं। इसके अलावा पीडी खातों में पहले से ₹329 करोड़ उपलब्ध हैं।
कर्नाटक में सूखे की स्थिति कितनी गंभीर है?
उपमुख्यमंत्री परमेश्वर के अनुसार, कर्नाटक पिछले 150 वर्षों के सबसे भीषण सूखे का सामना कर रहा है। सामान्य से काफी कम वर्षा के कारण केवल 40% से भी कम बुआई हो सकी है और बोई गई अधिकांश फसलें भी सूख गई हैं।
सूखा प्रभावित किसानों के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है?
सरकार ने मनरेगा के तहत तत्काल रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं ताकि पलायन रोका जा सके। 25 जुलाई को बेंगलुरु मंडल और उसके बाद मैसूरु मंडल की समीक्षा बैठकें होंगी, जिनके बाद व्यापक रणनीति तय की जाएगी।
केंद्र सरकार से कर्नाटक को सूखा सहायता कब मिलेगी?
परमेश्वर के अनुसार, राज्य सरकार ने केंद्र से सहायता माँगी है लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। केंद्र आमतौर पर अगस्त में ऐसे प्रस्तावों पर विचार करता है और राज्य उस समय ज्ञापन सौंपेगा।
नीट विवाद पर परमेश्वर का क्या रुख है?
परमेश्वर ने कहा कि नीट प्रश्नपत्र लीक मामला लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है और संसद में इस पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने माँग की कि यदि प्रधानमंत्री मोदी छात्रों के साथ हैं, तो केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 4 दिन पहले
  3. 4 दिन पहले
  4. 4 दिन पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 2 सप्ताह पहले
  8. 3 सप्ताह पहले