रथ यात्रा 2025: रेलवे चलाएगा 300 से अधिक विशेष ट्रेनें, वैष्णव ने पुरी में की तैयारियों की समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 7 जुलाई 2025 को ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के साथ पुरी में रथ यात्रा के लिए भारतीय रेलवे की तैयारियों की समीक्षा की। 16 जुलाई से शुरू होने वाले इस महोत्सव में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए रेलवे ने 300 से अधिक विशेष ट्रेनें चलाने की योजना बनाई है।
रेलवे की परिचालन तैयारी
वरिष्ठ रेल अधिकारियों ने बैठक में रेल मंत्री को भीड़ प्रबंधन, यात्री आवागमन और एकीकृत परिचालन योजना की विस्तृत जानकारी दी। पुरी रेलवे स्टेशन पर अतिरिक्त टिकट काउंटर और भोजन व्यवस्था सहित यात्री सुविधाएँ बढ़ाई जा रही हैं। वैष्णव ने स्वयं स्टेशन पर सुविधाओं और अन्य प्रबंधों का निरीक्षण किया।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रतीक्षा क्षेत्र
पुरी में 30,000 से अधिक श्रद्धालुओं को एक साथ ठहराने की क्षमता वाले प्रतीक्षा क्षेत्र तैयार किए जा रहे हैं। यह व्यवस्था इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि रथ यात्रा के दौरान देश-विदेश से आने वाले भक्तों की संख्या अत्यधिक होती है और भीड़ प्रबंधन एक बड़ी चुनौती रहती है। गौरतलब है कि पिछले वर्षों में भी इस महोत्सव के दौरान रेलवे पर असाधारण दबाव रहा है।
मुख्यमंत्री की उच्च स्तरीय समीक्षा
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भी सोमवार को रथ यात्रा की तैयारियों को लेकर एक उच्च स्तरीय विशेष समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। माझी ने अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने पर विशेष ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी को भगवान जगन्नाथ के इस पवित्र कार्य को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ सम्पन्न करना चाहिए।
सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन
माझी ने यह भी स्पष्ट किया कि रथ यात्रा महोत्सव के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने और भीड़ नियंत्रण के लिए व्यापक पुलिस बल तैनात किया गया है। यह समीक्षा ओडिशा सरकार और भारतीय रेलवे के संयुक्त समन्वय से की गई, ताकि महोत्सव के दौरान सुचारू संचालन और श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित हो सके। यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन को लेकर प्रशासनिक सतर्कता बढ़ी है।
आगे क्या होगा
16 जुलाई 2025 से शुरू होने वाली रथ यात्रा के लिए रेलवे और राज्य प्रशासन दोनों अंतिम तैयारियों में जुटे हैं। रेल मंत्रालय के अनुसार विशेष ट्रेनों का परिचालन महोत्सव की तिथि से पहले और बाद में भी जारी रहेगा, ताकि श्रद्धालुओं की वापसी भी सुगम हो सके।