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जगन्नाथ रथ यात्रा के लिए 300+ स्पेशल ट्रेनें, रेल मंत्री वैष्णव ने पुरी में की तैयारियों की समीक्षा

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जगन्नाथ रथ यात्रा के लिए 300+ स्पेशल ट्रेनें, रेल मंत्री वैष्णव ने पुरी में की तैयारियों की समीक्षा

सारांश

जगन्नाथ रथ यात्रा के लिए रेलवे ने इस बार रिकॉर्ड तैयारी की है — 300 से अधिक स्पेशल ट्रेनें, नई पुरी-कोरापुट एक्सप्रेस और विश्व-स्तरीय स्टेशन का पुनर्विकास। यह सिर्फ श्रद्धालुओं की सुविधा नहीं, बल्कि ओडिशा की कनेक्टिविटी में एक बड़ा बदलाव है।

मुख्य बातें

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान 300 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा की।
केरल के ओणम त्योहार के लिए 100 से अधिक विशेष ट्रेनें अलग से चलाई जाएंगी।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और रेल मंत्री वैष्णव ने संयुक्त रूप से पुरी-कोरापुट-पुरी एक्सप्रेस का उद्घाटन किया।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुरी रेलवे स्टेशन को विश्व-स्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है।
भाजपा सांसद संबित पात्रा ने निर्माणाधीन पुरी स्टेशन का निरीक्षण कर आधुनिकीकरण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 6 जुलाई को ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा के लिए भारतीय रेलवे की परिचालन तैयारियों का जायज़ा लिया और घोषणा की कि इस महापर्व के दौरान देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 300 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। उनके साथ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, केरल में ओणम त्योहार के अवसर पर 100 से अधिक विशेष ट्रेनें संचालित करने की भी योजना है।

मुख्य घटनाक्रम

रेल मंत्री वैष्णव ने पुरी में भीड़ प्रबंधन, यात्री आवाजाही और समग्र परिचालन व्यवस्थाओं का विस्तृत मूल्यांकन किया। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन ने उन्हें त्योहार के सुचारू संचालन हेतु तैयार की गई एकीकृत योजना से अवगत कराया। बड़े होल्डिंग एरिया, अतिरिक्त टिकट काउंटर और खान-पान की व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है।

इसी अवसर पर पुरी-कोरापुट-पुरी एक्सप्रेस का उद्घाटन भी किया गया, जो श्रीक्षेत्र पुरी को शबर श्रीक्षेत्र कोरापुट से सीधे जोड़ती है। यह नई रेल सेवा तटीय, पश्चिमी और दक्षिणी ओडिशा के बीच कनेक्टिविटी को मज़बूत करेगी।

नेताओं की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री माझी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह नई ट्रेन जगन्नाथ भक्तों के लिए एक अनूठा उपहार है। उन्होंने यह भी बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुरी रेलवे स्टेशन को उसकी सांस्कृतिक भव्यता को ध्यान में रखते हुए विश्व-स्तरीय स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है।

भाजपा सांसद संबित पात्रा ने भी एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि निर्माणाधीन पुरी रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया गया और आधुनिकीकरण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा हुई। पात्रा के अनुसार, इस विकास का उद्देश्य वर्षभर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करना है।

रेलवे बुनियादी ढाँचे पर असर

पुरी-कोरापुट एक्सप्रेस के शुरू होने से ओडिशा के पहाड़ी और तटीय क्षेत्रों के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पर्यटन, व्यापार और परिवहन को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री माझी ने यह भी रेखांकित किया कि राज्य में सालाना रेलवे बजट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और बुनियादी ढाँचे में व्यापक बदलाव हो रहा है।

आम जनता पर असर

रथ यात्रा में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु देशभर से पुरी पहुँचते हैं। 300 से अधिक स्पेशल ट्रेनों के संचालन से यात्रियों पर टिकट और भीड़ का दबाव कम होगा। होल्डिंग एरिया और अतिरिक्त काउंटरों की व्यवस्था से स्टेशन परिसर में भीड़ प्रबंधन सुगम होगा।

क्या होगा आगे

रथ यात्रा के सफल आयोजन के बाद ओणम के लिए केरल में 100 से अधिक विशेष ट्रेनों का संचालन अगला बड़ा कदम होगा। पुरी रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का कार्य जारी है और इसके पूर्ण होने पर तीर्थयात्रियों को विश्व-स्तरीय सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार 300 से अधिक ट्रेनों की संख्या और पुरी-कोरापुट एक्सप्रेस का एक साथ उद्घाटन इसे महज़ लॉजिस्टिक्स से आगे ले जाता है। असली सवाल यह है कि क्या भीड़ प्रबंधन की यह योजना ज़मीन पर उतनी ही प्रभावी होगी जितनी घोषणाओं में दिखती है — पिछले वर्षों में रथ यात्रा के दौरान भगदड़ और भीड़ की घटनाएँ चिंता का विषय रही हैं। पुरी स्टेशन का पुनर्विकास दीर्घकालिक दृष्टि से सकारात्मक है, परंतु निर्माण कार्य के बीच तीर्थयात्रियों की आवाजाही का प्रबंधन एक अतिरिक्त परीक्षा होगी।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जगन्नाथ रथ यात्रा के लिए कितनी स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी?
भारतीय रेलवे जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान 300 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाएगा, जिससे देशभर से आने वाले श्रद्धालु सुविधाजनक तरीके से पुरी पहुँच सकें। यह घोषणा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 6 जुलाई को पुरी दौरे के दौरान की।
पुरी-कोरापुट एक्सप्रेस क्या है और इसका क्या महत्व है?
पुरी-कोरापुट-पुरी एक्सप्रेस एक नई रेल सेवा है जो तटीय ओडिशा के पुरी (श्रीक्षेत्र) को पहाड़ी क्षेत्र कोरापुट (शबर श्रीक्षेत्र) से सीधे जोड़ती है। इससे तटीय, पश्चिमी और दक्षिणी ओडिशा के बीच कनेक्टिविटी मज़बूत होगी और पर्यटन व व्यापार को भी गति मिलेगी।
पुरी रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास किस योजना के तहत हो रहा है?
पुरी रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत किया जा रहा है। इसमें स्टेशन की सांस्कृतिक भव्यता को बनाए रखते हुए यात्रियों के लिए विश्व-स्तरीय सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं।
ओणम के लिए कितनी विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी?
केरल में ओणम त्योहार के अवसर पर 100 से अधिक विशेष ट्रेनें चलाने की योजना है। यह घोषणा भी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जगन्नाथ रथ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा के दौरान की।
रथ यात्रा के दौरान रेलवे ने भीड़ प्रबंधन के लिए क्या इंतज़ाम किए हैं?
भारतीय रेलवे ने रथ यात्रा के दौरान बड़े होल्डिंग एरिया , अतिरिक्त टिकट काउंटर और खान-पान की विशेष व्यवस्था की है। रेलवे अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर एकीकृत परिचालन योजना तैयार की है जिसकी समीक्षा रेल मंत्री ने स्वयं की।
राष्ट्र प्रेस
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