क्या जगन्नाथ रथयात्रा विश्व के लिए एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उत्सव है? : धर्मेंद्र प्रधान

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क्या जगन्नाथ रथयात्रा विश्व के लिए एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उत्सव है? : धर्मेंद्र प्रधान

सारांश

ओडिशा की रथयात्रा न केवल धार्मिक आस्था को दर्शाती है, बल्कि यह एक सांस्कृतिक उत्सव भी है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस अद्भुत यात्रा के दौरान प्रशंसा की और तकनीकी व्यवस्थाओं की जानकारी साझा की। हर भक्त का भगवान जगन्नाथ के साथ एक विशेष संबंध होता है।

मुख्य बातें

भगवान जगन्नाथ का भक्तों के बीच आशीर्वाद देना।
ओडिशा सरकार की प्रशंसा और व्यवस्था।
रथ यात्रा में तकनीकी नवाचार का उपयोग।
भक्तों की भावनाओं का सम्मान।
प्रगति और मानवता के लिए प्रार्थना ।

पुरी, 27 जून (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा के पुरी में आयोजित होने वाली विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा के मौके पर शुक्रवार को भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र, बहन सुभद्रा के साथ भक्तों को आशीर्वाद देने के लिए भव्य रथों पर सवार होकर निकले। इस पवित्र अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भगवान जगन्नाथ की महिमा का गुणगान करते हुए ओडिशा सरकार, प्रशासन और पुलिस बल की सराहना की।

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, "भगवान जगन्नाथ पूरे उत्साह के साथ अपने भक्तों के बीच उपस्थित हुए हैं। उनके साथ उनके भाई बलभद्र, बहन सुभद्रा और सुदर्शन भी भक्तों को आशीर्वाद देने के लिए निकले हैं। यह रथ यात्रा न केवल ओडिशा के लिए, बल्कि सम्पूर्ण विश्व के लिए एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उत्सव है।"

उन्होंने इस वर्ष की व्यवस्थाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि ओडिशा सरकार, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, धर्मस्व मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन, राज्य प्रशासन, मंदिर प्रशासन और पुलिस बल ने इस आयोजन को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए सराहनीय कार्य किया है।

इस वर्ष रथ यात्रा की व्यवस्थाओं में तकनीक का उपयोग एक विशेष आकर्षण का केंद्र बना है। धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि पहली बार ओडिशा पुलिस ने उन्नत तकनीक का उपयोग करते हुए एक मेगा कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जिसने भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को कुशलतापूर्वक संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह तकनीकी नवाचार रथ यात्रा को और अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में सहायक सिद्ध हुआ है। उन्होंने इस प्रकार के प्रबंधन के लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी।

केंद्रीय मंत्री ने भक्तों की भावनाओं को संबोधित करते हुए कहा, "कभी-कभी लोग निराश हो जाते हैं जब वे इस पवित्र आयोजन में शामिल होने के लिए पुरी नहीं पहुंच पाते। लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि कोई भी व्यक्ति संयोग से यहां नहीं आता। भगवान जगन्नाथ जब चाहते हैं, अपने भक्तों को अपने दर्शन के लिए बुलाते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक भक्त को उनके दर्शन का सौभाग्य नियत समय पर प्राप्त हो।"

उन्होंने भगवान जगन्नाथ से प्रार्थना की कि वे पूरी मानवता को आशीर्वाद दें। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की गरिमा बरकरार रहे, हमारे सैनिकों का मनोबल ऊंचा रहे और हमारा ओडिशा प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सम्पूर्ण भारत और विश्व के लिए महत्वपूर्ण है। यह आयोजन हमें एकजुटता का संदेश देता है और हमारे सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जगन्नाथ रथयात्रा कब मनाई जाती है?
जगन्नाथ रथयात्रा हर वर्ष ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की द्वादशी को मनाई जाती है।
इस वर्ष रथयात्रा में क्या विशेष है?
इस वर्ष रथयात्रा में तकनीक का उपयोग किया गया है, जिसमें एक मेगा कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।
भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का महत्व क्या है?
भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का महत्व भक्तों के लिए आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दोनों दृष्टिकोण से है।
राष्ट्र प्रेस