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क्या सत्र राष्ट्र गौरव और विजयोत्सव का है? एस्ट्रोनॉट शुभांशु को बधाई, पहली बार आईएसएस में हमने लहराया तिरंगा: पीएम मोदी

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क्या सत्र राष्ट्र गौरव और विजयोत्सव का है? एस्ट्रोनॉट शुभांशु को बधाई, पहली बार आईएसएस में हमने लहराया तिरंगा: पीएम मोदी

सारांश

संसद का मानसून सत्र जल्द शुरू हो रहा है, जिसमें पीएम मोदी ने इसे विजयोत्सव का नाम दिया। उन्होंने मानसून की सकारात्मकता, कृषि की प्रगति, और अंतरिक्ष में तिरंगा लहराने पर बातें की हैं, जो देशवासियों के लिए गर्व का विषय है।

मुख्य बातें

मानसून सत्र की शुरुआत अंतरिक्ष में तिरंगा लहराना कृषि की प्रगति स्वदेशी रक्षा उपकरणों का महत्व आतंकवाद और नक्सलवाद पर प्रगति

नई दिल्ली, 21 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। संसद का मानसून सत्र सोमवार से प्रारंभ हो रहा है। सदन की कार्यवाही से पहले, पीएम मोदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए इस सत्र को विजयोत्सव का नाम दिया। उन्होंने कहा- मानसून नवीनता और नवसर्जन का प्रतीक है। अब तक जो सूचनाएँ मिली हैं, देश में मौसम बहुत अच्छे ढंग से आगे बढ़ रहा है। कृषि को लाभदायक की खबरें हैं।

उन्होंने कहा कि मानसून एक नवीनता और सृजन का प्रतीक है, और इस बार देश में बारिश ने किसानों और अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक योगदान दिया है। पीएम ने बताया कि पिछले दस वर्षों की तुलना में इस बार जल भंडारण तीन गुना बढ़ा है, जिसका लाभ देश की अर्थव्यवस्था को मिलेगा। प्रधानमंत्री ने इस सत्र को राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बताते हुए कहा कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर तिरंगा लहराकर विश्व में अपनी वैज्ञानिक उपलब्धियों का परचम लहराया है। यह उपलब्धि देशवासियों के लिए गर्व का क्षण है और विज्ञान व तकनीक के क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार करेगी।

उन्होंने संसद के दोनों सदनों—लोकसभा और राज्यसभा—से इस गौरवमयी पल को एक स्वर में गौरवान्वित करने का आह्वान किया, ताकि भारत अंतरिक्ष के क्षेत्र में और ऊंचाइयों को छू सके। पीएम मोदी ने भारतीय सेना की ताकत की भी सराहना की।

उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय सेना ने आतंकियों के ठिकानों को 22 मिनट के भीतर नष्ट कर अपनी सैन्य क्षमता का परिचय दिया। यह ऑपरेशन पूरी तरह से स्वदेशी सैन्य उपकरणों के साथ किया गया, जिसने विश्व का ध्यान आकर्षित किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सत्र सैन्य शक्ति के इस विजय उत्सव को समर्पित है, जो देशवासियों और सशस्त्र बलों को प्रेरित करेगा। स्वदेशी रक्षा उपकरणों के निर्माण से न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। प्रधानमंत्री ने देश में शांति और प्रगति के एक साथ बढ़ने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि देश ने आतंकवाद और नक्सलवाद जैसी चुनौतियों का सामना किया है, लेकिन आज नक्सलवाद का दायरा तेजी से सिकुड़ रहा है। सैकड़ों जिले नक्सल प्रभाव से मुक्त हो चुके हैं, और सुरक्षा बलों की तत्परता से यह समस्या जड़ से खत्म होने की दिशा में बढ़ रही है।

पीएम ने गर्व से कहा कि बम, बंदूक और पिस्तौल के सामने भारत का संविधान विजयी हो रहा है। पहले जो क्षेत्र 'रेड कॉरिडोर' के नाम से जाने जाते थे, वे अब 'ग्रीन ग्रोथ जोन' में बदल रहे हैं, जो देश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।

आर्थिक प्रगति पर बोलते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में दसवें स्थान पर था, लेकिन आज यह तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने इस प्रगति को देश की मेहनत और नीतियों का परिणाम बताया।

उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सत्र केवल कानून बनाने का अवसर नहीं, बल्कि देश की प्रगति और गौरव को विश्व पटल पर स्थापित करने का उत्सव है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि इस सत्र का उद्देश्य केवल कानून बनाना नहीं है, बल्कि भारत की प्रगति और गौरव को विश्व मंच पर प्रदर्शित करना है। यह सत्र हमारे देश की वैज्ञानिक उपलब्धियों और सुरक्षा को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस सत्र में क्या खास होगा?
इस सत्र में कृषि, मानसून, और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
पीएम मोदी ने किस विषय पर बात की?
पीएम मोदी ने अंतरिक्ष में तिरंगा लहराने और सेना की ताकत पर बात की।
राष्ट्र प्रेस
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