नॉर्वे के किंग हेराल्ड पंचम के निधन पर भारतीय दूतावास ने जताया गहरा शोक, PM मोदी ने भी दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
नॉर्वे में भारतीय दूतावास ने शुक्रवार, 28 अगस्त को किंग हेराल्ड पंचम के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि उन्हें नॉर्वे के प्रति उनकी निस्वार्थ सेवा, स्नेह और अपनी जनता के प्रति प्रतिबद्धता के लिए सदैव याद किया जाएगा। 89 वर्ष की आयु में ओस्लो यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल रिकशॉस्पिटलेट में उनका निधन हुआ।
भारतीय दूतावास का शोक संदेश
एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए ओस्लो स्थित भारतीय दूतावास ने लिखा, "ओस्लो में भारत का दूतावास नॉर्वे के महामहिम किंग हेराल्ड पंचम के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करता है। महामहिम को नॉर्वे के लिए उनकी निस्वार्थ सेवा और उनके स्नेह, बुद्धिमत्ता और अपनी जनता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए याद किया जाएगा। इस गहरे दुख की घड़ी में हमारी हार्दिक संवेदनाएं शाही परिवार और नॉर्वे की जनता के साथ हैं। ईश्वर महामहिम किंग हेराल्ड पंचम की आत्मा को शांति प्रदान करें।"
PM मोदी की व्यक्तिगत श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक्स पर अपनी संवेदनाएं साझा कीं। उन्होंने लिखा, "नॉर्वे साम्राज्य के महामहिम किंग हेराल्ड पंचम के निधन से गहरा दुख हुआ। मुझे इस साल की शुरुआत में नॉर्वे की अपनी यात्रा के दौरान महामहिम से हुई मुलाकात की सुखद यादें हैं और मैं उनके स्नेह और अपने देश के प्रति सेवा की गहरी भावना से बहुत प्रभावित हुआ था। शाही परिवार और नॉर्वे की जनता के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं।"
गौरतलब है कि मई में नॉर्वे की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान किंग हेराल्ड ने प्रधानमंत्री मोदी को नॉर्वे के सर्वोच्च सम्मान — 'ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट' — से नवाज़ा था।
निधन का विवरण और उत्तराधिकार
नॉर्वे के शाही घराने के आधिकारिक बयान के अनुसार, किंग हेराल्ड पंचम का निधन शुक्रवार सुबह 6:35 बजे (स्थानीय समय) ओस्लो यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल रिकशॉस्पिटलेट में हुआ। वे 89 वर्ष के थे।
नॉर्वे के उत्तराधिकार नियमों के तहत, 53 वर्षीय क्राउन प्रिंस हाकोन तत्काल प्रभाव से गद्दी पर बैठे और देश के नए राजा घोषित हुए।
भारत-नॉर्वे संबंधों पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब भारत और नॉर्वे के बीच द्विपक्षीय संबंध हाल की उच्च-स्तरीय यात्राओं के बाद नई गति पकड़ रहे थे। किंग हेराल्ड पंचम के निधन से एक युग का अंत हुआ है — वे नॉर्वे के दीर्घकालीन राजाओं में से एक थे जिन्होंने देश को आधुनिकता और परंपरा के बीच संतुलन के साथ नेतृत्व दिया। नए राजा हाकोन के नेतृत्व में भारत-नॉर्वे संबंधों की दिशा पर कूटनीतिक हलकों की नज़रें रहेंगी।